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Ghaziabad News: बरसात की उमस से बढ़े त्वचा संक्रमण के मरीज
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गाजियाबाद।
बरसात के मौसम में बढ़ी नमी और उमस से स्किन इंफेक्शन (त्वचा संक्रमण) और मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। आरोग्य मेले में डिहाइड्रेशन, स्किन रैशेज (त्वचा पर लाल चकत्ते), एलर्जी, सिरदर्द और पेटदर्द जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या अधिक रही। इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि हर दस में से छह मरीज गर्मी और नमी के चलते बीमार थे।
आरोग्य मेले के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि इस समय बरसात कम होने से उमस बढ़ गई है। इस कारण से त्वचा संबंधित परेशानी अधिक बढ़ी है। उन्होंने बताया कि मेले में रक्तचाप, मधुमेह, क्षय रोग (टीबी), डेंगू, मलेरिया और एनीमिया की जांच की गई। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत 924 लोगों के डिजिटल हेल्थ कार्ड (आभा) बनाए गए, जबकि 23 नवजात बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र भी जारी किए गए।
966 मरीजों को किया रेफर
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि इलाज के लिए आए गंभीर जांच की जरूरत वाले 966 मरीजों को एमएमजी अस्पताल, संयुक्त जिला अस्पताल और महिला जिला अस्पताल में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन जैसी जांचों के लिए रेफर किया गया। 66 केंद्रों पर 3752 मरीज इलाज कराने पहुंचे थे। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर साठ फीसदी मरीज थे।
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बरसात के मौसम में बढ़ी नमी और उमस से स्किन इंफेक्शन (त्वचा संक्रमण) और मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। आरोग्य मेले में डिहाइड्रेशन, स्किन रैशेज (त्वचा पर लाल चकत्ते), एलर्जी, सिरदर्द और पेटदर्द जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या अधिक रही। इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि हर दस में से छह मरीज गर्मी और नमी के चलते बीमार थे।
आरोग्य मेले के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि इस समय बरसात कम होने से उमस बढ़ गई है। इस कारण से त्वचा संबंधित परेशानी अधिक बढ़ी है। उन्होंने बताया कि मेले में रक्तचाप, मधुमेह, क्षय रोग (टीबी), डेंगू, मलेरिया और एनीमिया की जांच की गई। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत 924 लोगों के डिजिटल हेल्थ कार्ड (आभा) बनाए गए, जबकि 23 नवजात बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र भी जारी किए गए।
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966 मरीजों को किया रेफर
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि इलाज के लिए आए गंभीर जांच की जरूरत वाले 966 मरीजों को एमएमजी अस्पताल, संयुक्त जिला अस्पताल और महिला जिला अस्पताल में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन जैसी जांचों के लिए रेफर किया गया। 66 केंद्रों पर 3752 मरीज इलाज कराने पहुंचे थे। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर साठ फीसदी मरीज थे।
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