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निजी अस्पतालों में हो गंभीर रोगों के मरीजों का इलाज

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jun 2020 04:20 PM IST
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Patients of serious diseases should be treated in private hospitals
ज्ञापन सौंपते प्राइवेट चिकित्सक वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य - फोटो : AMAR UJALA
माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। कोरोना के डर से प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों का इलाज नहीं हो रहा है। जिसके कारण मरीजों की जान तक जा रही है। खोड़ा में गर्भवती महिला को उसका पति प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराने के लिए भटकता रहा। लेकिन किसी ने उसे भर्ती नहीं किया। जिस कारण महिला की जान चली गई। वैश्विक महामारी कोरोना के नाम पर मरीजों के हो रहे इस तरह के उत्पीड़न को लेकर प्राइवेट चिकित्सक वेलफेयर एसोसिएशन ने सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन डीएम को सौंपा। जिसमें एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ बीके शर्मा हनुमान ने कहा कि जब कोई रोगी किसी अस्पताल पहुंचता है तो वहां का स्टाफ उसका उत्पीड़न करता है कि रोगी और उसके तीमारदारों का मनोबल गिर जाता है। रोगी और उसके परिजन सदमे में आ जाते हैं। अभी हाल ही में खोड़ा की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह काफी चिंताजनक है। एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष बीके शर्मा हनुमान ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि किसी भी बीमारी से ग्रसित रोगी को निजी या सरकारी अस्पताल में भर्ती करने के आदेश जारी किए जाएं। अगर कोरोना का संदेह है तो उसकी तत्काल जांच कराई जाए और रिपोर्ट जल्द से जल्द मंगाई जाए ताकि उसके इलाज में कोताही ना हो कोरोना ना होने पर भी रोगी को उपचार मिला सकें। अगर कोई अस्पताल इसका उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए।
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