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Ghaziabad News: एमएमजी अस्पताल में 16 दिन से हड्डी रोगों के ऑपरेशन ठप
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गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में पिछले 16 दिनों से हड्डी रोग विभाग के ऑपरेशन पूरी तरह बंद पड़े हैं। वजह यह है कि अस्पताल के दोनों हड्डी रोग विशेषज्ञों की ड्यूटी पुलिस लाइन में लगाई गई है। इससे ऑपरेशन थिएटर में कार्य प्रभावित हो गया है और गंभीर रूप से घायल या ऑपरेशन की जरूरत वाले मरीजों को अस्पताल से वापस लौटाया जा रहा है।
हालांकि ओपीडी में मरीजों का इलाज संयुक्त जिला अस्पताल से आए हड्डी रोग विशेषज्ञ कर रहे हैं, लेकिन सिर्फ दवाइयों और सामान्य इलाज तक ही सीमित रहकर यह सेवा दी जा रही है। हड्डी टूटने, फ्रैक्चर, जोड़ प्रत्यारोपण या किसी अन्य जटिल हड्डी संबंधित सर्जरी के लिए आने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एमएमजी अस्पताल में हड्डी रोग विभाग में हर दिन दर्जनों मरीज ऑपरेशन के लिए आते हैं। इनमें सड़क दुर्घटना, बुजुर्गों के गिरने से लगी चोटें, खेल या अन्य गतिविधियों के दौरान लगी गंभीर चोटों के केस होते हैं। लेकिन अब ऑपरेशन की सुविधा बंद होने से इन्हें निजी अस्पतालों या दूसरे सरकारी संस्थानों की ओर रुख करना पड़ रहा है, जहां समय और खर्च दोनों ज्यादा लगते हैं।
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अस्पताल प्रशासन ने स्थिति की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को भेज दी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। यह स्थिति पुलिस लाइन में पुलिस भर्ती मेडिकल जारी रहने तक बनी रहेगी। इससे पहले भी कई बार इस तरह की समस्याएं सामने आई हैं, जब किसी विभाग के चिकित्सकों की ड्यूटी मेडिकल बोर्ड, वीआईपी ड्यूटी या अन्य सरकारी आयोजनों में लगा दी जाती है, जिससे नियमित मरीजों की सेवा बाधित होती है।
सड़क दुर्घटना में घायल को किया वापस
विजय नगर निवासी राकेश नोएडा जाते समय मोटरसाइकिल से गिरकर घायल हो गए। परिजन उन्हें एमएमजी अस्पताल ले आए, लेकिन उन्हें यह कहकर वापस कर दिया गया कि डॉक्टर नहीं हैं, इसलिए कहीं बाहर ऑपरेशन करवा लो।
बाथरूम में गिरने से घायल बुजुर्ग को नहीं मिला इलाज
नंदग्राम निवासी संगीता के बाथरूम में गिरने से बाएं पैर में फ्रैक्चर हो गया। डॉक्टर ने एक्स-रे जांच के बाद उन्हें पैर का ऑपरेशन करवा कर रॉड डलवाने की सलाह दी, खर्च 65 हजार बताया। इसके बाद परिजन उन्हें एमएमजी अस्पताल ले गए। वहां पर बताया गया कि डॉक्टर नहीं हैं, कहीं और ले जाओ। बाद में परिजन जीटीबी ले गए।
शुरू कराया जाएगा ऑपरेशन
एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि अस्पताल में ओपीडी में मरीजों का इलाज और प्लास्टर कराया जा रहा है। बड़े ऑपरेशन बंद हैं, जल्द ही ऑपरेशन शुरू कराए जाएंगे।
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हालांकि ओपीडी में मरीजों का इलाज संयुक्त जिला अस्पताल से आए हड्डी रोग विशेषज्ञ कर रहे हैं, लेकिन सिर्फ दवाइयों और सामान्य इलाज तक ही सीमित रहकर यह सेवा दी जा रही है। हड्डी टूटने, फ्रैक्चर, जोड़ प्रत्यारोपण या किसी अन्य जटिल हड्डी संबंधित सर्जरी के लिए आने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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एमएमजी अस्पताल में हड्डी रोग विभाग में हर दिन दर्जनों मरीज ऑपरेशन के लिए आते हैं। इनमें सड़क दुर्घटना, बुजुर्गों के गिरने से लगी चोटें, खेल या अन्य गतिविधियों के दौरान लगी गंभीर चोटों के केस होते हैं। लेकिन अब ऑपरेशन की सुविधा बंद होने से इन्हें निजी अस्पतालों या दूसरे सरकारी संस्थानों की ओर रुख करना पड़ रहा है, जहां समय और खर्च दोनों ज्यादा लगते हैं।
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अस्पताल प्रशासन ने स्थिति की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को भेज दी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। यह स्थिति पुलिस लाइन में पुलिस भर्ती मेडिकल जारी रहने तक बनी रहेगी। इससे पहले भी कई बार इस तरह की समस्याएं सामने आई हैं, जब किसी विभाग के चिकित्सकों की ड्यूटी मेडिकल बोर्ड, वीआईपी ड्यूटी या अन्य सरकारी आयोजनों में लगा दी जाती है, जिससे नियमित मरीजों की सेवा बाधित होती है।
सड़क दुर्घटना में घायल को किया वापस
विजय नगर निवासी राकेश नोएडा जाते समय मोटरसाइकिल से गिरकर घायल हो गए। परिजन उन्हें एमएमजी अस्पताल ले आए, लेकिन उन्हें यह कहकर वापस कर दिया गया कि डॉक्टर नहीं हैं, इसलिए कहीं बाहर ऑपरेशन करवा लो।
बाथरूम में गिरने से घायल बुजुर्ग को नहीं मिला इलाज
नंदग्राम निवासी संगीता के बाथरूम में गिरने से बाएं पैर में फ्रैक्चर हो गया। डॉक्टर ने एक्स-रे जांच के बाद उन्हें पैर का ऑपरेशन करवा कर रॉड डलवाने की सलाह दी, खर्च 65 हजार बताया। इसके बाद परिजन उन्हें एमएमजी अस्पताल ले गए। वहां पर बताया गया कि डॉक्टर नहीं हैं, कहीं और ले जाओ। बाद में परिजन जीटीबी ले गए।
शुरू कराया जाएगा ऑपरेशन
एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि अस्पताल में ओपीडी में मरीजों का इलाज और प्लास्टर कराया जा रहा है। बड़े ऑपरेशन बंद हैं, जल्द ही ऑपरेशन शुरू कराए जाएंगे।