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Ghaziabad News: गाजियाबाद से 16 चुनाव में सिर्फ दो मुस्लिम ही पहुंच सके संसद
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गाजियाबाद लोकसभा सीट पर 1957 से 2019 तक हुए 16 चुनाव में सिर्फ दो ही मुस्लिम उम्मीदवारों को जीत नसीब हो पाई है। इनमें से एक हैं कुंवर महमूद अली, जो भारतीय लोकदल से सांसद बने। दूसरे हैं अनवर। उन्हें जनता पार्टी ( सेक्युलर ) ने उतारा था। बसपा ने सबसे ज्यादा मुस्लिम उम्मीदवार उतारे लेकिन जीत एक भी नहीं पाया। सपा ने पश्चिम यूपी में आसपास की सीटों पर तो मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं, लेकिन कभी गाजियाबाद में टिकट नहीं दिया। इसी तरह कांग्रेस ने यहां कभी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया। कुंवर महमूद अली इमरजेंसी के बाद 1977 में हुए चुनाव में जीते थे। वह पहले मुस्लिम सांसद बने। उस समय सीट हापुड़-गाजियाबाद नाम से थी। उन्होंने 2,68,074 ( 62.97 प्रतिशत ) वोट लेकर कांग्रेस के बुद्ध प्रिय मौर्य को हराया था। मौर्य को 1,32,677 ( 31.17 प्रतिशत) वोट मिले थे।
इसके बाद 1980 में जनता पार्टी ( सेक्युलर) के टिकट पर अनवर सांसद बने। उन्होंने 1,51,659 (37 प्रतिशत ) वोट लेकर कांग्रेस के प्रेम मोहन को हराया था। प्रेम मोहन को 1,46,257 ( 35.68 प्रतिशत ) वोट मिले थे। 1980 के बाद से 2019 तक 39 साल में कोई मुस्लिम उम्मीदवार जीत नहीं पाया।
प्रमुख मुस्लिम उम्मीदवार
000 2014 में आम आदमी पार्टी ने शाजिया इल्मी को उतारा। उन्हें 89,147 वोट मिले। छठे स्थान पर रहीं। जीत भाजपा के वीके सिंह को मिली।
000 2004 में बसपा के टिकट पर लड़े कुंवर अय्यूब अली को 1,80,063 वोट मिले। तीसरे स्थान पर रहे। जीत मिली थी कांग्रेस के सुरेंद्र प्रकाश गोयल को।
000 1999 में बसपा ने खालिद को मैदान में उतारा। वोट मिले 1,93,221 जो कुल पड़े वोट के 26.70 प्रतिशत थे। तीसरे स्थान पर रहे। जीत मिला भाजपा के रमेश चंद तोमर को।
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000 1998 में बसपा ने मौहम्मद उमर को टिकट दिया था। तीसरे स्थान पर रहे। वोट मिले 1,56,595। जीत मिली थी भाजपा के रमेश चंद तोमर को।
000 1996 में बसपा के अनवर अहमद को 1,16,194 वोट मिले, जो कुल पड़े वोट के 18.49 फीसदी थे। जीत भाजपा के रमेश चंद तोमर को मिली।
000 1991 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े मशाहिद अली की जमानत जब्त हुई। 12 वें स्थान पर रहकर उन्हें सिर्फ 487 वोट मिले थे। इसी चुनाव में रमेश चंद तोमर की जीत से भाजपा का खाता खुला था।
000 1989 में बसपा उम्मीदवार सुलेमान खान पांचवे स्थान पर रहे। उनकी भी जमानत नहीं बची। सिर्फ 4492 वोट मिले। निर्दलीय अनवर को उनसे ज्यादा 25,491 वोट मिले थे। जीत जनता दल के केसी त्यागी की हुई थी।
000 1962 में निर्दलीय मैदान में उतरे नसीम अहमद 53,366 ( 22.72 प्रतिशत) वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे। उन्हें कांग्रेस की कमला चौधरी ने 81,999 ( 34.90 प्रतिशत) वोट लेकर हराया।
14 फीसदी से ज्यादा हैं मुस्लिम
2011 की जनगणना के अनुसार गाजियाबाद जनपद में हिंदू 82.50, मुस्लिम 14.18, ईसाई 0.78, जैन 0.71, सिख 0.96 और बैद्ध 0.15 प्रतिशत हैं। बसपा ने दलित-मुस्लिम समीकरण बनाने का प्रयास किया लेकिन यह पूरी तरह से सफल नहीं हो सका।
दादा के बाद पोता भी सांसद
कुंवर महमूद अली डासना सीट से विधायक रहे। पहले डासना विधान सभा सीट थी। इसके बाद हापुड़ लोकसभा सीट से सांसद बने। अमरोहा से 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर जीते कुंवर दानिश अली उनके पोते हैं। इस बार दानिश कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे हैं।
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इसके बाद 1980 में जनता पार्टी ( सेक्युलर) के टिकट पर अनवर सांसद बने। उन्होंने 1,51,659 (37 प्रतिशत ) वोट लेकर कांग्रेस के प्रेम मोहन को हराया था। प्रेम मोहन को 1,46,257 ( 35.68 प्रतिशत ) वोट मिले थे। 1980 के बाद से 2019 तक 39 साल में कोई मुस्लिम उम्मीदवार जीत नहीं पाया।
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प्रमुख मुस्लिम उम्मीदवार
000 2014 में आम आदमी पार्टी ने शाजिया इल्मी को उतारा। उन्हें 89,147 वोट मिले। छठे स्थान पर रहीं। जीत भाजपा के वीके सिंह को मिली।
000 2004 में बसपा के टिकट पर लड़े कुंवर अय्यूब अली को 1,80,063 वोट मिले। तीसरे स्थान पर रहे। जीत मिली थी कांग्रेस के सुरेंद्र प्रकाश गोयल को।
000 1999 में बसपा ने खालिद को मैदान में उतारा। वोट मिले 1,93,221 जो कुल पड़े वोट के 26.70 प्रतिशत थे। तीसरे स्थान पर रहे। जीत मिला भाजपा के रमेश चंद तोमर को।
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000 1998 में बसपा ने मौहम्मद उमर को टिकट दिया था। तीसरे स्थान पर रहे। वोट मिले 1,56,595। जीत मिली थी भाजपा के रमेश चंद तोमर को।
000 1996 में बसपा के अनवर अहमद को 1,16,194 वोट मिले, जो कुल पड़े वोट के 18.49 फीसदी थे। जीत भाजपा के रमेश चंद तोमर को मिली।
000 1991 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े मशाहिद अली की जमानत जब्त हुई। 12 वें स्थान पर रहकर उन्हें सिर्फ 487 वोट मिले थे। इसी चुनाव में रमेश चंद तोमर की जीत से भाजपा का खाता खुला था।
000 1989 में बसपा उम्मीदवार सुलेमान खान पांचवे स्थान पर रहे। उनकी भी जमानत नहीं बची। सिर्फ 4492 वोट मिले। निर्दलीय अनवर को उनसे ज्यादा 25,491 वोट मिले थे। जीत जनता दल के केसी त्यागी की हुई थी।
000 1962 में निर्दलीय मैदान में उतरे नसीम अहमद 53,366 ( 22.72 प्रतिशत) वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे। उन्हें कांग्रेस की कमला चौधरी ने 81,999 ( 34.90 प्रतिशत) वोट लेकर हराया।
14 फीसदी से ज्यादा हैं मुस्लिम
2011 की जनगणना के अनुसार गाजियाबाद जनपद में हिंदू 82.50, मुस्लिम 14.18, ईसाई 0.78, जैन 0.71, सिख 0.96 और बैद्ध 0.15 प्रतिशत हैं। बसपा ने दलित-मुस्लिम समीकरण बनाने का प्रयास किया लेकिन यह पूरी तरह से सफल नहीं हो सका।
दादा के बाद पोता भी सांसद
कुंवर महमूद अली डासना सीट से विधायक रहे। पहले डासना विधान सभा सीट थी। इसके बाद हापुड़ लोकसभा सीट से सांसद बने। अमरोहा से 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर जीते कुंवर दानिश अली उनके पोते हैं। इस बार दानिश कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे हैं।