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नोएडा-टीएचए-दिल्ली का बनेगा मेट्रो रिंग
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 21 Apr 2016 12:10 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सेक्टर-62 रूट का सीआईएसएफ तक विस्तार करने के फैसले से दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के बीच मेट्रो रिंग बन जाएगा। मेट्रो से तीनों शहरों के यात्रियों का सफर आसान हो जाएगा। ऐसा होने से गाजियाबाद की सड़कों से करीब 500 वाहन भी कम होंगे।
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इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा। वायु और ध्वनि प्रदूषण से भी राहत मिलेगी। यमुना बैंक से सिटी सेंटर तक मेट्रो पहले से चल रही है। सिटी सेंटर से आगे सेक्टर-62 तक विस्तार करने के लिए मेट्रो रूट का निर्माण भी चल रहा है। करीब 20 फीसदी काम भी पूरा हो चुका है।
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इसका आखिरी छोर इलेक्ट्रॉनिक सिटी होगा। उधर, यमुना बैंक से वैशाली तक मेट्रो चल रही है। वैशाली से इसका विस्तार वसुंधरा होते हुए मोहन नगर तक करने की योजना है। उधर, इंदिरापुरम से भी वसुंधरा होते हुए मोहन नगर तक मेट्रो रूट के निर्माण का प्लान है।
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ऐसे में सिर्फ नोएडा सेक्टर-62 से सीआईएसएफ कैंप के पास तक मेट्रो बन जाने से मेट्रो का रिंग बन जाएगा। इससे ट्रांस हिंडन, नोएडा और दिल्ली के बीच सफर करने वालों को मेट्रो से नीचे उतर कर किसी और वाहन से सफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इस रिंग के बनने में थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। क्योंकि सिटी सेंटर से सेक्टर-62 तक की मेट्रो 2018 में दौड़ने लगेगी, मगर सेक्टर-62 से सीआईएसएफ तक की मेट्रो का डीपीआर बनेगा। उसके बाद ही पता चल सकेगा कि इतने से रूट को बनाने में कितना वक्त लगेगा।
वहीं, इंदिरापुरम से वसुंधरा होते हुए मोहननगर तक की लाइन को बनने में ज्यादा वक्त लग सकता है। इस रूट को भी दूसरे चरण में रखा गया है। जानकार मेट्रो रिंग के लिए करीब पांच साल तक इंतजार करने की बात कह रहे हैं।
मेट्रो का मेन जंक्शन होगा मोहन नगर
नोएडा के सेक्टर-71 और बॉटेनिक गार्डन की तरह मोहन नगर भी मेट्रो का मुख्य जंक्शन होगा। दिलशाद गार्डन से मोहन नगर होते हुए नया बस अड्डा तक मेट्रो का काम चल रहा है। अगले साल दिसंबर में पूरा होने की उम्मीद है।
वैशाली से वसुंधरा होते हुए मोहन नगर और इंदिरापुरम से वसुंधरा होते हुए मोहन नगर तक की मेट्रो का प्लान है। इस लिहाज से मोहन नगर आने वाले दिनों में तीन मेट्रो रूटों का जंक्शन होगा।
दो लाख लोग करते हैं रोजाना सफर
ट्रैफिक पुलिस केअनुमान के मुताबिक नोएडा और ट्रांस हिंडन एरिया (वैशाली, वसुंधरा, इंदिरापुरम और आसपास) से रोजाना करीब दो लाख लोग एनएच-24 को पार करते हैं। छिजारसी कट और एनआईबी चौकी के अलावा तीन छोटे अंडरपास से दोनों शहरों के लोग आते-जाते हैं।
सेक्टर-62 मॉडल टाउन पर बड़ा अंडरपास निर्माणाधीन है। इसके बावजूद ट्रैफिक लोड अधिक होने के कारण एनएच-24 पर आए दिन जाम लगता रहता है। नोएडा और इंदिरापुरम केबीच मेट्रो की कनेक्टिविटी से एनएच-24 की भीड़ भी कम हो जाएगी।
सड़क से कम होंगे 700 से अधिक वाहन
दिलशाद गार्डन-नया बस अड्डा मेट्रो जीटी रोड से करीब 700 वाहनों का दबाव खत्म कर देगी। डीएमआरसी की डीपीआर में इस बात का अनुमान लगाया गया है। ऐसा होने से सालाना 50 करोड़ से अधिक मूल्य के ईंधन की बचत होगी।
शहरवासियों को वायु और ध्वनि प्रदूषण से भी खासी राहत मिलेगी। इन वाहनों में बसों से लेकर कारें तक शामिल हैं। इंदिरापुरम तक मेट्रो विस्तार से नोएडा-दिल्ली आने-जाने वालों को वाहन ले जाने की जरूरत नहीं होगी। इस रूट पर मेट्रो विस्तार के बाद करीब 500 से 700 वाहनों के दबाव से राहत मिल सकती है।