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Ghaziabad News: खेती की जमीन नहीं, 35 गज के मकान में रहता है 8.06 करोड़ के नोटिस मिलने वाले मजदूर
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गुलावठी। गांव बराल निवासी जिन दो मजदूरों को आयकर विभाग ने 13.06 करोड़ रुपये का कर चुकाने के लिए नोटिस दिया है, उनके पास न तो खेती की जमीन है और न ही आय का कोई ठोस साधन। हालात यह है कि दोनों मजदूर 50 और 150 वर्ग गज के मकान में रहकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। आयकर विभाग का नोटिस मिलने के बाद दोनों मजदूर और उनके परिजन कर्ज चुकाने की फिक्र में न तो ठीक से खा रहे हैं और न ही रात में सो रहे हैं।
गांव बराल निवासी अंकुर और दिनेश को आयकर विभाग ने 13.06 करोड़ रुपये की कर चोरी का नोटिस दिया था। साथ ही नोटिस जारी करते हुए तत्काल कर की धनराशि जमा कराने के निर्देश दिए थे। आयकर विभाग का नोटिस मिलने के बाद दोनों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर आरोप लगाया कि उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए फर्जी तरीके से कंपनी बनाकर व्यापार किया गया है। दोनों मजदूरों की शिकायत पर एसएसपी ने सीओ सिकंदराबाद को जांच के निर्देश दिए थे। अंकुर ने बताया कि वह और उसके पिता मंगू मजदूरी कर अपना परिवार चला रहा है। गांव में 35 गज के मकान में रहता है और न ही उसके पास कृषि योग्य भूमि है। अंकुर ने बताया कि आठ करोड़ रुपये की कर चोरी का नोटिस मिलने के बाद उसके परिजनों का भी सोच-सोचकर बुरा हाल है। साथ ही 90 वर्षीय दादी रामेश्वरी की तबीयत भी खराब होने लगी है।
150 गज के मकान में रहता है दिनेश
आयकर विभाग की ओर से दिनेश को पांच करोड़ रुपये की कर चोरी का नोटिस जारी किया गया है। दिनेश ने बताया कि वह अपने पिता टीकम सिंह के साथ आसपास के गांवों में मजदूरी करते हैं। उनके पास कृषि योग्य भी जमीन नहीं है। बताया कि जब से आयकर विभाग की ओर से कर चोरी का नोटिस मिला है तब से उसके घर पर लोगों का आवागमन बढ़ गया है। कर चोरी के आरोप लगाने के बाद उसके साथ परिजनों की भी नींद गायब हो गई है। पीड़ित ने एसएसपी से मांग की कि दस्तावेजों का फर्जीवाड़ा कर प्रयोग करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पीड़ित ने भरोसा जताया कि पुलिस उन्हें न्याय दिलाएगी।
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गांव बराल निवासी अंकुर और दिनेश को आयकर विभाग ने 13.06 करोड़ रुपये की कर चोरी का नोटिस दिया था। साथ ही नोटिस जारी करते हुए तत्काल कर की धनराशि जमा कराने के निर्देश दिए थे। आयकर विभाग का नोटिस मिलने के बाद दोनों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर आरोप लगाया कि उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए फर्जी तरीके से कंपनी बनाकर व्यापार किया गया है। दोनों मजदूरों की शिकायत पर एसएसपी ने सीओ सिकंदराबाद को जांच के निर्देश दिए थे। अंकुर ने बताया कि वह और उसके पिता मंगू मजदूरी कर अपना परिवार चला रहा है। गांव में 35 गज के मकान में रहता है और न ही उसके पास कृषि योग्य भूमि है। अंकुर ने बताया कि आठ करोड़ रुपये की कर चोरी का नोटिस मिलने के बाद उसके परिजनों का भी सोच-सोचकर बुरा हाल है। साथ ही 90 वर्षीय दादी रामेश्वरी की तबीयत भी खराब होने लगी है।
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150 गज के मकान में रहता है दिनेश
आयकर विभाग की ओर से दिनेश को पांच करोड़ रुपये की कर चोरी का नोटिस जारी किया गया है। दिनेश ने बताया कि वह अपने पिता टीकम सिंह के साथ आसपास के गांवों में मजदूरी करते हैं। उनके पास कृषि योग्य भी जमीन नहीं है। बताया कि जब से आयकर विभाग की ओर से कर चोरी का नोटिस मिला है तब से उसके घर पर लोगों का आवागमन बढ़ गया है। कर चोरी के आरोप लगाने के बाद उसके साथ परिजनों की भी नींद गायब हो गई है। पीड़ित ने एसएसपी से मांग की कि दस्तावेजों का फर्जीवाड़ा कर प्रयोग करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पीड़ित ने भरोसा जताया कि पुलिस उन्हें न्याय दिलाएगी।
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