{"_id":"690091cd90379ccd930d0099","slug":"nine-year-old-boy-dies-after-falling-into-a-gutter-prince-went-missing-while-playing-in-ghaziabad-2025-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad: गटर में गिरने से नौ साल के बच्चे की मौत, खेलते समय लापता हो गया था प्रिंस, परिजनों में पसरा मातम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad: गटर में गिरने से नौ साल के बच्चे की मौत, खेलते समय लापता हो गया था प्रिंस, परिजनों में पसरा मातम
Tue, 28 Oct 2025 03:36 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 28 Oct 2025 03:36 PM IST
सार
गाजियाबाद के मुरादनगर में दरगाह इलाके में एक नवनिर्मित शौचालय के 9 फीट गहरे गटर में गिरने से 9 वर्षीय बच्चे प्रिंस की मौत हो गई। बच्चा खेलते हुए लापता हो गया था, जिसके बाद शव गटर से बरामद किया गया।
विज्ञापन
मौके पर पुलिस और स्थानीय लोग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गाजियाबाद के मुरादनगर में दरगाह इलाके में एक नवनिर्मित शौचालय के 9 फीट गहरे गटर में गिरने से 9 वर्षीय बच्चे प्रिंस की मौत हो गई। बच्चा खेलते हुए लापता हो गया था, जिसके बाद शव गटर से बरामद किया गया। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने नगर पालिका परिषद पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, सोनू का 9 वर्षीय बेटा प्रिंस खेलते समय अचानक लापता हो गया था। घंटों की तलाश के बाद, परिवार और ग्रामीणों को नवनिर्मित शौचालय के गटर पर संदेह हुआ। गटर से 1-2 फीट गंदा पानी निकालने के बाद प्रिंस का शव मिला। परिजन तुरंत उसे गाजियाबाद के एक अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
स्थानीय लोगों के अनुसार, नवनिर्मित शौचालय के गटर पर सीमेंट का ढक्कन नहीं था, जिससे 9 फीट गहरा गड्ढा खुला पड़ा था। इसी लापरवाही के कारण प्रिंस उसमें गिर गया। लोगों ने नगर पालिका पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए भारी आक्रोश व्यक्त किया है।
विज्ञापन
यह मुरादनगर नगर पालिका परिषद की पहली ऐसी लापरवाही नहीं है। इससे पहले 2021 और 2023 में भी इसी तरह की घटनाओं में मासूम बच्चों की जान जा चुकी है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।