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नेताजी! संभलकर आएं, अब लिखकर लेंगे और जवाब भी मांगेंगे

Sun, 29 Jan 2017 12:02 AM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद Updated Sun, 29 Jan 2017 12:02 AM IST
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Netaji! Tightrope right now, will write and ask for answers
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बस बहुत हो गया। ‘माननीय दिखते नहीं, अफसर मिलते नहीं’ यह दर्द अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे। सिर्फ वादों पर अब वोट नहीं देंगे। लिखकर लेंगे और जवाब भी मांगेंगे। माननीय को अब पांच साल तक जनता के बीच रहकर काम करना होगा।

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जाम, अतिक्रमण, खस्ताहाल सड़कें, सीवर और पेयजल से जुड़ी समस्याओं के समाधान के साथ महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे पर जवाबदेही तय करनी होगी। वोट उसी को देंगे, जो इन मुद्दों को संजीदगी से लेगा और जनता के साथ खड़ा रहेगा।
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अमर उजाला ने शनिवार को मंच दिया तो शहर के आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने खुलकर अपनी बात रखी। साथ ही कहा कि विधानसभा चुनाव में खडे़ प्रत्याशी अगर वोट मांगने आएं तो इस बात के लिए तैयार होकर आएं कि उन्हें हमारे सवालों का सामना करना होगा।
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बताना होगा कि अगर वह पहले विधायक रहे हैं तो जनता और क्षेत्र के विकास के लिए क्या-क्या किया और विधायक बनने पर अगले पांच साल का क्षेत्र के विकास का क्या एजेंडा है। और इसे मौखिक नहीं बल्कि लिखकर देना होगा। ‘सच का सामना’ करने वाले को ही वोट देंगे।

नए प्रत्याशियों का बैक ग्राउंड देखेंगे। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना विजन और बेहतर बैकग्राउंड के वोटों की उम्मीद लगाए नेताजी को मुंह की खानी पड़ेगी।
 
शहर की प्रमुख समस्याएं
- सड़कों का जाम और अतिक्रमण
- पिछले 40 वर्षों में भी लाइनपार क्षेत्र से गाजियाबाद सिटी कनेक्टिविटी का न होना

- लाइनपार क्षेत्र में अब तक किसी प्रत्याशी ने नहीं बनवाया अस्पताल और सरकारी इंटर और डिग्री कालेज
- प्रताप विहार में गंगाजल प्लांट लेकिन विजयनगर को ही नहीं मिलता गंगाजल

- क्रासिंग्स रिपब्लिक में हो रहा भूजल दोहन, अब तक नहीं बन पाई गंगाजल सप्लाई की व्यवस्था
- बढ़ता वायु प्रदूषण बच्चों के  भविष्य को कर रहा असुरक्षित, इससे निपटने को अब तक नहीं है कोई प्लानिंग

- क्रासिंग्स से नोएडा तक के लिए रास्ता न होने की वजह से होती है परेशानी

आरडब्ल्यूए के सुझाव
- शहर को जाम मुक्त करने के लिए चलाई जाएं 200 सीएनजी सिटी बसें
- क्राइम पर कंट्रोल के लिए शहर के  चौक-चौराहों पर लगाए जाएं चार हजार सीसीटीवी कैमरे

- शहर में श्रमिकों को लाभ पहुंचाने के लिए श्रम विभाग शहर के 13 लेबर अड्डों पर कैंप लगाकर कर सकता है पंजीकरण
- टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक कर निकाला जा सकता है वेंडर्स की समस्याओं का हल

- पहले से शहर में प्रस्तावित कबाड़ी बाजार और ट्रांसपोर्ट नगर बसे तो सुधर सकती है व्यवस्था
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कोट्स
हमें ऐसा विधायक चाहिए जो हमारी परेशानी में हमारे साथ खड़ा रहे और निगम अथवा प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाकर शहर को स्वच्छ और सुरक्षित रख सके।
- कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी

प्रत्याशी का व्यक्तिगत व्यवहार जानना जरूरी है। जो आज हमसे वोट मांग रहे हैं, पहले उन्होंने क्या किया है, यह जानकर ही वोट करेंगे।
- सुभाष शर्मा

कई बार विधायक यह कहकर निकल जाता है कि उसकी सरकार नहीं इसलिए काम नहीं हो पा रहा। ऐसे में तो निर्दलीय प्रत्याशी को चुनना ही बेहतर रहेगा।
- पराग चौधरी, शालीमार गार्डन

हम ऐसा विधायक चुनें, जिसका बैकग्राउंड बेहतर हो और कम से कम उसके पास विकास का विजन हो। बिना विजन और एजेंडे के शहर और प्रदेश का विकास नहीं होगा।
- प्रेम शंकर सिंह वसुंधरा जोन
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समस्याएं तब तक बनी रहेंगी जब तक हम बाहरी लोगों को चुनेंगे। हमारी समस्याएं हमारे बीच का ही व्यक्ति समझ सकता है।
-गोपाल माहेश्वरी, नेहरू नगर
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यहां तो नेता ही एक पार्टी में टिके नहीं रहते फिर वह हमारे बीच कैसे रह सकते हैं। ऐसे में हमें बहुत सोच समझ कर इस बार विधायक चुनना होगा।
- अनुरंजना त्यागी, पार्श्वनाथ
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जो लोग राजनीति को अपने हित के लिए व्यवसाय बनाएंगे, वो जनहित में काम नहीं कर सकते। हमें ऐसे विधायक का चुनाव करना होगा जो जनता और क्षेत्र के विकास के बारे में सोचे।
- गिरीश सारस्वत, राजनगर एक्सटेंशन

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लाइनपार क्षेत्र जहां शहर के  सबसे ज्यादा मतदाता रहते हैं, वहां आज तक अस्पताल और डिग्री कालेज नहीं बन सका है। हमारा विधायक वही बनेगा जो हमारे हित के बारे में सोचेगा।
- आरके आर्या, विजयनगर

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हर कोई अपने वोट बैंक के लिए काम कर रहा है, ऐसे में इस बार हम लिखित में वादा लेकर ही वोट डालेंगे और विधायक को अपने वादों पर जवाब देना होगा।
- प्रमोद धनकड़, राजनगर एक्सटेंशन


पिछले पांच वर्षों में गोविंदपुरम और गौड़ होम्स के लोग अपने विधायक का चेहरा देखने को तरस गए। इस बार प्रत्याशियों से लिखित में वादा लिया जाएगा, ताकि बाद में उस आधार पर बात हो।
- अतुल त्यागी, गौड़ होम्स

पिछलें पांच वर्षो में जनप्रतिनिधि से जब कोई शिकायत की जाती है तो समाधान कराने की बजाय उनका जवाब होता है कि क्रासिंग्स तो सिंगापुर जैसा है। ऐसे में नोटा का प्रयोग किया जा सकता है।
- क्षितिज सिंघल, क्रासिंग्स रिपब्लिक
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 एनएच-24 जिसका उद्घाटन पीएम ने खुद किया, उसका भी अब तक टेंडर नहीं होना शर्म की बात है। जो प्रत्याशी जाम से मुक्ति दिलाएगा, उसी को वोट देंगे।
- कुलदीप  दुबे, क्रासिंग्स रिपब्लिक

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 हमारे पास वोट मांगने आने वाले प्रत्याशियों को हम आइना दिखाने वाले हैं। झांसे में न आकर हम उनसे स्पष्ट पूछेंगे कि  वे क्या कर सकते हैं, क्रासिंग्स रेजिडेंट्स के लिए। उसके बाद ही वोट पर विचार किया जाएगा।
- तरुण चौहान, क्रासिंग्स रिपब्लिक
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हम चाहते हैं कि लोगों की मूलभूत समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने वाला नेता विधायक बने। हमें ऐसा विधायक नहीं चाहिए जो पांच साल तक अपने क्षेत्र में दिखे ही नहीं।

- संध्या त्यागी, आर्य नगर
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थोपे हुए बाहरी प्रत्याशी का विरोध करते हुए अपने बीच के ऐसे व्यक्ति को चुनना होगा, जिसे हमारी समस्याएं मालूम हैं और वह हमारी समस्या को विधानसभा में उठाकर उनका समाधान कराए।
- आरसी सिंह, क्रासिंग्स रिपब्लिक

हमें वोट करने से पहले किसी प्रत्याशी से अपना व्यक्तिगत हित देखने से पहले यह देखना होगा कि वह जनहित में कितना काम करता है।
- अजित निगम, अशोक नगर
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समस्याओं के अंबार से जो नेता हमें निकालेगा और इससे पहले उसने हमारे और शहर के लिए क्या किया है, उसके बारे में विचार किया जाएगा।
- सरफराज सैफी, गरिमा गार्डन

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