सुशांत सह न सका अत्याचार: पड़ोसी जीने नहीं दे रहे... लिखकर खा लिया जहर, घर से निकलना भी हो गया था दुश्वार
थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए राजकुमारी ने बताया कि मुरादनगर के असालतनगर का सुशांत कुमार उनके पास पिछले छह साल से रहता था। सुशांत व उनके बीच गुरु व शिष्य वाला रिश्ता था। उनके पड़ोसी सरदारजी, श्रवण यादव, श्रवण के बेटे उनको लंबे समय से परेशान करते आ रहे थे।
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यूपी के गाजियाबाद स्थित कविनगर में परिचित बुजुर्ग महिला राजकुमारी शर्मा (69) के पास रह रहे 49 वर्षीय व्यक्ति सुशांत ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। पुलिस के मुताबिक, व्यक्ति का कमरे में सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने पड़ोसियों पर जीने नहीं देने का आरोप लगाया। मामले में राजकुमारी की शिकायत पर पुलिस ने सरदारजी, श्रवण यादव व उसके बेटों के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर जांच शुरू कर दी।
थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए राजकुमारी ने बताया कि मुरादनगर के असालतनगर का सुशांत कुमार उनके पास पिछले छह साल से रहता था। सुशांत व उनके बीच गुरु व शिष्य वाला रिश्ता था। उनके पड़ोसी सरदारजी, श्रवण यादव, श्रवण के बेटे उनको लंबे समय से परेशान करते आ रहे थे। आरोपी उनके घर में तरह-तरह की गैस छोड़ते थे और कई बार उनके घर में केमिकल का छिड़काव कर दिया। हाल में छत पर चढ़कर तोड़फोड़ कर दी। आरोपियों ने उनका घर से निकलना भी दुश्वार कर दिया था।
इसी बात से सुशांत परेशान हो गया और उसने जहर खा लिया। जहर खाने के बाद सुशांत ने राजकुमारी के पैर छुए और कहा कि वह उनके आखिरी बार पैर छू रहा है। उपचार के लिए वह उनको लेकर अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने सुशांत को मृत घोषित कर दिया।
सुशांत के कमरे में पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने पड़ोसियों के बारे में लिखा कि वह उनको जीने नहीं दे रहे हैं। इससे ज्यादा वह बर्दाश्त नहीं कर सकता इसलिए वह आत्महत्या कर रहा है। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया। एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि सुसाइड नोट की जांच कराई जाएगी। विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित होगी।