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लापरवाही : आवंटित भूखंड पर बनने लगे भवन, नहीं हटाई हाइटेंशन लाइन
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मधुबन बापूधाम में हाईटेंशन लाइन के नीचे बनते मकान। संवाद
- फोटो : reasi news
गाजियाबाद। सात पॉकेटों में बंटी जीडीए की मधुबन- बापूधाम आवासीय योजना के आवंटी 15 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। सीवर, सड़क और पेयजल समस्या से परेशान हैं। भूखंड आवंटित कर दिए गए और लोगों ने मकान भी बना लिए लेकिन कई ब्लॉकों में न तो सीवर कनेक्शन हुए और न ही बिजली-पानी का पर्याप्त इंतजाम किया गया। वहीं, डी ब्लॉक से गुजर रही हाइटेंशन लाइन के नीचे करीब 50 भूखंड आवंटित कर दिए गए हैं। कई बार मांग के बाद भी लाइन नहीं हटाई गई है। कई लोगों ने निर्माण भी शुरू कर दिया है।
स्थानीय निवासी मधुबन-बापूधाम वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि योजना में ए,बी,सी,डी,ई,एफ व पॉकेट ई पी नियोजित किए गए हैं। योजना में वर्ष 2009-10 से आवंटी भवन- भूखंड लेकर आवश्यक बुनियादी सुविधाओं जैसे सीवर, सडकें बिजली एवं पानी की आपूर्ति करने, पार्कों को विकसित करने, सफार्ई कार्य कराने सहित तमाम समस्याओं के संबंध में लगातार मांग कर रहे हैं। जीडीए- प्रशासन की ओर से आवंटियों को हवाई आश्वासन देकर गुमराह किया जा रहा है। जंगल में तब्दील योजना के अंतर्गत आवंटियों की मूलभूत सुविधाओं को नजरंदाज किया जा रहा है। इस वजह से आवंटी घर नहीं बना पा रहे हैं। स्थानीय निवासी लीलाधर का कहना है कि योजना में सुविधाओं का दावा जीडीए की ओर से किया जाता है लेकिन हकीकत यहां रह रहे लोग जानते हैं।
हाइटेंशन लाइन हटाने की मांग पर कई बार आश्वासन दिया जा चुका है लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ये हैं प्रमुख मांगें
1- योजना में टूटी पड़ी आंतरिक सड़कों का निर्माण कराया जाए।
2- योजना के पॉकेट डी एवं ई पॉकेट में बने घरों को पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
लोगों को टैंकर से पानी मंगाकर पीना पड़ रहा है।
3- योजना के पाकेट डी व ई और एफ पॉकेट में सीवर लाइनों की सफाई, टूटे मैनहोल की मरम्मत एवं मुख्य मार्गों सहित योजना में खुले सीवर मैनहोल ढक्कन लगाकर बंद किये जाएं। जिससे कोई अनहोनी घटना घटित नहीं होने पाए।
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4- योजना के पॉकेट एफ व पॉकेट डी में छह से आठ फिट तक के गहरे गढ़ों में आवंटित भूखंडों में मिट्टी भराई करा कर समतल किया जाए।
5. 12 मीटर चौड़ी रोड पॉकेट डी के भूखंड संख्या डी-1 से भूखंड संख्या डी- 150 तक की मुख्य मार्ग से विद्युत विभाग की एचटी लाइन को हटाया जाए। एचटी लाइन से घर बनाने में परेशानी हो रही है।
6. पॉकेट बी में सृजित पार्कों के अंदर संचालित कृषि किसानी कार्यों पर रोक लगाकर पार्कों को विकसित कराया जाए।
पीएम आवास योजना के निकट चल रही शराब की दुकानें
स्थानीय निवासी शिव कुमार चौहान का कहना है कि जीडीए द्वारा अधिगृहीत पीएम आवास योजना की भूमि के निकट पॉकेट एफ और पॉकेट ई-पी में दो देसी और विदेशी मदिरा की दुकानें चल रही हैं। इससे क्षेत्र में सुरक्षा और शांति भंग हो रही है। इसे बंद कराया जाना चाहिए। योजना में ज्यादातर भूखंडों पर जंगली पौधे उगे हुए हैं। कई मार्गों पर लाइट तक नहीं जल रही है। स्थानीय निवासी वीरपाल का कहना है कि जीडीए वीसी के साथ ही मंडलायुक्त और प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन को भी पत्र भेजा गया है।
वहीं, जीडीए वीसी नंद किशोर कलाल ने बताया कि एस्टिमेट तैयार कराया जा रहा है। जो भी समस्याएं हैं उनका समाधान जल्द से जल्द कराया जाएगा।
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स्थानीय निवासी मधुबन-बापूधाम वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि योजना में ए,बी,सी,डी,ई,एफ व पॉकेट ई पी नियोजित किए गए हैं। योजना में वर्ष 2009-10 से आवंटी भवन- भूखंड लेकर आवश्यक बुनियादी सुविधाओं जैसे सीवर, सडकें बिजली एवं पानी की आपूर्ति करने, पार्कों को विकसित करने, सफार्ई कार्य कराने सहित तमाम समस्याओं के संबंध में लगातार मांग कर रहे हैं। जीडीए- प्रशासन की ओर से आवंटियों को हवाई आश्वासन देकर गुमराह किया जा रहा है। जंगल में तब्दील योजना के अंतर्गत आवंटियों की मूलभूत सुविधाओं को नजरंदाज किया जा रहा है। इस वजह से आवंटी घर नहीं बना पा रहे हैं। स्थानीय निवासी लीलाधर का कहना है कि योजना में सुविधाओं का दावा जीडीए की ओर से किया जाता है लेकिन हकीकत यहां रह रहे लोग जानते हैं।
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हाइटेंशन लाइन हटाने की मांग पर कई बार आश्वासन दिया जा चुका है लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ये हैं प्रमुख मांगें
1- योजना में टूटी पड़ी आंतरिक सड़कों का निर्माण कराया जाए।
2- योजना के पॉकेट डी एवं ई पॉकेट में बने घरों को पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
लोगों को टैंकर से पानी मंगाकर पीना पड़ रहा है।
3- योजना के पाकेट डी व ई और एफ पॉकेट में सीवर लाइनों की सफाई, टूटे मैनहोल की मरम्मत एवं मुख्य मार्गों सहित योजना में खुले सीवर मैनहोल ढक्कन लगाकर बंद किये जाएं। जिससे कोई अनहोनी घटना घटित नहीं होने पाए।
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4- योजना के पॉकेट एफ व पॉकेट डी में छह से आठ फिट तक के गहरे गढ़ों में आवंटित भूखंडों में मिट्टी भराई करा कर समतल किया जाए।
5. 12 मीटर चौड़ी रोड पॉकेट डी के भूखंड संख्या डी-1 से भूखंड संख्या डी- 150 तक की मुख्य मार्ग से विद्युत विभाग की एचटी लाइन को हटाया जाए। एचटी लाइन से घर बनाने में परेशानी हो रही है।
6. पॉकेट बी में सृजित पार्कों के अंदर संचालित कृषि किसानी कार्यों पर रोक लगाकर पार्कों को विकसित कराया जाए।
पीएम आवास योजना के निकट चल रही शराब की दुकानें
स्थानीय निवासी शिव कुमार चौहान का कहना है कि जीडीए द्वारा अधिगृहीत पीएम आवास योजना की भूमि के निकट पॉकेट एफ और पॉकेट ई-पी में दो देसी और विदेशी मदिरा की दुकानें चल रही हैं। इससे क्षेत्र में सुरक्षा और शांति भंग हो रही है। इसे बंद कराया जाना चाहिए। योजना में ज्यादातर भूखंडों पर जंगली पौधे उगे हुए हैं। कई मार्गों पर लाइट तक नहीं जल रही है। स्थानीय निवासी वीरपाल का कहना है कि जीडीए वीसी के साथ ही मंडलायुक्त और प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन को भी पत्र भेजा गया है।
वहीं, जीडीए वीसी नंद किशोर कलाल ने बताया कि एस्टिमेट तैयार कराया जा रहा है। जो भी समस्याएं हैं उनका समाधान जल्द से जल्द कराया जाएगा।