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नरेश त्यागी हत्याकांड: गिरीश को 14 महीने में गिरफ्तारी नहीं कर सकी पुलिस, विधायक भाई को कमजोर करने के लिए कराई थी मामा की हत्या
Tue, 09 Nov 2021 10:59 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 09 Nov 2021 10:59 AM IST
सार
मामा नरेश त्यागी हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद भी गिरीश पाल त्यागी को पुलिस 14 महीनों में गिरफ्तार नहीं कर सकी। इस अवधि में पुलिस ने न तो उसकी संपत्ति कुर्क की प्रक्रिया पूरी की और न ही उस पर इनाम घोषित किया।
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गिरीश त्यागी को जेल ले जाते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नरेश त्यागी हत्याकांड में फरार चल रहे गिरीश पाल त्यागी ने आखिरकार 14 माह बाद सरेंडर कर दिया। गाजियाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष समेत वकीलों के घेरे में गिरीश कोर्ट पहुंचा। सीजेएम कोर्ट द्वारा जमानत अर्जी खारिज करने पर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
गिरीश पाल त्यागी के सरेंडर के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। नरेश त्यागी के बेटे अभिषेक त्यागी का आरोप है कि गिरीश के साले, बेटे व अन्य लोगों ने उन्हें कोर्ट में नहीं घुसने दिया। साथ ही सभी भाइयों की हत्या की धमकी दी। अभिषेक त्यागी ने डीएम ऑफिस में शिकायत देकर कार्रवाई और सुरक्षा की गुहार लगाई। वहीं, गिरीश पक्ष ने भी नरेश त्यागी के परिजनों पर कोर्ट परिसर में हंगामे व जानलेवा हमले की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
अभिषेक त्यागी ने डीएम कार्यालय में दी शिकायत में कहा है कि गिरीश पाल त्यागी उनके पिता की हत्या में एक साल से भी अधिक समय से फरार चल रहा था। सोमवार सुबह उसने अपने अधिवक्ताओं के संरक्षण में कोर्ट में सरेंडर किया। वह अपने भाई और अधिवक्ता के साथ सीजेएम कोर्ट में पहुंचे। वहां उनके अधिवक्ता तो कोर्ट में चले गए, लेकिन गिरीश पाल त्यागी के साले बबली त्यागी, बेटे मोहित त्यागी व अन्य लोगों ने दबंगई दिखाते हुए उन्हें कोर्ट में अंदर नहीं घुसने दिया। विरोध करने पर आरोपी गाली-गलौज करते हुए झगड़े पर उतारू हो गए।
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बारी-बारी से करा देंगे सभी भाइयों की हत्या
अभिषेक त्यागी के मुताबिक गिरीश पाल त्यागी के साले बबली त्यागी ने उन्हें धमकी दी कि अब तुम सभी भाइयों को अंजाम भुगतना होगा। वह सभी भाइयों की हत्या करा देंगे। बबली त्यागी ने यह भी कहा कि उन्हें पुलिस-प्रशासन का पूरा सहयोग है। अभिषेक त्यागी ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
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गिरीश पाल त्यागी के सरेंडर के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। नरेश त्यागी के बेटे अभिषेक त्यागी का आरोप है कि गिरीश के साले, बेटे व अन्य लोगों ने उन्हें कोर्ट में नहीं घुसने दिया। साथ ही सभी भाइयों की हत्या की धमकी दी। अभिषेक त्यागी ने डीएम ऑफिस में शिकायत देकर कार्रवाई और सुरक्षा की गुहार लगाई। वहीं, गिरीश पक्ष ने भी नरेश त्यागी के परिजनों पर कोर्ट परिसर में हंगामे व जानलेवा हमले की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
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अभिषेक त्यागी ने डीएम कार्यालय में दी शिकायत में कहा है कि गिरीश पाल त्यागी उनके पिता की हत्या में एक साल से भी अधिक समय से फरार चल रहा था। सोमवार सुबह उसने अपने अधिवक्ताओं के संरक्षण में कोर्ट में सरेंडर किया। वह अपने भाई और अधिवक्ता के साथ सीजेएम कोर्ट में पहुंचे। वहां उनके अधिवक्ता तो कोर्ट में चले गए, लेकिन गिरीश पाल त्यागी के साले बबली त्यागी, बेटे मोहित त्यागी व अन्य लोगों ने दबंगई दिखाते हुए उन्हें कोर्ट में अंदर नहीं घुसने दिया। विरोध करने पर आरोपी गाली-गलौज करते हुए झगड़े पर उतारू हो गए।
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बारी-बारी से करा देंगे सभी भाइयों की हत्या
अभिषेक त्यागी के मुताबिक गिरीश पाल त्यागी के साले बबली त्यागी ने उन्हें धमकी दी कि अब तुम सभी भाइयों को अंजाम भुगतना होगा। वह सभी भाइयों की हत्या करा देंगे। बबली त्यागी ने यह भी कहा कि उन्हें पुलिस-प्रशासन का पूरा सहयोग है। अभिषेक त्यागी ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
14 महीने में गिरफ्तारी नहीं कर सकी पुलिस
मामा नरेश त्यागी हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद भी गिरीश पाल त्यागी को पुलिस 14 महीनों में गिरफ्तार नहीं कर सकी। इस अवधि में पुलिस ने न तो उसकी संपत्ति कुर्क की प्रक्रिया पूरी की और न ही उस पर इनाम घोषित किया। इतन नहीं, गिरीश त्यागी के शस्त्र लाइसेंस को भी निरस्त नहीं कराया, जबकि अभियोजन पक्ष कई बार पुलिस-प्रशासन से इसकी मांग कर चुका था।
विधायक भाई को कमजोर करने के लिए कराई थी मामा की हत्या
खुलासा करते समय पुलिस ने बताया था कि नरेश त्यागी अजीत पाल त्यागी के बहुत करीबी थे। चुनाव प्रचार से लेकर अन्य तक की योजनाएं बनाते थे। उनका दखल गिरीश को बर्दाश्त नहीं था। उसे लगता था कि नरेश की मदद से अजीत उसे कमजोर कर रहे हैं। एक और वजह यह थी कि गिरीश के करीबी जितेंद्र त्यागी को एक संगठन में जिलाध्यक्ष के पद से हटाया गया। जितेंद्र को लगता था कि उसे अजीत पाल त्यागी ने हटवाया है। इसलिए जितेंद्र और गिरीश ने मिलकर हत्या क साजिश रची। इसके पीछे मकसद विधायक को कमजोर करना था। जितेंद्र को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
200 वकीलों के सहयोग से गिरीश पाल त्यागी का कोर्ट में सरेंडर कराया गया है। पेशी से वापस लौटते वक्त अभियोजन पक्ष ने हंगामे व जानलेवा हमले का प्रयास किया, लेकिन पुलिस शांतिपूर्ण तरीके से गिरीश पाल त्यागी को न्यायिक हिरासत में जेल ले गई।
- मोहित त्यागी, बचाव पक्ष के अधिवक्ता
विधायक भाई को कमजोर करने के लिए कराई थी मामा की हत्या
खुलासा करते समय पुलिस ने बताया था कि नरेश त्यागी अजीत पाल त्यागी के बहुत करीबी थे। चुनाव प्रचार से लेकर अन्य तक की योजनाएं बनाते थे। उनका दखल गिरीश को बर्दाश्त नहीं था। उसे लगता था कि नरेश की मदद से अजीत उसे कमजोर कर रहे हैं। एक और वजह यह थी कि गिरीश के करीबी जितेंद्र त्यागी को एक संगठन में जिलाध्यक्ष के पद से हटाया गया। जितेंद्र को लगता था कि उसे अजीत पाल त्यागी ने हटवाया है। इसलिए जितेंद्र और गिरीश ने मिलकर हत्या क साजिश रची। इसके पीछे मकसद विधायक को कमजोर करना था। जितेंद्र को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
200 वकीलों के सहयोग से गिरीश पाल त्यागी का कोर्ट में सरेंडर कराया गया है। पेशी से वापस लौटते वक्त अभियोजन पक्ष ने हंगामे व जानलेवा हमले का प्रयास किया, लेकिन पुलिस शांतिपूर्ण तरीके से गिरीश पाल त्यागी को न्यायिक हिरासत में जेल ले गई।
- मोहित त्यागी, बचाव पक्ष के अधिवक्ता