फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Narendra Kashyap sessions court rejected a bail petition

सेशन कोर्ट से नरेंद्र कश्यप की जमानत अर्जी खारिज

Wed, 11 May 2016 01:28 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद Updated Wed, 11 May 2016 01:28 AM IST
विज्ञापन
Narendra Kashyap sessions court rejected a bail petition
11 साल से न्याय के ‌ल‌िए भटक रही है पीड़‌िता - फोटो : Demo
पुत्रवधू की दहेज हत्या के आरोपी राज्यसभा सांसद नरेंद्र कश्यप को अभी जेल में ही रहना होगा। एडीजे-फर्स्ट संतोष कुमार पांडेय ने सुनवाई के बाद उनकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
विज्ञापन


बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। सांसद 7 अप्रैल से डासना जेल में बंद हैं। उनके साथ ही उनका बेटा डा. सागर और पत्नी देविंद्री भी जेल में ही बंद हैं।
विज्ञापन


सांसद नरेंद्र कश्यप की जमानत अर्जी को सुनवाई के लिए तत्कालीन सीबीआई विशेष न्यायाधीश जी.श्रीदेवी की कोर्ट में ट्रांसफर किया गया था। तब से जमानत अर्जी पर पांच बार सुनवाई टल चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंगलवार को सीबीआई विशेष कोर्ट में किसी न्यायाधीश की नियुक्ति न होने के चलते मामला एडीजे-फर्स्ट की कोर्ट में सुना गया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता पंकज शर्मा, सुधीर त्यागी ने बहस की।

अभियोजन की ओर से बहस करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेश यादव ने कहा कि हिमांशी और सागर की शादी को सात साल नहीं हुए थे। उसे लगातार दहेज में फॉरच्यूनर कार के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।

ऐसे में आरोपियों को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने पर न्यायाधीश संतोष कुमार पांडेय ने सांसद की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

फोटो भी न आए काम
सांसद नरेंद्र कश्यप की जमानत के लिए उनके अधिवक्ताओं ने जमानत अर्जी के साथ ही करीब 35-40 ऐसे फोटो भी लगाए थे, जिनमें हिमांशी उनके परिवार के साथ थी और काफी खुश नजर आ रही थी।

बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं का तर्क था कि हिमांशी को दहेज के लिए उत्पीड़न करना सरासर गलत आरोप है। जबकि हकीकत यह है कि वह परिवार के साथ खुश थी। उधर हिमांशी के परिजनों की ओर से भी उसकी डेडबॉडी के कुछ फोटोग्राफ कोर्ट में पेश किए गए। उनका आरोप था कि इन फोटो से पता चलता है कि हिमांशी के साथ मारपीट भी की गई थी।


सांसद नरेंद्र कश्यप की जमानत अर्जी खारिज करने को न्यायाधीश ने मुख्य रूप से इन तथ्यों को माना आधार:
- हिमांशी की मृत्यु अस्वाभाविक परिस्थितियों में हुई
- हिमांशी-सागर की शादी को सात साल पूरे नहीं हुए
- आग्नेयशस्त्र से जो चोट आई है उसे आत्महत्या नहीं कहा जा सकता
- रिवाल्वर भी लाश से दूर था, उसे दूर किसने रखा, कुछ पता नहीं
- घटना के समय सीसीटीवी बंद कर दिए गए थे

संसद सत्र में भाग लेने की अर्जी पर फैसला सुरक्षित
संसद सत्र में भाग लेने की सांसद नरेंद्र कश्यप की अर्जी पर मंगलवार को बहस की कार्यवाही पूरी हो गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार यादव की कोर्ट में अर्जी पर बहस पूरी हुई। इसके साथ ही कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट बुधवार को इस अर्जी का निस्तारण कर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed