फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   nagar nigam

सरकारी विभाग भी दबाए बैठे हैं निगम का बकाया

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 09 Aug 2019 01:21 AM IST
विज्ञापन
nagar nigam
50 सरकारी विभाग दबाए बैठे हैं निगम का 27 करोड़ रुपया
विज्ञापन

गाजियाबाद। निजी भवन मालिकों ने ही नहीं सरकारी विभागों ने भी नगर निगम के हाउस टैक्स की रकम दबा रखा है। करीब 50 सरकारी विभागों पर नगर निगम का 27 करोड़ रुपये से ज्यादा का हाउस टैक्स बकाया है। नगर निगम अब इन विभागों को डिमांड नोटिस और अनुरोध पत्र भेजेगा। प्रधान डाकघर, रेलवे स्टेशन, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जीडीए, पुलिस लाइंस, विद्युत निगम और गन्ना विभाग समेत कई विभाग ऐसे हैं, जिन पर नगर निगम का बकाया है। निगम के जोनल अधिकारी हर साल इन विभागों को हाउस टैक्स के लिए डिमांड नोटिस भेजते हैं, लेकिन कई विभाग ऐसे हैं जिन्होंने 5-6 साल से हाउस टैक्स और सर्विस चार्ज की रकम नगर निगम को नहीं दी है। यही वजह है कि हर साल इस रकम के आंकड़े में इजाफा हो रहा है। अब नगर निगम का टैक्स विभाग नए वित्तीय वर्ष का टैक्स जोड़कर नए सिरे से इन्हें डिमांड नोटिस जारी कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक डिमांड नोटिस के साथ नगर निगम अनुरोध पत्र भी भेजेगा। इसके बाद भी अगर बकाया रकम जमा नहीं की गई तो निगम अधिकारी शासन को रिपोर्ट भेजेंगे। निगम अधिकारियों के मुताबिक प्रधान डाकघर पर निगम का करीब सवा करोड़ रुपया, बेसिक शिक्षा विभाग पर 3.5 लाख रुपये, रेलवे पर करीब 3.5 करोड़ रुपये, जीडीए पर करीब 60 लाख रुपया बकाया है।

---
कोट
बकाएदार सरकारी विभागों की सूची तैयार कराई जा रही है। उन्हें डिमांड नोटिस और अनुरोध पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। डिमांड नोटिस की निर्धारित अवधि में रकम न जमा कराई गई तो यूपी के सरकारी विभागों की सूची शासन को भी भेजी जाएगी। - संजीव सिन्हा, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed