Hapur: न्याय मिलने में लग गए 21 साल, महिला की हत्या के दोषियों को आजीवन कारावास, 11-11 हजार का लगाया जुर्माना
मुकदमा मृतक महिला कांति देवी की बेटी निधि चौहान ने दिनांक 21 अक्टूबर 2002 को दर्ज कराया था। महिला रोज सुबह शटल से हापुड़ निजामपुर काम के लिए जाती थी। अभियुक्तों ने महिला पर गोली चला कर हत्या की थी।
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हापुड़ में 21 साल बाद हत्या के मामले में एडीजे-5 न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा की अदालत ने आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 11-11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।मामला हापुड़ नगर कोतवाली का है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा व जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता रवि शर्मा ने बताया कि फौजदारी मुकदमे में रंजिश के कारण महिला की हत्या हुई थी। अभियुक्तों ने महिला पर गोली चला कर हत्या की थी। मुकदमा मृतक महिला कांति देवी की बेटी निधि चौहान ने दिनांक 21 अक्टूबर 2002 को दर्ज कराया था। महिला रोज सुबह शटल से हापुड़ निजामपुर काम के लिए जाती थी। शाम को वापस आती थी।
घटना वाले दिन जब शाम को वापस आ रही थी, तभी महिला पर गोली चला दी गई। मामले में पांच आरोपी नामजद किए गए थे। अदालत ने दो आरोपियों संजय और रवि किरण को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 11-11 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
मामले में तीन आरोपी सुनील कुमार, सुशील कुमार व संजीव तोमर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। मामले में 15 गवाह पेश किए गए। हत्या के दोषी की मां विदेश देवी ने अदालत में कहा मेरे बच्चों ने कुछ नहीं किया। जब घटना हुई तो उनकी उम्र केवल 14-14 वर्ष थी। जिन्होंने अपराध किया था उन्हें तो बरी कर दिया गया।