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शिकारपुर दुष्कर्म के बाद हत्याकांड: कोर्ट ने 16 माह में सुनाया फैसला, 11 दिन में दाखिल हुई थी चार्जशीट

Wed, 10 Nov 2021 08:54 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 10 Nov 2021 08:54 PM IST
सार

10 जुलाई 2020 को बुलंदशहर के शिकारपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में कोर्ट ने दोषी पांच बच्चों के पिता को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 16 माह में फैसला सुनाया है। 11 दिन में चार्जशीट दाखिल हुई थी। 

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Murder after Shikarpur rape: Court pronounced its verdict in 16 months, chargesheet was filed in 11 days
फाइल फोटो - फोटो : Social Media

विस्तार

दो साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या करने के दोषी पांच बच्चों के पिता को अदालत ने बुधवार को फांसी की सजा सुनाई है। उस पर 1.40 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड की राशि बच्ची के परिजनों को दी जाएगी। मामले में पुलिस ने 11 दिन में चार्जशीट लगा दी थी। एडीजे पॉक्सो पल्लवी अग्रवाल की कोर्ट ने 16 माह में सुनवाई पूरी कर सजा सुना दी।
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10 जुलाई 2020 को बुलंदशहर के शिकारपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में पड़ोसी प्रेमपाल सिंह ने बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी थी। सजा सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि भारतीय संस्कृति में छोटी बच्चियों की पूजा की जाती है। कन्या को पूजने वाली और उनसे आशीर्वाद लेने वाली संस्कृति में दो वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर तड़पा-तड़पा कर हत्या की जाए तो यह समाज के लिए घातक है। 
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यह समाज को विकृत दिशा देने का कार्य है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह किसी अंजान व्यक्ति ने सुनसान जगह पर वारदात को अंजाम नहीं दिया है। अभियुक्त पीड़िता के घर के सामने के मकान में रहने वाला है। पांच बच्चों का पिता है। 
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कोई भी व्यक्ति ऐसी स्थिति में किसी भी रिश्ते में भरोसा नहीं कर पाएगा। इस प्रकार का व्यक्ति मानसिक रूप से घृणित और समाज में रहने योग्य नहीं है। इस प्रकार का कृत्य विधि के साथ ही मानवता को शर्मसार करने वाला और सामाजिक ढांचे को नष्ट कर देने वाला अपराध है। 

न्याय की हुई जीत

कोर्ट के निर्णय को बच्ची के परिजनों ने न्याय की जीत बताया है। उच्च न्यायालय और अन्य अपीलीय अधिकारियों से दोषी पर रहम न बरतने की मांग की है।

यह था मामला 
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो भरत शर्मा ने बताया कि पीड़ित पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उसकी दो वर्षीय बच्ची घर के पास खेलते समय गायब हो गई। उन्होंने पड़ोस में रहने वाले प्रेमपाल सिंह पर बच्ची के अपहरण और हत्या का आरोप लगाया था।

पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की तो सामने आया कि आरोपी को अंतिम बार बच्ची के साथ तालाब की ओर जाते देखा गया था। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो आरोपी ने स्वीकार किया था कि उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म कर बेहोशी की हालत में उसे तालाब में फेंक दिया था। 
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