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गाजियाबाद हादसा: दिल दहलाने वाला मंजर, मरने वाले 23 लोगों को हिलने तक का नहीं मिला था मौका
Mon, 04 Jan 2021 09:34 AM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 04 Jan 2021 09:34 AM IST
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हादसे के बाद का खौफनाक मंजर
- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद के मुरादनगर बंबा रोड के श्मशान घाट पर रविवार सुबह करीब 11.15 बजे का मंजर दिल दहला देने वाला था। फल विक्रेता जयराम के अंतिम संस्कार के बाद दो मिनट का मौन रखने के लिए एकत्र हुए 60 लोगों के ऊपर छत गिरने से चीख पुकार मच गई। अचानक हादसे से मृतक 23 लोगों में से अधिकांश को हिलना तो दूर सिसकी लेने तक का वक्त नहीं मिला। घायलों की चीख पुकार और मौके पर ही दम तोड़ चुके लोगों की हालत देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए।
मुरादनजर हादसे में मलबे के नीचे दबे लोग
- फोटो : अमर उजाला
चीखपुकार मची तो आसपास के लोग बचाव के लिए दौड़ पड़े। बगैर किसी औजार के ही लोग मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने में जुट गए। स्थानीय निवासियों ने छह घायलों को बाहर निकाल लिया। लेकिन उसके बाद का नजारा दिल दहलाने वाला था। मलबा हटते ही उसके नीचे दबे लोगों के शव व घायलों के लहूलुहान शरीर देख चीख-पुकार तेज हो गई।
राहत कार्य में जुटी एनडीआरएफ की टीम
- फोटो : अमर उजाला
घटना की सूचना पर आधे घंटे के अंदर पुलिस के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। तब तक स्थानीय लोग मलबे से करीब 12 लोगों को बाहर निकाल चुके थे। मलबे के नीचे दबे कई लोगों के हाथ और शरीर का हिस्सा दिख रहा था। जेसीबी की मदद से गिरे मलबे को हटाकर सबसे पहले ऐसे लोगों को बाहर निकाला गया जो दिखाई दे रहे थे।
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राहत कार्य में जुटी एनडीआरएफ की टीम
- फोटो : अमर उजाला
करीब 12 बजे डीएम अजय शंकर पांडेय और एसएसपी कलानिधि नैथानी ने राहत-बचाव अभियान की कमान संभाली। स्थानीय लोगों के साथ पुलिस, अग्निशमन विभाग की टीम ने जेसीबी व अन्य बड़े उपकरणों की मदद से एक-एक कर लोगों को मलबे से बाहर निकाला। प्रशासन की ओर से करीब साढ़े बाहर बजे के करीब एनडीआरएफ की टीम को हादसे की सूचना दी गई, लेकिन दोपहर एक बजे एनडीआरएफ की टीम के पहुंचने से पहले 16 शवों को स्थानीय लोगों ने बाहर निकाल लिया। एनडीआरएफ की टीम ने करीब डेढ़ बजे राहत-बचाव ऑपरेशन की कमान संभाली।
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मदद करने पहुंचे स्थानीय लोग
- फोटो : अमर उजाला
हड़बड़ी में मलबे के ऊपर खड़े थे लोग
परिचित की अंत्येष्टि में शामिल होने आए मुरादनगर के विभिन्न कॉलोनियों के 23 लोगों की जान भ्रष्ट तंत्र ने लील ली। हादसे के बाद सबसे पहले आसपास के लोगों ने राहत-बचाव अभियान शुरू किया। हादसे का मंजर इतना भयावह था कि लोगों को बचाने आए तमाम लोग हड़बड़ी में मलबे के ऊपर ही खड़े हो गए। फिर पुलिस-प्रशासन के पहुंचने के बाद उन्हें घटना स्थल से हटाकर बचाव अभियान तेज किया गया।
परिचित की अंत्येष्टि में शामिल होने आए मुरादनगर के विभिन्न कॉलोनियों के 23 लोगों की जान भ्रष्ट तंत्र ने लील ली। हादसे के बाद सबसे पहले आसपास के लोगों ने राहत-बचाव अभियान शुरू किया। हादसे का मंजर इतना भयावह था कि लोगों को बचाने आए तमाम लोग हड़बड़ी में मलबे के ऊपर ही खड़े हो गए। फिर पुलिस-प्रशासन के पहुंचने के बाद उन्हें घटना स्थल से हटाकर बचाव अभियान तेज किया गया।