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एमएसएमई को कोविड-19 के तहत लोन में दिक्कतें

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2020 06:21 PM IST
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MSMEs face problems in loans under COVID-19
एमएसएमई को कोविड-19 के तहत लोन में दिक्कतें - बैंक अपने मुताबिक लोन में जोड़ रहे हैं शर्तें - उद्यमियों को लोन के लिए लगाने पड़ रहे हैं चक्कर माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। कोरोना संकट झेल रहे उद्योगों के लिए तीन लाख करोड़ के राहत पैकेज से वित्तीय मदद शुरू हो गई है। जिले में उद्योग कोलेट्रल फ्री लोन के लिए आवेदन कर रहे हैं लेकिन इसमें उद्यमियों के कहना है कि बैंक सरकार द्वारा प्रदान की जा रही राहतों से इतर अपनी शर्तें लगा रहे हैं। इससे लोन मिलने में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए केंद्र सरकार ने कोविड-19 के तहत 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज में से तीन लाख करोड़ की घोषणा की थी। जिले के 27 हजार उद्योग में से करीब 16 हजार एमएसएमई इकाइयों को इसका लाभ मिलता। इलेट्रिकल पैनल तैयार करने वाली इकाई के संचालक ने बताया कि कोविड-19 पैकेज के तहत उन्होंने बैंक में लोन के लिए आवेदन किया था। साढ़े पांच लाख के लिए आवेदन में बैंक ने गारंटर भी मांगा और सिक्युरिटी जमा करने के लिए कहा। कविनगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित उद्यमी ने बताया कि बैंक लोन की प्रक्रिया को जटिल कर रहे हैं, जिससे उद्यमियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। --- छह हजार उद्योगों को 311 करोड़ का लोन: जिले में छह हजार उद्योगों को राहत पैकेज से 311 करोड़ का लोन दिलाया गया है। लीड बैंक अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि सभी बैंक पूरी निष्ठा से इस कार्य में लगे हुए हैं। कुछ जगह दिक्कत हो सकती है लेकिन केंद्र सरकार द्वारा तय नियमों के मुताबिक ही लोन दिया जा रहा है। वित्त मंत्री प्रतिदिन बैंक अधिकारियों के साथ इसकी समीक्षा भी कर रही हैं। --- 10 से 11 बैंक ब्रांच कोरोना से प्रभावित: वित्तीय मदद के लिए कवायद में कोरोना भी बैंको के लिए मुश्किल कर रहा है। लीड बैंक अधिकारी ने बताया कि जिले में करीब 10 से 11 बैंक ब्रांच कोरोना से प्रभावित हैं। कुछ बैंक ब्रांच सील भी की गई हैं। ---- क्या है राहत पैकेज की खासियत: कोरोना संकट के बाद एमएसएमई के लिए जारी किए गए राहत पैकेज में उद्यमियों को कोलेट्रल फ्री लोन मिल रहा है यानी इसके लिए गारंटर की जरूरत नहीं है। लोन को चुकाने की अवधि चार साल है जबकि एक साल तक मूलधन को चुकाने की जरूरत नहीं है। वित्त मंत्रालय ने ज्यादा से ज्यादा उद्योगों को इसका लाभ मिले, इसके लिए एमएसएमई स्लैब में भी बदलाव किया है। ---- क्या कहते हैं औद्योगिक संगठन: बैंकों को इस वक्त उद्योगों को बहुत सपोर्ट करने की जरूरत है। वित्त मंत्रालय द्वारा बैंकों को निर्देशित किया जाए कि उद्योगों को सरलीकरण के साथ लोन मिल सके। - नीरज सिंघल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
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