{"_id":"571fad774f1c1bf631a917a7","slug":"most-of-the-public-service-counter-railway-tickets-urgent","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनसुविधा काउंटर का हाल, जैसे रेलवे का टिकट ‘तत्काल’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनसुविधा काउंटर का हाल, जैसे रेलवे का टिकट ‘तत्काल’
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Wed, 27 Apr 2016 12:50 AM IST
विज्ञापन
सामाजिक
- फोटो : अमर उजाला
शहरी क्षेत्र में लोकवाणी केंद्रों के बंद होने का खामियाजा जनता भुगत रही है। विभिन्न प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए कलक्ट्रेट स्थित एक मात्र जनसुविधा केंद्र का ही सहारा है। मंगलवार सुबह केंद्र पर बिलकुल रेलवे के तत्काल टिकट की तरह लाइन लगी रही।
ई-डिस्ट्रिक योजना के तहत शासन ने राशनकार्ड, आय, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र के साथ ही जन्म-मृत्यु आदि प्रमाणपत्रों को जनसुविधा केंद्र से बनवाया जाता है। लोगों की सुविधा के लिए 32 लोकवाणी केंद्र भी शुरू किए गए थे, मगर इनमें से ज्यादातर बंद हो चुके हैं।
मंगलवार सुबह जनसुविधा काउंटर खुलने से पहले ही यहां लंबी लाइन लगी थी। मीनाक्षी, रेखा और राजबाला का कहना था कि वह सोमवार को भी प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने आईं थी, मगर कई घंटों के बाद भी उसका नंबर नहीं आया।
विज्ञापन
ज्यादातर समय तो सर्वर ही डाउन रहता है। इस मामले में डीएम विमल कुमार शर्मा का कहना है कि अगर लोगों की संख्या इसी प्रकार बढ़ती रही तो जनसुविधा केंद्र पर अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था की जाएगी।
विज्ञापन
ई-डिस्ट्रिक योजना के तहत शासन ने राशनकार्ड, आय, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र के साथ ही जन्म-मृत्यु आदि प्रमाणपत्रों को जनसुविधा केंद्र से बनवाया जाता है। लोगों की सुविधा के लिए 32 लोकवाणी केंद्र भी शुरू किए गए थे, मगर इनमें से ज्यादातर बंद हो चुके हैं।
विज्ञापन
मंगलवार सुबह जनसुविधा काउंटर खुलने से पहले ही यहां लंबी लाइन लगी थी। मीनाक्षी, रेखा और राजबाला का कहना था कि वह सोमवार को भी प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने आईं थी, मगर कई घंटों के बाद भी उसका नंबर नहीं आया।
विज्ञापन
ज्यादातर समय तो सर्वर ही डाउन रहता है। इस मामले में डीएम विमल कुमार शर्मा का कहना है कि अगर लोगों की संख्या इसी प्रकार बढ़ती रही तो जनसुविधा केंद्र पर अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था की जाएगी।