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Ghaziabad News: 70 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ, 100 से ज्यादा फुटेज से नहीं मिला सुराग
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साहिबाबाद। टाटा स्टील की प्रवेश कंपनी में नेशनल बिजनेस हेड विनय त्यागी की लूट के दौरान हत्या में दस टीमें बदमाशों की सुराग पता करने में लगी हैं। लखनऊ से मामले की लगातार मॉनिटरिंग के बाद अब अफसरों ने क्राइम ब्रांच को भी बदमाशों का सुराग जुटाने में लगाया है। रविवार रात क्राइम ब्रांच को सभी इनपुट बता दिए गए। तीन बदमाशों के दिल्ली की तरफ भागने के सुराग मिलने के बाद एक टीम ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है। पुलिस सीमापुरी और उसके आसपास सटे इलाकों में बदमाशों का पता करने में लगी है।
डीसीपी निमिष पाटील ने बताया कि घटनास्थल पर कैमरे और डीवीआर काम नहीं करने की वजह से सुराग नहीं मिल रहा था। टीम को विनय की आखिरी लोकेशन पसौंडा के टावर की मिली है। ऐसे में माना जा रहा है कि वह घटना से पहले पसौंडा के सामने शालीमार गार्डन थानाक्षेत्र की सर्विस रोड पर होंगे। पुलिस ने उस साइट से भी सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली है। घटना में 100 से अधिक फुटेज देखी और 70 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ हो चुकी है। फुटेज में बाइक सवार तीन संदिग्ध कालोनी में आते-जाते नजर आ रहे हैं। वे दिल्ली की तरफ भागते मिले हैं। इसके बाद टीम ने दिल्ली सीमापुरी, पसौंडा, भोपुर, डीएलएफ की दिलशाद गार्डन एक्सटेंशन-2 कालोनी, पसौंडा, शहीदनगर और लोनी में टीमें काम कर रही हैं। हाईप्रोफाइल घटना में लखनऊ से आला अधिकारी रोजाना पुलिस कमिश्नरेट के अफसरों से मामले की अपडेट ले रहे हैं। डीजीपी प्रशांत कुमार शुरुआत में ही घटना का संज्ञान लेकर पुलिस आयुक्त से रिपोर्ट तलब कर चुके हैं। लिहाजा, अधिकारियों ने अब दस टीमों के अलावा क्राइम बांच को भी केस खोलने में लगाया है। डीसीपी का कहना है कि विनय और अन्य लोगों के फोन सीडीआर में कुछ तथ्य सामने नहीं आए हैं। फिलहाल टीम को हर एंगल से जांच में लगाया हुआ है।
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डीसीपी निमिष पाटील ने बताया कि घटनास्थल पर कैमरे और डीवीआर काम नहीं करने की वजह से सुराग नहीं मिल रहा था। टीम को विनय की आखिरी लोकेशन पसौंडा के टावर की मिली है। ऐसे में माना जा रहा है कि वह घटना से पहले पसौंडा के सामने शालीमार गार्डन थानाक्षेत्र की सर्विस रोड पर होंगे। पुलिस ने उस साइट से भी सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली है। घटना में 100 से अधिक फुटेज देखी और 70 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ हो चुकी है। फुटेज में बाइक सवार तीन संदिग्ध कालोनी में आते-जाते नजर आ रहे हैं। वे दिल्ली की तरफ भागते मिले हैं। इसके बाद टीम ने दिल्ली सीमापुरी, पसौंडा, भोपुर, डीएलएफ की दिलशाद गार्डन एक्सटेंशन-2 कालोनी, पसौंडा, शहीदनगर और लोनी में टीमें काम कर रही हैं। हाईप्रोफाइल घटना में लखनऊ से आला अधिकारी रोजाना पुलिस कमिश्नरेट के अफसरों से मामले की अपडेट ले रहे हैं। डीजीपी प्रशांत कुमार शुरुआत में ही घटना का संज्ञान लेकर पुलिस आयुक्त से रिपोर्ट तलब कर चुके हैं। लिहाजा, अधिकारियों ने अब दस टीमों के अलावा क्राइम बांच को भी केस खोलने में लगाया है। डीसीपी का कहना है कि विनय और अन्य लोगों के फोन सीडीआर में कुछ तथ्य सामने नहीं आए हैं। फिलहाल टीम को हर एंगल से जांच में लगाया हुआ है।
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