फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   modinagar Doctor suicide case Warden said Renuka gone to parlor few hours before committing suicide

डॉक्टर सुसाइड केस: वॉर्डन बोली- जान देने से कुछ घंटे पहले पार्लर गई थी रेणूका, उस रात की एक और बात बताई

Sun, 01 Dec 2024 05:46 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोदीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोदीनगर Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 01 Dec 2024 05:46 PM IST
सार

डॉ. रेणूका यादव ने अंग्रेजी में लिखे सुसाइड नोट में बेहद भावुक बातें लिखते हुए मम्मी-पापा को सॉरी बोलते हुए लिखा कि आपने मेरी हर इच्छा पूरी की, मैंने जो मांगा आपने वही दिया। मगर मुझे लगता है कि मैंने हमेशा आपको निराश किया है। मैं इतनी मजबूत नहीं हूं कि मैं कोई तनाव झेल सकूं। 

विज्ञापन
modinagar Doctor suicide case Warden said Renuka gone to parlor few hours before committing suicide
डॉ. रेणूका यादव आत्महत्या केस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी के मोदीनगर स्थित डीजे डेंटल कॉलेज के महिला छात्रावास में डॉक्टर रेणूका यादव के मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है। रेणूका तबीयत खराब होने की वजह से दो दिन से कॉलेज नहीं जा रही थी। लेकिन चौकाने वाली बात यह है कि छात्रावास के वॉर्डन के अनुसार रेणूका आत्मदाह से कुछ घंटे पहले यानी शुक्रवार शाम अपनी कुछ सहपाठियों के साथ बाजार और पॉर्लर गई थी। वॉर्डन ने रात 10 बजे की उपस्थिति भी भरी थी। मगर शनिवार सुबह रेणूका के कैमरे का दरवाजा नहीं खुला। मोबाइल पर लगातार कॉल की गई मगर कोई उत्तर नहीं मिला इसके बाद ही अनहोनी की आशंका पैदा हो गई थी।

विज्ञापन

पंखे पर लटकर दी जान
मोदीनगर के निवाड़ी मार्ग स्थित डीजे डेंटल कॉलेज के महिला छात्रावास में शनिवार दोपहर रेजिडेंट डॉक्टर रेणूका यादव का शव कमरे में पंखें से लटका मिला था। डॉ. रेणूका ने करीब एक माह पूर्व ही एमडीएस प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था। पुलिस को उसके कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। जिसमें उसने मरने के कारणों का स्पष्ट कारण तो नहीं लिखा लेकिन भावुक कर देने वाली बातें जरूर लिखीं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

कमरा नंबर 302 में अकेली रहती थी रेणूका
हरियाणा के रेवाड़ी स्थित गांव कोसली निवासी रामेश्वर यादव सीआरपीएफ में उपनिरीक्षक हैं। रामेश्वर ने बताया कि उनकी 26 वर्षीय पुत्री रेणूका ने हरियाणा के सिरसा से बीडीएस किया था। डॉ. रेणूका ने लगभग एक माह पूर्व निवाड़ी स्थित डीजे डेंटल कॉलेज एमडीएस ऑरल सर्जरी में प्रवेश लिया था। डॉ. रेणूका दिव्य ज्योति ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूसंस के महिला छात्रावास के कमरा नंबर 302 में अकेली रहती थी। तीन दिन पूर्व डॉ. रेणूका की तबीयत खराब हुई तो उसने कॉलेज से दो दिन की छुट्टी ले ली। शनिवार को उसे कॉलेज जाना था, मगर वह कॉलेज नहीं पहुंची। 

विज्ञापन

कमरे के अंदर देख निकल गई सबकी चींख
इसके बाद प्रोफेसर ने रेणूका को कॉल की, लेकिन बात नहीं हो पाई। दोपहर 12 बजे सहपाठी रेणूका के कमरे पर पहुंची तो दरवाजा बंद मिला। काफी देर तक आवाज देने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला तो सहपाठियों ने कॉलेज प्रशासन को मामले की जानकारी दी। इसके बाद वार्डन गीता भटनागर ने भी दरवाजा खुलवाने का काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। कारपेंटर कृष्ण कुमार को मौके पर बुलाया गया। सहपाठी और वार्डन कमरे में दाखिल हुई तो रेणूका यादव पंखे से फंदे पर लटकी मिली। यह देखकर उनकी चींख निकल गई। सूचना के बाद एसीपी मोदीनगर ज्ञानप्रकाश राय व निवाडी थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके से बरामद सुसाइड नोट कब्जे में ले लिया। एसीपी का कहना है कि मामला प्रथमदृष्टया खुदकुशी का लग रहा है।

पीली पर्ची पर लिखा, सॉरी मम्मी पापा मैंने आपको हमेशा निराश किया
छानबीन के दौरान पुलिस को घटना स्थल से एक पीले रंग की छोटी सी पर्ची बरामद हुई। आमतौर पर ऐसी पर्ची किसी विशेष मुद्दे को रेखांकित करने के लिए इस्तेमाल की जाती है। पुलिस के अनुसार पीली पर्ची सुसाइड नोट है। डॉ. रेणूका यादव ने अंग्रेजी में लिखे सुसाइड नोट में बेहद भावुक बातें लिखते हुए मम्मी-पापा को सॉरी बोलते हुए लिखा कि आपने मेरी हर इच्छा पूरी की, मैंने जो मांगा आपने वही दिया। मगर मुझे लगता है कि मैंने हमेशा आपको निराश किया है। मैं इतनी मजबूत नहीं हूं कि मैं कोई तनाव झेल सकूं। इस खुदकुशी की केवल मैं ही जिम्मेदार हूं। पुलिस ने सुसाइड नोट फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है।

गुड मार्निंग का मैसेज मिलते ही पिता को कॉल करती डॉ. रेणूका
रेणूका यादव के पिता रामेश्वर यादव सीआरपीएफ में उपनिरीक्षक हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती मध्य प्रदेश के नीमच में चल रही है। माता राजेश कुमारी रेवाड़ी के ही सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। छोटा भाई पीयूष यादव डीयू में स्नातक का छात्र है। पिता रामेश्वर यादव ने बताया कि वह रेणूका को रोजना गुड मार्निंग का मैसेज भेजते थे। जैसे ही मैसेज मिलता तो रेणूका तुरंत कॉल कर पापा से बात करती थी। रेणूका ने पापा को बताया कि उसे डायरिया की शिकायत है। इसलिए वह कॉलेज नहीं जा रही है। शुक्रवार को भी तबीतय खराब होने के कारण रेणूका ने उनसे बात नहीं की थी। शनिवार को भी रेणूका ने मैसेज का कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद पिता रामेश्वर को रेणूका के स्वास्थ्य को लेकर चिंता होने लगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed