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एमएमएच विवाद : नहीं हो सकी सुनवाई, अब अगली तारीख का इंतजार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2024 01:47 AM IST
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MMH dispute: Hearing could not be held, now waiting for the next date
गाजियाबाद। एमएमएच कॉलेज के प्राचार्य की कुर्सी के विवाद के मामले में हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अधिवक्ताओं के आंदोलन की वजह से मुकदमे की सुनवाई नहीं हुई। दोनों पक्षों को अब अगली तारीख का इंतजार है।
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हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद डॉ. पीयूष चौहान को प्राचार्य पद ग्रहण नहीं कराने पर पांच नवंबर को उच्च शिक्षा प्रयागराज के निदेशक ने प्रबंध समिति को पत्र जारी कर रिपोर्ट मांगी है। चेताया है कि प्रबंध समिति तत्काल हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराकर पूरी स्थिति से अवगत कराए। अन्यथा की स्थिति में उनके द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा 57 के तहत कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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बता दें कि 24 अक्तूबर को डाॅ. पीयूष चौहान की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि प्रबंध समिति या तो पीयूष को प्राचार्य पद पर काम करने दे अन्यथा कोर्ट के समक्ष कारण बताओ का शपथपत्र दाखिल करे। इसकी सुनवाई के लिए बुधवार को हाईकोर्ट में तारीख लगी थी, लेकिन अधिवक्ताओं के हंगामे की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। अब इसमें आगे की तारीख लगाई जाएगी। प्रबंध समिति के सचिव अभिनव कृष्णा का कहना है कि समिति पर्याप्त साक्ष्यों के साथ कोर्ट में अपना पक्ष रखेगी। बुधवार को इसका मौका नहीं मिला। अब अगली तारीख का इंतजार है। उन्होंने बताया कि 24 अक्तूबर को हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि यदि वह पदभार ग्रहण नहीं कराते हैं तो वह इसका कारण बताएं। इसलिए वह अपना पक्ष कोर्ट में रखेेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोर्ट का आदेश यह नहीं है कि उनको हर हाल में डॉ. पीयूष को पदभार ग्रहण कराना है। जबकि, डॉ. पीयूष का कहना है कि उच्च शिक्षा निदेशक के आदेश का पालन सुनिश्चित नहीं कराने पर यदि उनके द्वारा धारा 57 के तहत कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को जाती है तो इसमें प्रबंध समिति के अधिकारों पर रोक लगने का प्रावधान है।
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