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Ghaziabad News: शातिरों ने 5,699 रुपये देकर वैज्ञानिक से 1.35 करोड़ ठगे
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गाजियाबाद। कृषि वैज्ञानिक गुलशन वाधवा 1.35 करोड़ की साइबर ठगी का शिकार बन गए। अपराधियों ने पहले शेयर में निवेश के नाम पर उन्हें मुनाफे के तौर पर 5,699 रुपये दिए। रकम मिलने पर उन्हें लगा कि वह गलत जगह निवेश नहीं कर रहे हैं। उनका भरोसा जीतने के बाद साइबर अपराधियों ने आईपीओ दिलाने के नाम पर उनसे 30 बार में अपने खातों में 1.35 करोड़ रुपये जमा करा लिए। इसके बाद उन्हें अहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है।
ब्रज विहार निवासी गुलशन वाधवा ने साइबर थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में बताया कि उन्होंने 13 अक्तूबर 2024 को इंटरनेट पर शेयर में निवेश के विज्ञापन देखे थे। लिंक क्लिक करते ही उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप पर जोड़ दिया गया। शेयर में निवेश करने पर मुनाफा मिलने की बात कही गई। उन्होंने पहले 10 हजार रुपये निवेश किए। इस पर 699 रुपये का मुनाफा बताया गया। उन्होंने पूरी रकम 10,699 निकाल लिए।
इसके बाद और मुनाफे के लिए 55 हजार रुपये निवेश किए। इस पर पांच हजार का मुनाफा बताया गया। उन्होंने मुनाफे सहित पूरी रकम निकाल ली तो यकीन हो गया कि उनके साथ किसी तरह की ठगी नहीं हो रही है। उनका कहना है कि उन्हें जरा भी अहसास नहीं हुआ कि ठगों ने उनका भरोसा जीतने के लिए 5,699 रुपये खर्च किए हैं। ठगों ने कहा कि आईपीओ में निवेश करेंगे तो 100 से 200 फीसदी मुनाफा होगा। इसके बाद वह निवेश समझकर रकम जमा करते रहे लेकिन निकाल नहीं पाए। रकम खत्म होने की बात कही तो उन्हें ट्रेडिंग खाते में 33 लाख रुपये ऋण की धनराशि दिखा दी गई।
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इसके बाद ऋण की धनराशि जमा कराने के लिए कहा। इसे जमा कराने के बाद कहा कि खाते फ्रीज हो गए हैं। रकम निकालने की कोशिश में वह ठगों की बात मानते गए और उनके खातों में रकम जमा कराते रहे। निवेश और मुनाफे की रकम सिर्फ उस एप के वालेट में नजर आई, जो ठगों ने डाउनलोड कराया था।
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ब्रज विहार निवासी गुलशन वाधवा ने साइबर थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में बताया कि उन्होंने 13 अक्तूबर 2024 को इंटरनेट पर शेयर में निवेश के विज्ञापन देखे थे। लिंक क्लिक करते ही उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप पर जोड़ दिया गया। शेयर में निवेश करने पर मुनाफा मिलने की बात कही गई। उन्होंने पहले 10 हजार रुपये निवेश किए। इस पर 699 रुपये का मुनाफा बताया गया। उन्होंने पूरी रकम 10,699 निकाल लिए।
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इसके बाद और मुनाफे के लिए 55 हजार रुपये निवेश किए। इस पर पांच हजार का मुनाफा बताया गया। उन्होंने मुनाफे सहित पूरी रकम निकाल ली तो यकीन हो गया कि उनके साथ किसी तरह की ठगी नहीं हो रही है। उनका कहना है कि उन्हें जरा भी अहसास नहीं हुआ कि ठगों ने उनका भरोसा जीतने के लिए 5,699 रुपये खर्च किए हैं। ठगों ने कहा कि आईपीओ में निवेश करेंगे तो 100 से 200 फीसदी मुनाफा होगा। इसके बाद वह निवेश समझकर रकम जमा करते रहे लेकिन निकाल नहीं पाए। रकम खत्म होने की बात कही तो उन्हें ट्रेडिंग खाते में 33 लाख रुपये ऋण की धनराशि दिखा दी गई।
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इसके बाद ऋण की धनराशि जमा कराने के लिए कहा। इसे जमा कराने के बाद कहा कि खाते फ्रीज हो गए हैं। रकम निकालने की कोशिश में वह ठगों की बात मानते गए और उनके खातों में रकम जमा कराते रहे। निवेश और मुनाफे की रकम सिर्फ उस एप के वालेट में नजर आई, जो ठगों ने डाउनलोड कराया था।