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Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Millions of vehicles have already been sold as scrap; tracking them down is becoming a headache for enforcement agencies.

Ghaziabad News: लाखों वाहन कबाड़े में बिक चुके, इनको ढूंढना प्रवर्तन के लिए बन रहा सिरदर्द

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2026 01:35 AM IST
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Millions of vehicles have already been sold as scrap; tracking them down is becoming a headache for enforcement agencies.
वाहन जप्त करती एआरटीओ की टीम। संवाद
गाजियाबाद। एआरटीओ प्रवर्तन टीम को मियाद खत्म हुए लाखों वाहनों को ढूंढने में कठिनाई हो रही है। तीन सप्ताह से अधिक समय में केवल 1300 वाहन ही जब्त किए जा सके हैं। आरटीओ के रिकॉर्ड में डीजल के 10 साल और पेट्रोल के 15 साल पुराने ढाई लाख से अधिक वाहन स्क्रैप हैं। सभी वाहनों को स्क्रैप कराना तो दूर, 25 फीसदी लक्ष्य पूरा करना भी चुनौती है। परिवहन आयुक्त कार्यालय रोजाना कार्रवाई की रिपोर्ट मांग रहा है, पर इसमें प्रगति धीमी है। अफसरों ने मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी है कि बाहर कबाड़े में बेचे गए वाहनों को जब्त कर रिकॉर्ड में नहीं लाया जा सकता। बिना रिकॉर्ड के एनजीटी या सक्षम न्यायालय में इसे साबित करना नामुमकिन है। एआरटीओ प्रवर्तन अमित राजन राय ने बताया कि बड़ी संख्या में वाहन बाहर कबाड़े में बेचे गए हैं। इनकी चैसिस या अन्य जानकारी आरटीओ को नहीं दी गई। ऐसे वाहनों को रिकॉर्ड में लाना असंभव है। अधिकारी अब दिशा निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।
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परिवहन आयुक्त ने एआरटीओ प्रवर्तन को रोजाना 500 वाहन जब्त करने का लक्ष्य दिया है। लेकिन दो सप्ताह में टीम केवल 1300 वाहन ही जब्त कर पाई है। इस मामले में एआरटीओ प्रवर्तन को प्रतिकूल प्रविष्टि भी मिल चुकी है। विभागीय अधिकारी सड़क पर या पार्किंग में खड़े मियाद खत्म वाहनों को जब्त करने का दावा करते हैं। इसके लिए आरडब्ल्यूए सहित हर स्तर पर लोगों से सहयोग मांगा जा रहा है।
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जिले में स्क्रैप सेंटर करीब चार साल पहले सक्रिय हुए थे। जबकि वाहनों का पंजीकरण दशकों से रद्द किया जा रहा है। स्क्रैप सेंटर सक्रिय होने से पहले ही बड़ी संख्या में वाहन स्क्रैप हो चुके थे। इनमें चोरी हुए वाहन भी शामिल हैं जिनकी बरामदगी नहीं हो सकी। जिन लोगों ने अपने वाहन बाहर स्क्रैप कराए, उनके खिलाफ कार्रवाई या रिकॉर्ड में लाने के लिए अभी कोई दिशा निर्देश नहीं हैं।
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