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मेट्रो को समझा भूत,लगाई छलांग,टूटी टांग
ब्यूरो, अमर उजाला /साहिबाबाद
Updated Fri, 03 Feb 2017 12:42 AM IST
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अस्पताल में भर्ती घायल युवक
- फोटो : अमर उजाला
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कौशांबी मेट्रो स्टेशन पर बृहस्पतिवार को एक युवक की हरकत देख यात्रियों की सांसें थम गईं। हुआ यूं कि मेट्रो के गेट अपने आप खुलते देखकर युवक घबराकर ट्रैक पर कूद गया और वैशाली की ओर भागने लगा।
डाबर तिराहे के पास पहुंचने पर सामने से आ रही मेट्रो को देखकर उसने स्पोर्टिंग पिलर पर छलांग लगा दी और उसके पैर की हड्डी टूट गई है। पुलिस ने युवक को पिलर से नीचे उतारा और पास के अस्पताल में भर्ती कराया।
घायल युवक ने बताया कि वह पहली बार मेट्रो की सवारी करने आया था। मेट्रो के गेट अपने आप खुलते देख उसे लगा कि यह किसी भूत का खेल है। यूपी के पीलीभीत खपरेल गोटिया गांव निवासी दयानंद पाल दो रिश्तेदारों के साथ दिल्ली के नांगलोई में आयोजित शादी समारोह में जा रहे थे।
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तीनों युवक बृहस्पतिवार को दोपहर बस से कौशांबी बस अड्डा पहुंचे। यहां से वे कौशांबी मेट्रो स्टेशन पहुंचे। तीनों टोकन लेकर प्लेटफार्म पर मेट्रो का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच वैशाली की ओर से मेट्रो आई और गेट अपने आप खुलता देख दयानंद घबरा गया और मेट्रो में नहीं चढ़ा, जबकि उसके दोनों दोस्त मेट्रो में बैठ गए।
मेट्रो जाने के बाद दयानंद ट्रैक पर कूद गया और वैशाली की ओर भागने लगा। जब वह डाबर तिराहे के पास पहुंचा वैशाली की ओर से ट्रैक पर दूसरी मेट्रो आता देख नीचे स्पोर्टिंग पिलर पर कूद गया।
उसके पीछे दौड़ लगा रहे मेट्रो सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने उसे पिलर से उतारा और और यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि ऊंचाई से कूदने के कारण दयानंद के एक पैर की हड्डी टूट गई है।
युवक को पिलर से निकालने के चक्कर में लगा जाम
डाबर तिराहे पर दमकल की गाड़ी पहुंचने और युवक को स्पोर्टिंग पोल से उतारने के दौरान आसपास लोगों की भीड़ लग गई। तिराहे पर लोगों की भीड़ लगने से जाम लग गया। जाम को खुलवाने में ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को बीस मिनट लग गए। इसके बाद ट्रैफिक स्मूथ हुआ।
कोट्स
सीओ इंदिरापुरम अनिल कुमार ने बताया कि 30 वर्षीय दयानंद अपने गांव में खेतीबाड़ी करता है। उसने पहली बार मेट्रो देखी थी। यशोदा अस्पताल में दयानंद ने बताया कि वह मेट्रो का गेट खुलते देख इस तरह घबरा गया था कि उसे समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें। उसे लगा कि यह कोई भूत का खेल है जा उसे मार देगा।
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डाबर तिराहे के पास पहुंचने पर सामने से आ रही मेट्रो को देखकर उसने स्पोर्टिंग पिलर पर छलांग लगा दी और उसके पैर की हड्डी टूट गई है। पुलिस ने युवक को पिलर से नीचे उतारा और पास के अस्पताल में भर्ती कराया।
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घायल युवक ने बताया कि वह पहली बार मेट्रो की सवारी करने आया था। मेट्रो के गेट अपने आप खुलते देख उसे लगा कि यह किसी भूत का खेल है। यूपी के पीलीभीत खपरेल गोटिया गांव निवासी दयानंद पाल दो रिश्तेदारों के साथ दिल्ली के नांगलोई में आयोजित शादी समारोह में जा रहे थे।
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तीनों युवक बृहस्पतिवार को दोपहर बस से कौशांबी बस अड्डा पहुंचे। यहां से वे कौशांबी मेट्रो स्टेशन पहुंचे। तीनों टोकन लेकर प्लेटफार्म पर मेट्रो का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच वैशाली की ओर से मेट्रो आई और गेट अपने आप खुलता देख दयानंद घबरा गया और मेट्रो में नहीं चढ़ा, जबकि उसके दोनों दोस्त मेट्रो में बैठ गए।
मेट्रो जाने के बाद दयानंद ट्रैक पर कूद गया और वैशाली की ओर भागने लगा। जब वह डाबर तिराहे के पास पहुंचा वैशाली की ओर से ट्रैक पर दूसरी मेट्रो आता देख नीचे स्पोर्टिंग पिलर पर कूद गया।
उसके पीछे दौड़ लगा रहे मेट्रो सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने उसे पिलर से उतारा और और यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि ऊंचाई से कूदने के कारण दयानंद के एक पैर की हड्डी टूट गई है।
युवक को पिलर से निकालने के चक्कर में लगा जाम
डाबर तिराहे पर दमकल की गाड़ी पहुंचने और युवक को स्पोर्टिंग पोल से उतारने के दौरान आसपास लोगों की भीड़ लग गई। तिराहे पर लोगों की भीड़ लगने से जाम लग गया। जाम को खुलवाने में ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को बीस मिनट लग गए। इसके बाद ट्रैफिक स्मूथ हुआ।
कोट्स
सीओ इंदिरापुरम अनिल कुमार ने बताया कि 30 वर्षीय दयानंद अपने गांव में खेतीबाड़ी करता है। उसने पहली बार मेट्रो देखी थी। यशोदा अस्पताल में दयानंद ने बताया कि वह मेट्रो का गेट खुलते देख इस तरह घबरा गया था कि उसे समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें। उसे लगा कि यह कोई भूत का खेल है जा उसे मार देगा।