{"_id":"675201983820489b9009fb64","slug":"membership-of-two-ministers-and-two-mlas-terminated-from-bar-association-ghaziabad-news-c-30-gbd1013-525708-2024-12-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: दो मंत्रियों व दो विधायकों की बार\nएसोसिएशन से सदस्यता की समाप्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: दो मंत्रियों व दो विधायकों की बार एसोसिएशन से सदस्यता की समाप्त
विज्ञापन
गाजियाबाद। जिला जज को हटाए जाने की मांग लेकर 29 अक्तूबर से हड़ताल कर रहे वकीलों ने बृहस्पतिवार को एक और बड़ा निर्णय लिया। उन्होंने प्रदेश के काबीना मंत्री सुनील शर्मा, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप, लोनी के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर और मुरादनगर के भाजपा विधायक अजीतपाल त्यागी की बार एसोसिएशन के सदस्यता स्थायी रूप से समाप्त करने की घोषणा कर दी।
बार एसोसिएशन के सचिव अमित नेहरा ने बताया कि चारों को 29 नवंबर को पत्र जारी कर तीन दिन में स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा था। चारों में से किसी ने भी पत्र का जवाब नहीं दिया। चारों में से कोई भी न तो हड़ताल में शामिल हुआ है और न ही किसी तरह का समर्थन या सहयोग किया है। इसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। चारों विधायक वकील हैं और कचहरी में उनके चैंबर भी हैं।
उन्होंने बताया कि यह पहले ही प्रस्ताव पास करके स्पष्ट कर दिया था कि जो भी वकील हड़ताल में भाग नहीं लेगा, उसकी बार सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। 29 अक्तूबर को जिला जज की कोर्ट में हुए लाठीचार्ज के बाद से गाजियाबाद के पांच हजार वकील हड़ताल पर हैं। सिर्फ गाजियाबाद ही नहीं, प्रदेश के अन्य जिलों के वकीलों का भी हड़ताल को समर्थन मिला है। लेकिन, दोनों मंत्रियों और दोनों विधायकों ने सहयोग नहीं किया। इसलिए, प्रस्ताव पास कर उनकी सदस्यता समाप्ति का पत्र जारी कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बार एसोसिएशन के सचिव अमित नेहरा ने बताया कि चारों को 29 नवंबर को पत्र जारी कर तीन दिन में स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा था। चारों में से किसी ने भी पत्र का जवाब नहीं दिया। चारों में से कोई भी न तो हड़ताल में शामिल हुआ है और न ही किसी तरह का समर्थन या सहयोग किया है। इसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। चारों विधायक वकील हैं और कचहरी में उनके चैंबर भी हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि यह पहले ही प्रस्ताव पास करके स्पष्ट कर दिया था कि जो भी वकील हड़ताल में भाग नहीं लेगा, उसकी बार सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। 29 अक्तूबर को जिला जज की कोर्ट में हुए लाठीचार्ज के बाद से गाजियाबाद के पांच हजार वकील हड़ताल पर हैं। सिर्फ गाजियाबाद ही नहीं, प्रदेश के अन्य जिलों के वकीलों का भी हड़ताल को समर्थन मिला है। लेकिन, दोनों मंत्रियों और दोनों विधायकों ने सहयोग नहीं किया। इसलिए, प्रस्ताव पास कर उनकी सदस्यता समाप्ति का पत्र जारी कर दिया गया।
विज्ञापन