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Ghaziabad News: जिस मदरसे के बच्चों को मांस फेंकते पकड़ा, उसे किया सील
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कनावनी में सील हुआ मदरसा। अमर उजाला
इंदिरापुरम। कनावनी एक्सटेंशन-बी की गली नंबर-10 स्थित जामिया कुल्फा ए राश्दीन मदरसे को प्रशासन ने सील कर दिया है। मदरसा गत माह चर्चा में आया था, तब यहां के दो बच्चों को हिंडन नदी में मांस फेंकते पकड़ा गया था। शनिवार को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के वक्फ निरीक्षक कैलाश तिवारी ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर मुनादी कराई और नोटिस चस्पा करते हुए कार्रवाई की।
मदरसा प्रबंधन को तीन दिन के भीतर पंजीकरण के दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अग्निशमन विभाग और विद्युत सुरक्षा विभाग से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) व अन्य आवश्यक कागजात भी मांगे गए हैं।
दोपहर करीब दो बजे पुलिस और प्रशासन की टीम कनावनी पहुंची। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के वक्फ निरीक्षक ने बताया कि मदरसा बिना मान्यता के संचालित होने के साथ ही विभागीय पोर्टल पर भी पंजीकृत नहीं था। जांच में अग्निशमन और विद्युत सुरक्षा विभाग की एनओसी न होने की बात भी सामने आई। इसके अलावा परिसर में बच्चों के लिए पर्याप्त शौचालय व्यवस्था नहीं मिलने का भी उल्लेख किया गया। इसके बाद नोटिस चस्पा कर मदरसे को सील कर दिया गया।
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मदरसे का संचालन करने वाले जामिया कुल्फा ए राश्दीन ट्रस्ट के सचिव अल्ताफ हुसैन का कहना है कि कार्रवाई से पहले कोई लिखित नोटिस या औपचारिक सूचना नहीं दी गई। उनका कहना है कि यदि पहले से दस्तावेज मांगे जाते तो शायद यह कार्रवाई न होती।
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50 बच्चों के सामने आवास की समस्या
ट्रस्ट के सचिव अल्ताफ हुसैन के अनुसार, मदरसे में करीब 100 बच्चे दीनी तालीम हासिल कर रहे हैं। इनमें से लगभग 50 बच्चे दूसरे राज्यों और शहरों से आए हुए हैं। कुछ बच्चे अनाथ हैं। कई आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संबंध रखते हैं। ये बच्चे मदरसे में ही रहकर पढ़ाई करते हैं। उनके रहने-खाने की व्यवस्था ट्रस्ट की ओर से की जाती है। मदरसा सील होने के बाद इन बच्चों के ठहरने और पढ़ाई की व्यवस्था को लेकर समस्या खड़ी हो गई है। प्रबंधन अब उन्हें दूसरे मदरसों में भेजने या वैकल्पिक व्यवस्था करने की तैयारी कर रहा है।
मांस फेंकने के मामले में तीन लोग किए गए थे गिरफ्तार
24 मई को कनावनी पुस्ता मार्ग पर दो नाबालिग हिंडन नदी में मांस फेंकते हुए पकड़े गए थे। दोनों को महापौर सुनीता दयाल ने मौके पर रोका था। जांच में सामने आया था कि दोनों बच्चे जामिया कुल्फा ए राश्दीन मदरसे के छात्र हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया था कि मदरसे के एक शिक्षक ने उन्हें फ्रिज में रखा पुराना मांस फेंकने के लिए भेजा था। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।
प्रभारी डीसीपी, ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल का कहना है कि मदरसे के अवैध रूप से संचालित होने संबंधी तथ्य विभाग को प्राप्त हुए थे। प्रशासन के निर्देश पर सीलिंग की कार्रवाई की गई है। प्रबंधन को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय दिया गया है। दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मदरसा प्रबंधन को तीन दिन के भीतर पंजीकरण के दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अग्निशमन विभाग और विद्युत सुरक्षा विभाग से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) व अन्य आवश्यक कागजात भी मांगे गए हैं।
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दोपहर करीब दो बजे पुलिस और प्रशासन की टीम कनावनी पहुंची। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के वक्फ निरीक्षक ने बताया कि मदरसा बिना मान्यता के संचालित होने के साथ ही विभागीय पोर्टल पर भी पंजीकृत नहीं था। जांच में अग्निशमन और विद्युत सुरक्षा विभाग की एनओसी न होने की बात भी सामने आई। इसके अलावा परिसर में बच्चों के लिए पर्याप्त शौचालय व्यवस्था नहीं मिलने का भी उल्लेख किया गया। इसके बाद नोटिस चस्पा कर मदरसे को सील कर दिया गया।
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मदरसे का संचालन करने वाले जामिया कुल्फा ए राश्दीन ट्रस्ट के सचिव अल्ताफ हुसैन का कहना है कि कार्रवाई से पहले कोई लिखित नोटिस या औपचारिक सूचना नहीं दी गई। उनका कहना है कि यदि पहले से दस्तावेज मांगे जाते तो शायद यह कार्रवाई न होती।
50 बच्चों के सामने आवास की समस्या
ट्रस्ट के सचिव अल्ताफ हुसैन के अनुसार, मदरसे में करीब 100 बच्चे दीनी तालीम हासिल कर रहे हैं। इनमें से लगभग 50 बच्चे दूसरे राज्यों और शहरों से आए हुए हैं। कुछ बच्चे अनाथ हैं। कई आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संबंध रखते हैं। ये बच्चे मदरसे में ही रहकर पढ़ाई करते हैं। उनके रहने-खाने की व्यवस्था ट्रस्ट की ओर से की जाती है। मदरसा सील होने के बाद इन बच्चों के ठहरने और पढ़ाई की व्यवस्था को लेकर समस्या खड़ी हो गई है। प्रबंधन अब उन्हें दूसरे मदरसों में भेजने या वैकल्पिक व्यवस्था करने की तैयारी कर रहा है।
मांस फेंकने के मामले में तीन लोग किए गए थे गिरफ्तार
24 मई को कनावनी पुस्ता मार्ग पर दो नाबालिग हिंडन नदी में मांस फेंकते हुए पकड़े गए थे। दोनों को महापौर सुनीता दयाल ने मौके पर रोका था। जांच में सामने आया था कि दोनों बच्चे जामिया कुल्फा ए राश्दीन मदरसे के छात्र हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया था कि मदरसे के एक शिक्षक ने उन्हें फ्रिज में रखा पुराना मांस फेंकने के लिए भेजा था। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।
प्रभारी डीसीपी, ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल का कहना है कि मदरसे के अवैध रूप से संचालित होने संबंधी तथ्य विभाग को प्राप्त हुए थे। प्रशासन के निर्देश पर सीलिंग की कार्रवाई की गई है। प्रबंधन को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय दिया गया है। दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कनावनी में सील हुआ मदरसा। अमर उजाला

कनावनी में सील हुआ मदरसा। अमर उजाला

कनावनी में सील हुआ मदरसा। अमर उजाला