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निगम के ड्रीम प्रोजेक्ट सिस्टम से हारे, बंद हुए शहर के फव्वारे
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Mon, 28 Mar 2016 12:12 AM IST
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विकास
- फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम का ड्रीम प्रोजेक्ट निगम की सिस्टम की वजह से बदहाल है। शहर में चौराहों का सौंदर्यीकरण कर बनाए गए पांच फव्वारे दो साल से बंद पड़े हैं। निगम कर्मचारियों ने इनकी मेंटेनेंस से मुंह मोड़ा तो चोरों ने इन पर हाथ साफ करना शुरू कर दिया।
कई फव्वारे से लाइटें और लोहे के पाइप चोरी हो गए हैं। बदहाल पड़े फव्वारे अब सिर्फ विज्ञापन लगाने के काम आ रहे हैं। पूर्व महापौर दमयंती गोयल के कार्यकाल में होली चाइल्ड चौक, न्यू आर्य नगर चौक, हापुड़ चुंगी, महामाया स्टेडियम के बाहर और वसुंधरा में पांच फव्वारों का निर्माण किया गया था।
शहर को सुंदर बनाने के लिए ऐसे ही 10 अन्य फव्वारे बनाए जाने थे। पहले चरण में बने इन 5 फव्वारों के निर्माण पर नगर निगम ने अवस्थापना फंड से करीब 50 लाख रुपये से ज्यादा का बजट खर्च किया था। चंद दिनों बाद ही इन फव्वारों की दुर्दशा होनी शुरू हो गई।
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लाइटें और बिजली केबल हुई चोरी
निगम ने इन फव्वारों में रंगीन लाइटें लगाई थीं। अब मेंटेनेंस और निगरानी न किए जाने से फव्वारों से ये लाइटें और बिजली केबल भी चोरी हो गई है। इन लाइटों की कीमत लाखों में हैं।
सामाजिक संस्था ने गोद लिया, नहीं किया मेंटेनेंस
न्यू आर्य नगर चौक पर बने फाउंटेन को एक सामाजिक संस्था ने रखरखाव के लिए लिया था। संस्था ने यहां अपने नाम का बोर्ड तो लगा दिया, लेकिन मेंटेनेंस नहीं किया। इस फव्वारे के चारों ओर घास उग आई है।
महापौर से मिलेंगे पार्षद
निगम का यह ड्रीम प्रोजेक्ट था। दिल्ली से सटे गाजियाबाद को सुंदर शहर बनाने की पहल की गई थी। निगम अफसरों की लापरवाही की वजह से ये बंद हो गए हैं। अधिकारी चाहे तो इनका बेहतर मेंटनेंस हो सकता है। सोमवार को महापौर से मिलकर इन्हें चालू कराने की मांग करेंगे। - मुकेश त्यागी, भाजपा पार्षद
फिर चालू कराऊंगा फाउंटेन
शहर को सुंदर बनाने के लिए सभी प्रयास करूंगा। फव्वारों की फाइल मंगाकर उसके संचालन की जिम्मेदारी की जानकारी की जाएगी। नगर आयुक्त से वार्ता कर इनका संचालन दोबारा कराया जाएगा। निगम इनके संचालन के लिए सक्षम है। - अशु वर्मा, मेयर
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कई फव्वारे से लाइटें और लोहे के पाइप चोरी हो गए हैं। बदहाल पड़े फव्वारे अब सिर्फ विज्ञापन लगाने के काम आ रहे हैं। पूर्व महापौर दमयंती गोयल के कार्यकाल में होली चाइल्ड चौक, न्यू आर्य नगर चौक, हापुड़ चुंगी, महामाया स्टेडियम के बाहर और वसुंधरा में पांच फव्वारों का निर्माण किया गया था।
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शहर को सुंदर बनाने के लिए ऐसे ही 10 अन्य फव्वारे बनाए जाने थे। पहले चरण में बने इन 5 फव्वारों के निर्माण पर नगर निगम ने अवस्थापना फंड से करीब 50 लाख रुपये से ज्यादा का बजट खर्च किया था। चंद दिनों बाद ही इन फव्वारों की दुर्दशा होनी शुरू हो गई।
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लाइटें और बिजली केबल हुई चोरी
निगम ने इन फव्वारों में रंगीन लाइटें लगाई थीं। अब मेंटेनेंस और निगरानी न किए जाने से फव्वारों से ये लाइटें और बिजली केबल भी चोरी हो गई है। इन लाइटों की कीमत लाखों में हैं।
सामाजिक संस्था ने गोद लिया, नहीं किया मेंटेनेंस
न्यू आर्य नगर चौक पर बने फाउंटेन को एक सामाजिक संस्था ने रखरखाव के लिए लिया था। संस्था ने यहां अपने नाम का बोर्ड तो लगा दिया, लेकिन मेंटेनेंस नहीं किया। इस फव्वारे के चारों ओर घास उग आई है।
महापौर से मिलेंगे पार्षद
निगम का यह ड्रीम प्रोजेक्ट था। दिल्ली से सटे गाजियाबाद को सुंदर शहर बनाने की पहल की गई थी। निगम अफसरों की लापरवाही की वजह से ये बंद हो गए हैं। अधिकारी चाहे तो इनका बेहतर मेंटनेंस हो सकता है। सोमवार को महापौर से मिलकर इन्हें चालू कराने की मांग करेंगे। - मुकेश त्यागी, भाजपा पार्षद
फिर चालू कराऊंगा फाउंटेन
शहर को सुंदर बनाने के लिए सभी प्रयास करूंगा। फव्वारों की फाइल मंगाकर उसके संचालन की जिम्मेदारी की जानकारी की जाएगी। नगर आयुक्त से वार्ता कर इनका संचालन दोबारा कराया जाएगा। निगम इनके संचालन के लिए सक्षम है। - अशु वर्मा, मेयर