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किसान आंदोलन: भाकियू की नई रणनीति, यूपी चुनाव में आंदोलन स्थल की कमान संभालेंगे उत्तराखंड-राजस्थान के किसान

Sun, 21 Mar 2021 11:00 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 21 Mar 2021 11:00 AM IST
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kisan andolan Farmers of Uttarakhand and Rajasthan will take charge of the movement site in UP elections
गाजीपुर बॉर्डर पर किसान - फोटो : अमर उजाला
यूपी के पंचायत चुनाव में कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन स्थल पर किसानों की उपस्थिति बनाए रखने के लिए भाकियू ने नई रणनीति बनाई है। अप्रैल और मई महीने में यूपी गेट पर आंदोलन की कमान उत्तराखंड व राजस्थान के किसानों के हाथ में होगी। पदाधिकारियों ने गांव कस्बों के किसानों को जोड़ने के लिए ब्लॉक स्तर पर पांच-पांच कर्मठ किसानों की टीम बनाकर जिम्मेदारी देनी शुरू कर दी है। 
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वहीं, उत्तराखंड में भाकियू ने किसानों से संपर्क भी तेज कर दिया है। उधर, यूपी गेट पर 23 मार्च को आंदोलन की जिम्मेदारी युवा किसान संभालेंगे। शाम के समय युवा और बुजुर्ग मिलकर शहीद-ए-आजम स्वाभिमान मार्च निकालेंगे। इसमें ढाई से तीन हजार किसानों के शामिल होने की उम्मीद है। 
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गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि अप्रैल में यूपी में पंचायत चुनाव हैं। चुनाव में गांव-कस्बों के किसानों को अपना वोट देने का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे में किसान आंदोलन स्थल से सीधे चुनाव में वोट देने जाएंगे। इस दौरान यूपी गेट पर आंदोलन स्थल खाली न हो जाए, इसके लिए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) पदाधिकारियों ने रणनीति तय की है। 
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जिसमें राजस्थान और उत्तराखंड के किसान मोर्चा संभालेंगे। जबकि हरियाणा व पंजाब के किसानों को स्टैंडबाय में रखा जाएगा। इस रणनीति को सफल बनाने के लिए पदाधिकारियों ने अभी से चारों राज्यों में किसानों से संपर्क साधना तेज कर दिया है। कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा खुद उत्तराखंड के दौर पर निकल गए हैं। उन्होंने बताया कि गांव-कस्बों के किसानों को आंदोलन तक पहुंचाने के लिए पांच-पांच किसानों को जिम्मेदारी दी जा रही है। 
 

वहीं, 23 मार्च को शहीद भगत सिंह की पुण्यतिथि पर आंदोलन की कमान पूरी तरह से युवा किसानों के हाथ में होगी। इसके लिए सोमवार को ही दूर-दराज के युवा किसान यूपी गेट पहुंच जाएंगे। इस दिन आंदोलन में शामिल सभी किसान पीले रंग की पगड़ी और पीले रंग का पटका पहनेंगे। 

जिसमें सभी को पगड़ी संभाल जट्टा का संदेश दिया जाएगा। जगतार सिंह बाजवा ने दावा किया कि 23 मार्च के बाद यूपी गेट पर किसानों की संख्या काफी ज्यादा होगी। वहीं, 23 मार्च की शाम को यूपी गेट पर शहीद-ए-आजम स्वाभिमान मार्च निकाला जाएगा। जो किसान क्रांति गेट से चार बजे शुरू होकर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे होते हुए वापस हाईवे पर बने मंच पर संपन्न होगी। 

11 किसानों ने किया अनशन
मंच संचालक चौ. ओमपाल मलिक ने बताया कि आंदोलन में शनिवार को हरस्वरूप सिंह, हरजीत सिंह, जोगिंदर सिंह, बलदेव सिंह, मक्खन सिंह, सुखदेव सिंह, देशा सिह, शेर सिंह, कुलवंत सिंह और दलवीर सिंह व अवधेश कुमार ने अगले 24 घंटे का अनशन किया।
 
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