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Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Kanwar of faith, service and culture on the shoulders... Ganga water on one side, mother on the other

Ghaziabad News: कंधों पर श्रद्धा, सेवा और संस्कार की कांवड़...एक ओर गंगाजल, दूसरी ओर मां

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2026 01:53 AM IST
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Kanwar of faith, service and culture on the shoulders... Ganga water on one side, mother on the other
दिल्ली मेरठ रोड से हरिद्वार से माँ को कांवड में बिठाकर लेकर आता पुत्र बिक्कू व पंकज। संवाद
गाजियाबाद। उनका नाम श्रवण कुमार नहीं है, लेकिन मां की एक इच्छा पूरी करने के लिए उन्होंने उसी आदर्श को अपने जीवन में उतार लिया है। कंधों पर मां और आंखों में उनकी खुशी का सपना लिए हरिद्वार से फरीदाबाद की पदयात्रा कर रहे बिक्कू को देखकर हर कोई उनकी मातृभक्ति को नमन कर रहा है।
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सोमवार को हरिद्वार से गाजियाबाद पहुंचे बिक्कू की कांवड़ के एक पलड़े पर 35 लीटर पवित्र गंगाजल था तो दूसरे पलड़े पर 50 वर्षीय मां संतु विराजमान थीं। मेरठ रोड स्थित नंदग्राम मोड़ पर जिसने भी यह दृश्य देखा, उसके कदम ठिठक गए। आंखों में सम्मान और होठों से बरबस हर-हर महादेव व बम-बम भोले का जयघोष गूंज उठा।
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मूल रूप से मथुरा की कोसी तहसील के रहने वाले बिक्कू वर्तमान में ओल्ड फरीदाबाद की आदर्श कॉलोनी में रहते हैं। उन्होंने बताया कि मां लंबे समय से हरिद्वार जाकर गंगा स्नान व भगवान शिव का जलाभिषेक करने की इच्छा जता रही थीं। उम्र और शारीरिक स्थिति को देखते हुए उनके लिए यह यात्रा आसान नहीं थी। ऐसे में बेटे ने मां की इच्छा को अपना संकल्प बना लिया। वह 20 जुलाई की रात मां के साथ घर से निकले और 22 जुलाई की शाम हरिद्वार से कांवड़ उठाई। अब वह मां और गंगाजल दोनों को साथ लेकर फरीदाबाद के शिवधाम की ओर बढ़ रहे हैं।
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मां की सेवा ही असली शिवभक्ति
फरीदाबाद की एक निजी कंपनी में कार्यरत बिक्कू कहते हैं कि भगवान शिव की आराधना तभी सार्थक है, जब उसमें माता-पिता का आशीर्वाद भी शामिल हो। मां की सेवा से बढ़कर कोई पूजा नहीं है। अगर मां खुश हैं तो समझिए भगवान भी प्रसन्न हैं। बिक्कू ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले पिता फूल सिंह का निधन हो गया था। यह उनकी पहली कांवड़ यात्रा है, लेकिन उन्होंने इसे केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मां की सेवा का माध्यम बना दिया। इस यात्रा में उनके मित्र पंकज भी हर कदम पर साथ हैं। पंकज बैग व अन्य सामान उठाकर सहयोग कर रहे हैं, ताकि बिक्कू बिना किसी परेशानी के मां और गंगाजल के साथ अपनी यात्रा पूरी कर सकें।
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