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खाएं जरा संभलकर...सॉस में ‘जहर’

Tue, 29 Mar 2016 12:29 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद Updated Tue, 29 Mar 2016 12:29 AM IST
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Just ... eat sausages tightrope 'poison'
स्‍वास्‍थ्‍य - फोटो : अमर उजाला
सिंथेटिक सॉस लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। इसका एनसीआर में धड़ल्ले से प्रयोग होने के साथ ही देशभर में सप्लाई की जा रही है। इसके कारोबार के पीछे बड़ा गिरोह काम कर रहा है।
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सिंथेटिक सॉस को होटलों और चाइनीज फूड सेंटरों पर धड़ल्ले से प्रयोग किया जाता है। यह ब्रांडेड सॉस की तुलना में बेहद सस्ता पड़ता है। गाजियाबाद-मेरठ से लखनऊ-मुंबई सहित देश के कई बड़े शहरों में इसकी सप्लाई की जा रही है।
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मेरठ-गाजियाबाद में आलू की लुगदी तैयार कर केमिकल और रंग मिलाकर सॉस तैयार की जा जाती है।  फूड सेफ्टी विभाग की पकड़ में ऐसे दर्जनों लोग आ चुके हैं। अफसरों ने इसका पहला मामला मोदीनगर में पकड़ा था। इसके बाद सॉस सप्लाई के गिरोह का खुलासा हुआ। इन पर कार्रवाई कोर्ट का निर्णय आने के बाद की जाएगी।
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यहां पकड़ी गई है सिंथेटिक सॉस
मोदीनगर, विजयनगर, सिहानी, लोनी, मुरादनगर और मेरठ

सॉस में खतरनाक केमिकल के 28 मामले पकड़े जा चुके हैं। इनमें विभिन्न स्थानों पर सॉस का प्रयोग और उत्पादन होता मिलने के साथ ही मेरठ की एक कंपनी द्वारा की गई सप्लाई भी शामिल है।

यह हो सकती है कार्रवाई
सॉस के अनसेफ मिलने के मामलों में 10 लाख रुपये जुर्माना, दस साल की सजा में से एक या दोनों हो सकते हैं। फिलहाल ऐसे मामलों की सुनवाई एसीजेएम कोर्ट में चल रही है।

ऐसे बनाते हैं सिंथेटिक सॉस
आलू की लुगदी में वाटर कलर, सेक्रीन और केमिकल मिलाकर तैयार किया जाता है। केमिकल के मिलने से एक ओर जहां यह स्वादिष्ट लगती है, वहीं लंबे समय तक खराब भी नहीं होती है।

यह होता है नुकसान
सिंथेटिक केमिकल युक्त सॉस के प्रयोग से पेट में चलन, दर्द, डकार आने, एसिडिटी बनने, मुंह में छाले पड़ने और स्वाद बिगड़ने की परेशानी सामने आती है। लंबे समय में इससे कैंसर, टीबी, लीवर और किडनी की बीमारियों के साथ ही आंतों में छेद होने के मामले सामने आते हैं।

ऐसे करें पहचान
सॉस को जीभ पर रखकर देखें, कुछ ही देर में जलन सी महसूस होने लगती है। इसके साथ ही हमेशा ब्रांडेड कंपनियों की सॉस का ही प्रयोग करें। इसको खरीदते समय पक्का बिल लेना न भूलें।

सॉस के कई मामले अनसेफ आ चुके हैं। इनमें जनपद में बनने के साथ ही मेरठ से तैयार होकर आने वाले भी हैं। इसका प्रयोग सेहत और जीवन दोनों पर भारी पड़ सकता है। सॉस की सप्लाई भी दूरदराज तक की जा रही है। फूड सेफ्टी विभाग लगातार अभियान चला रहा है। बेहतर पैरवी कर अनसेफ सॉस के मामलों में कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी। - विनीत सिंह, डीओ।


मोदीनगर में बनाई जा रही नकली सॉस की सप्लाई यूपी और दिल्ली तक की जा रही है। विजयनगर और मेरठ से इसकी सप्लाई देश के बड़े शहरों में की जा रही है। लखनऊ और मुंबई में पकड़े जाने के बाद वहां के अफसरों ने भी रिपोर्ट मंगवाई है। कोर्ट से निर्णय होने तक आरोपियों पर कार्रवाई का अधिकार एक्ट में नहीं है। सभी आरोपियों को चिन्हित कर लिया गया है। कोर्ट के निर्णय के बाद ही आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- यदूवीर सिंह यादव, एफएसओ-गाजियाबाद।
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