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Ghaziabad News: आयकर रिटर्न में छिपाई आय, 1600 रडार पर

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 30 Apr 2024 03:17 AM IST
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Income hidden in income tax return, 1600 on radar
धीरेंद्र मिश्र
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गाजियाबाद। आयकर रिटर्न की फाइलों की जांच में 500 करोड़ से अधिक की आय छिपाने का खुलासा हुआ है। विभाग की ओर से आय छिपाने वाले करीब 1,600 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।
एक आयकर अधिकारी ने बताया कि अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 के बीच आईटीआर की जांच की गई। इनमें गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़, मोदीनगर, मुरादनगर से करीब 1800 लोगों की आईटीआर में आय छिपाने का मामला सामने आया। इनमें से 200 लोगों ने संशोधित आईटीआर दाखिल कर आय के स्रोतों को विवरण दे दिया है। करीब 1,600 लोग ऐसे हैं जिन्होंने सूचना के बाद भी अभी तक संशोधित आईटीआर दाखिल नहीं किया। इन लोगों ने 500 करोड़ से अधिक की आय छिपाकर टैक्स की चोरी की है। नोटिस जारी करने के बाद अब फाइलों को स्क्रूटनी के लिए आयकर मुख्यालय दिल्ली भेजा जा रहा है।
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इन मामलों में छिपाई गई है आय
30 लाख से अधिक की संपत्ति की खरीद व बिक्री के मामले में, नकद जमा से संबधित, महंगी गाड़ियों की खरीद, खाते में आने वाले ब्याज की रकम का हवाला आईटीआर में छिपाया गया है।
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सबसे अधिक संपत्ति की खरीद वा बिक्री के मामले
आयकर रिटर्न की फाइलों की जांच में सबसे अधिक मामले संपत्ति की खरीद व बिक्री से संबधित हैं। करीब 650 लोग ऐसे हैं जिन्होंने 30 लाख से अधिक कीमत की संपत्ति खरीदी और बेची, लेकिन उसका जिक्र आईटीआर में नहीं किया। इनमें करीब 400 लोग गाजियाबाद से हैं। 20 लोग ऐसे हैं जिन्होंने 10 लाख से ऊपर की महंगी गाड़ियों को खरीदा लेकिन आय का स्रोत नहीं दर्शाया। करीब 450 लोग ऐसे हैं जिन्होंने खाते में जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज को नहीं दर्शाया है। वहीं, करीब 100 लोग ऐसे हैं जिन्होंने विभिन्न खातों में नकद जमा किया है, लेकिन आय का स्रोत नहीं दिखाया है।
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ऐसे पकड़ में आया मामला
30 लाख से अधिक की संपत्तियों की रजिस्ट्री के बाद उप निबंधक कार्यालय की ओर से आयकर विभाग के सिस्टम पर डिटेल साझा की जाती है। सिस्टम के बाद ई-वेरीफिकेशन में मामला पकड़ में आया।

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ये होगी कार्रवाई
आयकर अधिकारी का कहना है कि आय छिपाने के मामले में उपभोक्ता को पहले नोटिस दिया जाता है और संशोधित आईटीआर दाखिल करने के लिए कहा जाता है। इसके बाद भी जवाब नहीं देने और संशोधित आइटीआर दाखिल नहीं करने पर जुर्माने की कार्रवाई की जाती है। टैक्स के साथ ही हर महीने एक प्रतिशत ब्याज लगाया जाता है।
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