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ध्यान दें डॉग लवर: खतरनाक कुत्ता है आपके पास तो किराए पर नहीं मिलेगा घर, पढ़ें क्या हैं नियम
Tue, 16 Apr 2024 04:38 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 16 Apr 2024 04:38 AM IST
सार
गाजियाबाद के वैशाली में खतरनाक नस्ल के कुत्ते पालने वालों के लिए नियम आरडब्ल्यूए ने सख्त कर दिए हैं। पिटबुल, जर्मन शेफर्ड और डोगो अर्जेन्टिनो जैसी किसी खतरनाक नस्ल का कुत्ता है तो उसे किराए पर आवास नहीं मिलेगा।
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Pitbull dog
- फोटो : iStock
विस्तार
अगर किसी के पास पिटबुल, जर्मन शेफर्ड और डोगो अर्जेन्टिनो जैसी किसी खतरनाक नस्ल का कुत्ता है तो उसे किराए पर आवास नहीं मिलेगा। सोमवार को यह फरमान वैशाली सेक्टर - 2 की प्रगति सोसायटी की आरडब्ल्यूए ने जारी किया। इसी सोसायटी में नौ अप्रैल को किराएदार के पिटबुल नस्ल के कुत्ते ने किशोर अल्ताफ पर हमला कर दिया था। अल्ताफ का दिल्ली में उपचार चल रहा है।
सोसायटी के सचिव रामजी वाजपेयी ने बताया कि नौ अप्रैल की घटना के मद्देनजर आरडब्ल्यूए की आम बैठक की गई। इसमें कई निर्णय लिए गए। अगर किसी के पास खतरनाक नस्ल का कुत्ता है तो उसे नगर निगम में उसका पंजीकरण कराना होगा। इसकी रसीद दिखानी होगी। कुत्ते का टीकाकरण भी कराना होगा और इसकी भी रसीद आरडब्ल्यूए के कार्यालय में जमा करानी होगी। जिन लोगों ने कुत्ते का पंजीकरण और टीकाकरण नहीं कराया है, उनकी सूचना नगर निगम को दी जाएगी। उन पर नगर निगम कार्रवाई करेगी।
किराएदारों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिस पिटबुल ने हमला किया था, वह एक किराएदार का ही था। इसे देखते हुए निर्णय लिया गया है कि जिसके पास खतरनाक नस्ल का कुत्ता है, उसे किराए पर आवास नहीं दिया जाएगा। सभी फ्लैट के मालिकों को बता दिया गया है कि किसी को फ्लैट किराए पर देने से पहले कुत्ते के बारे में जानकारी अवश्य कर लें।
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कुत्ते पालने के नियम
सभी पालतू कुत्तों का पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।
एक फ्लैट मे अधिकतम दो कुत्ते रखे जा सकते हैं।
पिटबुल, राॅट विलर समेत खतरनाक नस्ल के कुत्ते पालने पर पाबंदी है।
कुत्ते को घर से बाहर ले जाते समय उसे मजल लगानी होगी।
खतरनाक नस्ल के कुत्ते का प्रशिक्षण कराना भी जरूरी।
सोसायटी में कुत्तों के लिए खाना डाॅग फीडिंग प्वाइंट पर ही डाला जाए।
(नगर निगम की ओर से जारी)
पिटबुल मालिक ने नहीं दिखाया प्रमाणपत्र, 10 हजार का लगेगा जुर्माना
नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ आशीष त्रिपाठी ने कुत्ता संबंधी सभी प्रमाण पत्र दिखाने के लिए दो दिन का समय दिया गया था। पिटबुल के मालिक ने कोई प्रमाण पत्र नहीं दिखाया। उससे दस हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।
एक माह और चलेगा इलाज
किशोर अलताफ का इलाज अभी एक माह और चलेगा। परिजन हर दूसरे दिन दिल्ली के सरकारी अस्पताल में बेटे की मरहम पट्टी कराने के लिए ले जाते हैं। किशोर के पिता युसुफ ने बताया कि बेटे को पड़ोस में आए नए किरायेदार के पिटबुल कुत्ते ने दोनों हाथ और पैर में काट लिया था। चिकित्सकों ने बताया है कि अभी पूरी तरह ठीक होने में अल्ताफ को एक माह का समय लगेगा।
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सोसायटी के सचिव रामजी वाजपेयी ने बताया कि नौ अप्रैल की घटना के मद्देनजर आरडब्ल्यूए की आम बैठक की गई। इसमें कई निर्णय लिए गए। अगर किसी के पास खतरनाक नस्ल का कुत्ता है तो उसे नगर निगम में उसका पंजीकरण कराना होगा। इसकी रसीद दिखानी होगी। कुत्ते का टीकाकरण भी कराना होगा और इसकी भी रसीद आरडब्ल्यूए के कार्यालय में जमा करानी होगी। जिन लोगों ने कुत्ते का पंजीकरण और टीकाकरण नहीं कराया है, उनकी सूचना नगर निगम को दी जाएगी। उन पर नगर निगम कार्रवाई करेगी।
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किराएदारों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिस पिटबुल ने हमला किया था, वह एक किराएदार का ही था। इसे देखते हुए निर्णय लिया गया है कि जिसके पास खतरनाक नस्ल का कुत्ता है, उसे किराए पर आवास नहीं दिया जाएगा। सभी फ्लैट के मालिकों को बता दिया गया है कि किसी को फ्लैट किराए पर देने से पहले कुत्ते के बारे में जानकारी अवश्य कर लें।
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कुत्ते पालने के नियम
सभी पालतू कुत्तों का पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।
एक फ्लैट मे अधिकतम दो कुत्ते रखे जा सकते हैं।
पिटबुल, राॅट विलर समेत खतरनाक नस्ल के कुत्ते पालने पर पाबंदी है।
कुत्ते को घर से बाहर ले जाते समय उसे मजल लगानी होगी।
खतरनाक नस्ल के कुत्ते का प्रशिक्षण कराना भी जरूरी।
सोसायटी में कुत्तों के लिए खाना डाॅग फीडिंग प्वाइंट पर ही डाला जाए।
(नगर निगम की ओर से जारी)
पिटबुल मालिक ने नहीं दिखाया प्रमाणपत्र, 10 हजार का लगेगा जुर्माना
नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ आशीष त्रिपाठी ने कुत्ता संबंधी सभी प्रमाण पत्र दिखाने के लिए दो दिन का समय दिया गया था। पिटबुल के मालिक ने कोई प्रमाण पत्र नहीं दिखाया। उससे दस हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।
एक माह और चलेगा इलाज
किशोर अलताफ का इलाज अभी एक माह और चलेगा। परिजन हर दूसरे दिन दिल्ली के सरकारी अस्पताल में बेटे की मरहम पट्टी कराने के लिए ले जाते हैं। किशोर के पिता युसुफ ने बताया कि बेटे को पड़ोस में आए नए किरायेदार के पिटबुल कुत्ते ने दोनों हाथ और पैर में काट लिया था। चिकित्सकों ने बताया है कि अभी पूरी तरह ठीक होने में अल्ताफ को एक माह का समय लगेगा।