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कैसा सिटीजन चार्टर साहब...महीनों लटकी रहती हैं शिकायतें
ब्यूरो,अमर उजाला/गाजियाबाद
Updated Mon, 27 Mar 2017 11:52 PM IST
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नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
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महापौर नगर निगम में सिटीजन चार्टर लागू कराए जाने का दावा भले कर रहे हों, लेकिन फिलहाल अफसरों की जैसी कार्यप्रणाली है उससे लगता नहीं कि यह लागू हो पाएगा। नगर निगम में जो शिकायतें एक बार आ जाती हैं, महीने भर से पहले उनका निस्तारण नहीं होता। यह हम नहीं बल्कि नगर निगम में बने ग्रीवांस सेल के आंकड़े बता रहे हैं।
नगर निगम में सपा शासनकाल से ही सिटीजन चार्टर लागू है। पूर्व में सिटीजन चार्टर की डिटेल होर्डिंग्स पर निगम परिसर में भी लगाई गई थी। बावजूद इसके अफसरों की लापरवाही और मनमानी की वजह से सिटीजन चार्टर लागू नहीं हुआ। तीन-तीन महीने तक शिकायतें पेंडिंग पड़ी रहीं।
जोन में लिखित रूप से आने वाली शिकायतें रद्दी की टोकरी में डाल दी जाती हैं। ऑनलाइन शिकायतों के निस्तारण में भी अफसर दिलचस्पी नहीं लेते। नगर निगम के पीजीआरएस (पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम) पर आने वाली 1062 शिकायतें लंबित है।
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आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम) पर आने वाली शिकायतों का भी निस्तारण नहीं हो रहा। इसमें भी करीब 250 से ज्यादा शिकायतें निस्तारण की समयावधि बीत जाने के बावजूद लंबित हैं।
जनता के लिए सपना है सिटीजन चार्टर लागू होना
नगर निगम में शिकायतों के निस्तारण की वर्तमान में जो व्यवस्था बनी हुई है, उसमें सिटीजन चार्टर लागू करने का दावा जनता के लिए सपने जैसा है। नगर निगम में पूर्व में ऑनलाइन पोर्टल से सभी विभागों के अधिकारियों और सफाई निरीक्षकों के मोबाइल नंबर अटैच थे।
पोर्टल पर आने वाली शिकायतों को शिकायत सेल के कर्मचारी उनके मोबाइल पर ट्रांसफर कर देते थे। एक मैसेज शिकायतकर्ता के मोबाइल पर भी जाता था और उन्हें बताया जाता था कि उनकी शिकायत का निस्तारण कितने दिनों में होगा।
संबंधित अधिकारी शिकायतों का निस्तारण करके शिकायत सेल को सूचित करते थे और यहां से शिकायतकर्ता को मैसेज के जरिए बताया जाता था कि उनकी बताई समस्या हल हो गई है। करीब साल भर से यह सिस्टम भी चौपट हो गया है।
निगम का सिटीजन चार्टर
शिकायत का प्रकार निस्तारण की अवधि
सफाई से संबंधित शिकायतें 01 दिन
मलबा हटाया जाना 02 दिन
बरसात में जलभराव 02 दिन
पशु से संबंधित शिकायत 01 दिन
अवैध डेयरी पर कार्रवाई 07 दिन
सड़क नाले पर अतिक्रमण 03 दिन
पार्क व सरकारी भूमि पर अतिक्रमण 07 दिन
नाला-नाली की मरम्मत 07 दिन
पुलिया की मरम्मत 15 दिन
सीवर की शिकायत 03 दिन
गंदा पानी आना 01 दिन
सीवर का ढक्कन 02 दिन
पाइप लाइन लीकेज 01 दिन
स्ट्रीट या पार्क की लाइट खराब 03 दिन
लाइट लगातार जलना 01 दिन
टैक्स से संबंधित शिकायत 07 दिन
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र 07 दिन
पार्क में उद्यानीकरण 03 दिन
सभी विभागाध्यक्षों को दी हिदायत
नगरायुक्त अब्दुल समद का कहना है कि लंबित शिकायतों को लेकर सभी विभागों के अधिकारियों की मीटिंग बुलाई गई थी। उन्हें समय पर शिकायतों के निस्तारण की हिदायत दी गई है। इसमें लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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नगर निगम में सपा शासनकाल से ही सिटीजन चार्टर लागू है। पूर्व में सिटीजन चार्टर की डिटेल होर्डिंग्स पर निगम परिसर में भी लगाई गई थी। बावजूद इसके अफसरों की लापरवाही और मनमानी की वजह से सिटीजन चार्टर लागू नहीं हुआ। तीन-तीन महीने तक शिकायतें पेंडिंग पड़ी रहीं।
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जोन में लिखित रूप से आने वाली शिकायतें रद्दी की टोकरी में डाल दी जाती हैं। ऑनलाइन शिकायतों के निस्तारण में भी अफसर दिलचस्पी नहीं लेते। नगर निगम के पीजीआरएस (पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम) पर आने वाली 1062 शिकायतें लंबित है।
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आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम) पर आने वाली शिकायतों का भी निस्तारण नहीं हो रहा। इसमें भी करीब 250 से ज्यादा शिकायतें निस्तारण की समयावधि बीत जाने के बावजूद लंबित हैं।
जनता के लिए सपना है सिटीजन चार्टर लागू होना
नगर निगम में शिकायतों के निस्तारण की वर्तमान में जो व्यवस्था बनी हुई है, उसमें सिटीजन चार्टर लागू करने का दावा जनता के लिए सपने जैसा है। नगर निगम में पूर्व में ऑनलाइन पोर्टल से सभी विभागों के अधिकारियों और सफाई निरीक्षकों के मोबाइल नंबर अटैच थे।
पोर्टल पर आने वाली शिकायतों को शिकायत सेल के कर्मचारी उनके मोबाइल पर ट्रांसफर कर देते थे। एक मैसेज शिकायतकर्ता के मोबाइल पर भी जाता था और उन्हें बताया जाता था कि उनकी शिकायत का निस्तारण कितने दिनों में होगा।
संबंधित अधिकारी शिकायतों का निस्तारण करके शिकायत सेल को सूचित करते थे और यहां से शिकायतकर्ता को मैसेज के जरिए बताया जाता था कि उनकी बताई समस्या हल हो गई है। करीब साल भर से यह सिस्टम भी चौपट हो गया है।
निगम का सिटीजन चार्टर
शिकायत का प्रकार निस्तारण की अवधि
सफाई से संबंधित शिकायतें 01 दिन
मलबा हटाया जाना 02 दिन
बरसात में जलभराव 02 दिन
पशु से संबंधित शिकायत 01 दिन
अवैध डेयरी पर कार्रवाई 07 दिन
सड़क नाले पर अतिक्रमण 03 दिन
पार्क व सरकारी भूमि पर अतिक्रमण 07 दिन
नाला-नाली की मरम्मत 07 दिन
पुलिया की मरम्मत 15 दिन
सीवर की शिकायत 03 दिन
गंदा पानी आना 01 दिन
सीवर का ढक्कन 02 दिन
पाइप लाइन लीकेज 01 दिन
स्ट्रीट या पार्क की लाइट खराब 03 दिन
लाइट लगातार जलना 01 दिन
टैक्स से संबंधित शिकायत 07 दिन
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र 07 दिन
पार्क में उद्यानीकरण 03 दिन
सभी विभागाध्यक्षों को दी हिदायत
नगरायुक्त अब्दुल समद का कहना है कि लंबित शिकायतों को लेकर सभी विभागों के अधिकारियों की मीटिंग बुलाई गई थी। उन्हें समय पर शिकायतों के निस्तारण की हिदायत दी गई है। इसमें लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।