{"_id":"58c2e1aa4f1c1b8338dc3f85","slug":"house-tax-calculation-will-be-done-by-the-owner-himself","type":"story","status":"publish","title_hn":"भवन मालिक खुद कर सकेंगे हाउस टैक्स की गणना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भवन मालिक खुद कर सकेंगे हाउस टैक्स की गणना
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 10 Mar 2017 10:56 PM IST
विज्ञापन
हाउस टैक्स
- फोटो : DEMO Pics
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम में हाउस टैक्स के बिलों में गड़बड़ी और फर्जी तरीके से टैक्स बढ़ाकर भेजे जाने पर रोक लगेगी। अब निगम के सभी जोनल कार्यालयों के बाहर होर्डिंग्स लगाकर उन पर टैक्स की गणना का फार्मूला प्रदर्शित किया जाएगा। भवन मालिक अपनी बिल्डिंग के एरिया के हिसाब से टैक्स की कैलकुलेशन कर सकेंगे।
विज्ञापन
यानी अब टैक्स विभाग के बाबुओं की मनमानी पर रोक लगेगी।दरअसल, सिटी, मोहन नगर और कविनगर समेत सभी जोन में टैक्स के बिल जानबूझकर बढ़ाकर भेजे जाने की शिकायत महापौर और नगरायुक्त को लगातार मिल रही है। इसी शिकायत पर नगरायुक्त अब्दुल समद सिटी जोन के एक टैक्स इंस्पेक्टर को सस्पेंड भी कर चुके हैं।
विज्ञापन
बावजूद इसके टैक्स का यह खेल थम नहीं रहा है। दो दिन पूर्व महापौर अशु वर्मा के पास सिटी जोन की फिर एक ऐसी ही शिकायत पहुंची। शुक्रवार को उन्होंने निगम अधिकारियों को सभी जोनल कार्यालय पर टैक्स की गणना का फार्मूले का डिस्प्ले कराए जाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अभी तक लोगों को न तो टैक्स कैलकुलेशन का फार्मूला पता है और न ही उसे बताया जा रहा। होर्डिंग्स लग जाने से कर्मचारी मनमानी नहीं कर सकेंगे।नगर निगम ने 12 मीटर तक की सड़क पर बने मकानों के लिए टैक्स की दर 1.16 रुपए, 12 से 24 मीटर चौड़ी सड़क पर 1.35 रुपए और 24 मीटर से ज्यादा चौड़ी रोड
1.72 रुपए प्रति वर्ग फीट निर्धारित की हुई है। माना किसी भवन का एरिया एक हजार वर्ग मीटर है और यह 12 मीटर चौड़ी रोड पर बना है तो उसका टैक्स जानने के लिए 1000 को टैक्स की दर यानी 1.16 से गुणा करने के बाद 12 गुना करेंगे। जो रकम आएगी वह उस भवन की एआरवी (एनुअल रेंटल वेल्यू) होगी।
एआरवी की रकम का 24 फीसदी हिस्सा उस भवन का संपत्ति कर होगा। इसी तरह 12 मीटर से चौड़ी सड़कों के भवनों की भी टैक्स कैलकुलेशन की जा सकेगी।