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Ghaziabad News: कामकाजी महिलाओं के लिए कल्लूगढ़ी में बनेगा छात्रावास

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 08 Apr 2023 12:36 AM IST
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Hostel will be built for working women in Kallugarhi
गाजियाबाद। जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए सरकारी स्तर पर छात्रावास बनवाया जा रहा है। इसके लिए महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने डिटेल्स प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर शासन को भेज दी है। विभाग की तरफ से स्थान भी चिह्नित कर लिया है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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डीपीओ विकास चंद्रा ने बताया कि शासन के महिला एवं बाल मंत्रालय की एकल महिला श्रमजीवी छात्रावास योजना के तहत महिलाओं को यह सुविधा दी जाएगी। छात्रावास के निर्माण के लिए कल्लूगढ़ी में एक हजार वर्ग मीटर जमीन चिह्नित कर ली गई है। शासन को भेजे गए डीपीआर में यह बताया गया है कि छात्रावास दो तल्ले का होगा जिसमें ड्राइंग रूम के साथ 50 कमरे होंगे। इसके अलावा इसमें खेल का मैदान, आउटडोर और इंडोर खेलों की सुविधा रहेगी। प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाली युवतियों महिलाओं के लिए इसमें लाइब्रेरी की भी सुविधा होगी।
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एनसीआर क्षेत्र होने की वजह से गाजियाबाद में प्रदेश भर और अन्य जिलों की भी महिलाएं नौकरी के लिए आती हैं। जिले में अनुमानत : 15-20 हजार कामकाजी महिलाएं होंगी, जिनको सुरक्षित और रियायती दरों में छात्रावास की जरूरत होती है। निजी तौर पर जो भी हॉस्टल हैं उनके लिए आठ हजार से लेकर 10 हजार तक खर्च करना पड़ता है। क्रॉसिंग रिपब्लिक में महिलाओं के लिए पेइंग गेस्ट( पीजी) हॉस्टल संचालित करने वाली निधि ने बताया कि खाने-पीने की व्यवस्था के साथ एक कमरे का आठ हजार होता है। एसी वाले कमरे का रेट लगभग 10 हजार तक है। स्थान के हिसाब से रेट कम या ज्यादा हो सकता है।
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30 वर्ष पहले बना हॉस्टल बदहाल
इससे पहले सूर्यनगर में 30 वर्ष पहले महिलाओं के लिए छात्रावास बनाया गया था जो अब बदहाल स्थिति में है। इसके अलावा नेहरूनगर में भी लगभग 22 वर्ष पहले एक हॉस्टल का निर्माण कराया गया था। वह भी बंद पड़ा है। अब सेफ सिटी के तहत इन दोनों छात्रावासों का निर्माण कराया जाएगा। नेहरूनगर वाले छात्रावास का नवीनीकरण कराने की योजना है। इन दोनों के लिए भी डीपीआर बनाकर शासन को भेजा गया है। हॉस्टल के निर्माण के लिए शासन को डीपीआर बनाकर भेज दी गई है। हॉस्टल बनने से कामकाजी महिलाओं को रहने की सुविधा मिलेगी। महिलाओं को बहुत कम शुल्क में सभी सुविधाएं दी जाएंगी।

कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। डीपीआर भेज दी गई है शासन से मंजूरी का इंतजार है। छात्रावास तैयार हो जाने के बाद रियायती दरों में कामकाजी महिलाओं को कमरे मिल जाया करेंगे। अभी इसका शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है।
सीडीओ, विक्रामादित्य सिंह मलिक
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