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यह हाईवे आपका जीवन बदल देगा
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‘यह हाईवे आपका जीवन बदल देगा’
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे को तरक्की के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। पिलखुवा के राजपूताना रेजीमेंट इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित डासना से हापुड़ के बीच 22 किलोमीटर के तीसरे चरण के उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि यह हाईवे आपका जीवन बदल देगा। अब यहां पर इंडस्ट्री लगा सकेंगे।
मेरे पास सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग भी काम हैं। इसलिए हमारी साथी केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह और मेरठ से सांसद राजेंद्र अग्रवाल बताए कि आपके कहने पर हाईवे तक बन गया। अब बताइये कि कौन सा उद्योग आपको चाहिए। सड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि आज ही दिल्ली में उत्तर प्रदेश के लघु उद्योग मंत्री मेरे पास आए थे। उनसे भी इंडस्ट्री को लेकर बात हुई है। बस आप सब लोग देखेंगे कि भविष्य में किस तरह का बदलाव यह हाईवे लेकर आएगा। क्योंकि यह हाईवे सीधे देश के बाकी हिस्सों से बिना दिल्ली में जाए आपको जोड़ देगा। यह हाईवे दिल्ली की रिंग रोड से मिलेगा जो हरियाणा से भी जोड़ेगा और मुंबई-एक्सप्रेस-वे से भी। इसलिए यह हाईवे तरक्की का हाईवे साबित होगा। उन्होंने इस दौरान दिल्ली-एनसीआर के अन्य प्रोजेक्ट का भी जिक्र किया और कहा कि अब हम दिल्ली की जाम व प्रदूषण मुक्त बनाने वाले प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। कुछ प्रोजेक्ट बन चुके हैं और कुछ पर काम चल रहा है।
वीके सिंह से डबल डेकर बस चलाने का बनाएं प्रस्ताव
इस हाईवे का तरक्की का हाईवे इसलिए नहीं कर रहा हूं। बल्कि मंत्रालय में मेरे साथी केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह प्रस्ताव बनाएं कि हाईवे पर दिल्ली तक चलने वाले डबल डेकर बस चलाएं। सीएनजी से चलने वाले इन बसों में नीचे बिजनेस क्लास और ऊपर इकॉनमी क्लास के लोग सफर करें। इतना ही नहीं आप भविष्य में देखेंगे के हाईवे के बीच में सिंगल पिलर पर चलने वाले बस सेवा भी शुरू हो सकेगी, जिसकी तकनीक हम लेकर आ रहे हैं। यह सेवा मेट्रो से कहीं सस्ती है। मेट्रो प्रोजेक्ट में प्रति किलोमीटर करीब 300 करोड़ तक खर्च होता है, जबकि इसमें करीब 50 करोड़ रुपया प्रति किलोमीटर खर्च होगा। इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट मजबूत होगा और दिल्ली तक का आवागमन आसान होगा।
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एनसीआर में 16363 करोड़ के प्रोजेक्ट निर्माणाधीन
प्रोजेक्ट लंबाई (किमी.) लागत (करोड़ रु.) कार्य स्थिति
धौलाकुआं से एयरपोर्ट तक कॉरिडोर 3.0 270 85 प्रतिशत
गुरूग्राम-सोहना मार्ग पर एलिवेटेड रोड 22.00 1689 25 प्रतिशत
दिल्ली-गुरूग्राम पर डीएलएफ फेस-2 एलिवेटेड यू-टर्न 163 15 प्रतिशत
एनएच-44 पर मुकरबा चौक से पानीपत तक 8-लेन 70.50 किमी. 2122 46 प्रतिशत
एनएच-248 बीबी पर 8 लेन, द्वारिका एक्सप्रेसवे 29.20 किमी. 9000 कार्य प्रगति पर
एनएच-352ए के 4 लेन गोहना से सोनीपत 38.24 किमी. 899 कार्य प्रारंभ
एनएच-334 बी के 4 लेन यूपी हरियाणा बॉर्डर 44.80 किमी. 1020 कार्य जल्द प्रारंभ
चार लेन खेकड़ा ईपीई जंक्शन से शामली-सहारनपुर तक 124 1200 25 प्रतिशत
एनसीआर में 12315 करोड़ की डीपीआर तैयार
1. 2815 करोड़ की लागत से 31.20 किलोमीटर लंबा अक्षरधामा से बागपत मार्ग ईपीई जंक्शन तक एनएच-709 बी के 6 लेने पहुंच नियंत्रित हाईवे का निर्माण।
2. एक हजार करोड़ की लागत से पांच किलोमीटर लंबे द्वारका (एनएच-48) को वसंत कुंज एवं नेल्सन मंडेला रोड से जोड़ने के लिए रंगपुरी बाईपास का निर्माण ।
3. चार हजार करोड़ रुपये की लागत से 75 किलोमीटर लंबी अर्बन एक्सटेंशन रोड (यूईआर-2) का भारतमाला परियोजना के अंतर्गत निर्माण (दिल्ली के लिए तृतीय रिंग रोड का निर्माण) ।
4. साढ़े चार हजार करोड़ रुपये की लागत से 59 किलोमीटर लंबी एनएच-148 किलोमीटर लंबी एनएके डीएनडी - फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाईपास- पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का निर्माण ।
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गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे को तरक्की के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। पिलखुवा के राजपूताना रेजीमेंट इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित डासना से हापुड़ के बीच 22 किलोमीटर के तीसरे चरण के उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि यह हाईवे आपका जीवन बदल देगा। अब यहां पर इंडस्ट्री लगा सकेंगे।
मेरे पास सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग भी काम हैं। इसलिए हमारी साथी केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह और मेरठ से सांसद राजेंद्र अग्रवाल बताए कि आपके कहने पर हाईवे तक बन गया। अब बताइये कि कौन सा उद्योग आपको चाहिए। सड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि आज ही दिल्ली में उत्तर प्रदेश के लघु उद्योग मंत्री मेरे पास आए थे। उनसे भी इंडस्ट्री को लेकर बात हुई है। बस आप सब लोग देखेंगे कि भविष्य में किस तरह का बदलाव यह हाईवे लेकर आएगा। क्योंकि यह हाईवे सीधे देश के बाकी हिस्सों से बिना दिल्ली में जाए आपको जोड़ देगा। यह हाईवे दिल्ली की रिंग रोड से मिलेगा जो हरियाणा से भी जोड़ेगा और मुंबई-एक्सप्रेस-वे से भी। इसलिए यह हाईवे तरक्की का हाईवे साबित होगा। उन्होंने इस दौरान दिल्ली-एनसीआर के अन्य प्रोजेक्ट का भी जिक्र किया और कहा कि अब हम दिल्ली की जाम व प्रदूषण मुक्त बनाने वाले प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। कुछ प्रोजेक्ट बन चुके हैं और कुछ पर काम चल रहा है।
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वीके सिंह से डबल डेकर बस चलाने का बनाएं प्रस्ताव
इस हाईवे का तरक्की का हाईवे इसलिए नहीं कर रहा हूं। बल्कि मंत्रालय में मेरे साथी केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह प्रस्ताव बनाएं कि हाईवे पर दिल्ली तक चलने वाले डबल डेकर बस चलाएं। सीएनजी से चलने वाले इन बसों में नीचे बिजनेस क्लास और ऊपर इकॉनमी क्लास के लोग सफर करें। इतना ही नहीं आप भविष्य में देखेंगे के हाईवे के बीच में सिंगल पिलर पर चलने वाले बस सेवा भी शुरू हो सकेगी, जिसकी तकनीक हम लेकर आ रहे हैं। यह सेवा मेट्रो से कहीं सस्ती है। मेट्रो प्रोजेक्ट में प्रति किलोमीटर करीब 300 करोड़ तक खर्च होता है, जबकि इसमें करीब 50 करोड़ रुपया प्रति किलोमीटर खर्च होगा। इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट मजबूत होगा और दिल्ली तक का आवागमन आसान होगा।
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एनसीआर में 16363 करोड़ के प्रोजेक्ट निर्माणाधीन
प्रोजेक्ट लंबाई (किमी.) लागत (करोड़ रु.) कार्य स्थिति
धौलाकुआं से एयरपोर्ट तक कॉरिडोर 3.0 270 85 प्रतिशत
गुरूग्राम-सोहना मार्ग पर एलिवेटेड रोड 22.00 1689 25 प्रतिशत
दिल्ली-गुरूग्राम पर डीएलएफ फेस-2 एलिवेटेड यू-टर्न 163 15 प्रतिशत
एनएच-44 पर मुकरबा चौक से पानीपत तक 8-लेन 70.50 किमी. 2122 46 प्रतिशत
एनएच-248 बीबी पर 8 लेन, द्वारिका एक्सप्रेसवे 29.20 किमी. 9000 कार्य प्रगति पर
एनएच-352ए के 4 लेन गोहना से सोनीपत 38.24 किमी. 899 कार्य प्रारंभ
एनएच-334 बी के 4 लेन यूपी हरियाणा बॉर्डर 44.80 किमी. 1020 कार्य जल्द प्रारंभ
चार लेन खेकड़ा ईपीई जंक्शन से शामली-सहारनपुर तक 124 1200 25 प्रतिशत
एनसीआर में 12315 करोड़ की डीपीआर तैयार
1. 2815 करोड़ की लागत से 31.20 किलोमीटर लंबा अक्षरधामा से बागपत मार्ग ईपीई जंक्शन तक एनएच-709 बी के 6 लेने पहुंच नियंत्रित हाईवे का निर्माण।
2. एक हजार करोड़ की लागत से पांच किलोमीटर लंबे द्वारका (एनएच-48) को वसंत कुंज एवं नेल्सन मंडेला रोड से जोड़ने के लिए रंगपुरी बाईपास का निर्माण ।
3. चार हजार करोड़ रुपये की लागत से 75 किलोमीटर लंबी अर्बन एक्सटेंशन रोड (यूईआर-2) का भारतमाला परियोजना के अंतर्गत निर्माण (दिल्ली के लिए तृतीय रिंग रोड का निर्माण) ।
4. साढ़े चार हजार करोड़ रुपये की लागत से 59 किलोमीटर लंबी एनएच-148 किलोमीटर लंबी एनएके डीएनडी - फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाईपास- पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का निर्माण ।