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Ghaziabad News: ओपीडी में 40 व इमरजेंसी में करना पड़ा 30 मिनट इंतजार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 03 Sep 2024 03:36 AM IST
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Had to wait 40 minutes in OPD and 30 minutes in emergency
माई सिटी रिपोर्टर
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गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में साेमवार काे इलाज कराने में मरीजों के पसीने छूट गए। बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में जहां मरीजों को चिकित्सक से परामर्श लेने में 40 मिनट तक का समय लग गया। वहीं, इमरजेंसी में भी मरीजों को 25 से 30 मिनट तक का इंतजार करना पड़ा। भीड़ अधिक होने की वजह से गेट से इमरजेंसी तक जाम लग गया। 100 मीटर की दूरी तय करने में लोगों को 15 से 20 मिनट लग गए। दोपहर एक बजे जाम में एंबुलेंस के फंसने पर सीएमएस ने अस्पताल का दूसरा गेट खुलवाया।
सोमवार को अस्पताल में 2607 नए मरीजों ने पंजीकरण कराया, जबकि एक हजार पुराने मरीज आए थे। सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि 1182 महिलाओं और 953 पुरुषों के अलावा 472 बच्चों का पंजीकरण किया गया। अस्पताल में बुखार के 283 मरीज जबकि खांसी, जुकाम व शरीर और सिरदर्द के 452 मरीज आए थे। वहीं उल्टी-दस्त के भी 142 मरीजों ने इलाज कराया। वहीं, विजयनगर के बागू निवासी रमेश कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी सुनीता को दो दिन से उल्टी-दस्त हो रहे थे। सुबह 11 बजे इमरजेंसी में ले आया था। 30 मिनट तक स्ट्रेचर पर ही लिटाना पड़ा, क्योंकि इमरजेंसी भीड़ अधिक थी। कोई सुनने वाला भी नहीं था। 30 मिनट बाद पत्नी को भर्ती किया गया।
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साढ़े तीन घंटे में मिली दवाई
करहेड़ा निवासी अनीता ने बताया कि पांच दिन से बुखार में आराम नहीं मिल रहा था। सुबह आठ बजे अस्पताल पहुंच गई थी, 8:35 बजे पर्चा बनवा पाई। इसके बाद डॉक्टर की ओपीडी में 45 मिनट लग गया। डॉक्टर के पास बैठे छोटे डॉक्टर ने जांच और दवाई लिख दी। लैब में जांच कराने गई तो वहां दो बार लाइन लगानी पड़ी। तीन दिन बाद रिपोर्ट देने को कहा है। 11:30 बजे दवाई ले पाई।
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नहीं हो पाई जांच, बाहर से खरीदी दवाई
छपरौला से आई आबिदा ने बताया कि 11 बजे अस्पताल पहुंची थीं। 11:30 बजे पर्ची बनवा पाई लेकिन डॉक्टर को दिखाने में ज्यादा समय लग गया। लैब में डेढ़ बजे पहुंची तो कहा कि देर हो गई है। मंगलवार को आकर जांच कराना। दवाई भी नहीं मिल पाई, इसलिए बाहर से 350 रुपये में खरीदी। लाइन में लगने के दौरान कई बार धक्का-मुक्की होने से मरीज लाइन से बाहर हो जाते थे, उसके बाद उन्हें पीछे खड़ा होना पड़ रहा था।


सीएमएस डॉ.राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को ओपीडी बढ़ जाती है। इस बार मरीजों की संख्या अधिक थी लेकिन अस्पताल में आए सभी मरीजों का इलाज किया गया। खून संबंधित कुछ जांच बिना कुछ खाए-पीये होती है, इससे जांच की रिपोर्ट बेहतर आती है। ऐसे में हो सकता है कि कुछ मरीजों को वापस कर दिया गया हो। दिव्यांगों और मरीजों के तीमारदारों के परिजनों के वाहनों की संख्या अधिक होने से जाम लग गया था। दोपहर में दूसरा गेट खुलवाया गया था।
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