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ग्रीन एनर्जी से रोशन होंगी शहर की सड़कें, ट्यूबवेल भी चलेंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 07 Apr 2016 12:40 AM IST
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सरकार ने नयनादेवी में पांच मेगावाट का सौर ऊर्जा पार्क बनाने की घोषणा की थी।
- फोटो : डेमो पिक
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शहर की सड़कें अब ग्रीन एनर्जी से रोशन होंगी। नगर निगमों और नगर पालिका क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटें, हाईमास्ट लाइटें सौर ऊर्जा से जगमगाएंगी। एनर्जी बचाने के लिए नगर निगम और जल निगम के ट्यूबवेल्स भी सौर ऊर्जा से चलाए जाएंगे।
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केंद्र सरकार ने वर्ष 2016-17 से अब ‘डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम नगरीय सौर पुंज योजना’ शुरू की है। इस योजना को गाजियाबाद समेत प्रदेश भर में लागू किया जाएगा। इस योजना के लागू हो जाने से नगर निकायों में बिजली बिल की बचत के साथ-साथ प्रदूषण से भी राहत मिलेगी।
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बिजली कटौती के दौरान भी शहर में ट्यूबवेल बंद नहीं होंगी और कालोनियों में पानी की आपूर्ति बाधित नहीं होगी। नगर विकास विभाग के सचिव श्रीप्रकाश सिंह ने नगर निगम को शासनादेश भेजकर इस योजना को जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश दिए हैं। योजना के लिए कार्यदायी संस्था का चुनाव नगर निगम या जल निगम अपने स्तर पर करेंगे।
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निगम का बिजली बिल 1.5 करोड़ रुपया
नगर निगम फिलहाल पूरी तरह विद्युत एनर्जी पर निर्भर है। निगम क्षेत्र में लगी करीब 62 हजार स्ट्रीट लाइटों पर नलकूपों पर नगर निगम हर महीने लगभग 1.5 करोड़ रुपया बिजली बिल के तौर पर खर्च करता है।
झुग्गियों और खेतों में भी शुरू हुआ सौर ऊर्जा का चलन
शहर की झुग्गियाें और खेतों में भी सौर ऊर्जा का प्रयोग शुरू हो गया है। सिहानी गांव के खेतों में सौर ऊर्जा से नलकूप चलाए जा रहे हैं। यहीं पर कुछ झुग्गियों में भी सौर ऊर्जा पैनल लगाकर लाइटें जलाई जा रही है। स्थायी पता न होने की वजह से झुग्गी वासियों को बिजली कनेक्शन नहीं मिल पाते।
सरकार की मंशा है कि कम से कम 35 फीसदी एनर्जी सौर ऊर्जा से ली जाए। शासनादेश के मुताबिक सौर ऊर्जा से स्ट्रीट लाइटें और ट्यूबवेल चलाने की योजना तैयार की जाएगी। इसके लिए पहले सर्वे कराया जाएगा। - अब्दुल समद, नगर आयुक्त