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जिले में ग्रैप लागू, प्रदूषणकारियों पर पीसीबी कसेगा शिकंजा
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जिले में आज से ग्रैप लागू, कूड़ा जलाने पर जुर्माना
वसुंधरा। जिले में मंगलवार से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने जा रहा है। सड़क और सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा जलाना, गंदगी फैलाना या फिर निर्माण साइटों पर प्रदूषण की रोकथाम के नियम का पालन न करना महंगा पड़ेगा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने जीडीए, नगर निगम, जल निगम, यूपीसीडा और अन्य विभागों को ग्रैप के तहत कार्रवाई करने के लिए कहा है। केंद्रीय बोर्ड के सदस्य सचिव ने दिल्ली एनसीआर में सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के नियमों को भी सख्ती से पूरे कराने का निर्देश दिए हैं।
सोमवार रात केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. प्रशांत गार्गव ने क्षेत्रीय अधिकारी को पत्र भेजकर ग्रैप के तहत नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए। ग्रैप लागू होने के बाद खुले में कूड़ा जलाना दंडनीय होगा, प्लास्टिक और ई वेस्ट को पिघलाकर उनसे कॉपर व चांदी भी निकालना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का उल्लंघन होगा। वहीं, औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों को अपनी इकाइयों के बाहर रोजाना सुबह- शाम पानी का छिड़काव करना होगा। जबकि यूपीसीड़ा को भी नियमों का पालन कराने पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। निर्माण साइटों को बिना कवर किए उनमें काम शुरू नहीं करने दिया जाएगा। ग्रैप के नियम के तहत हर विभाग की तरफ से टीम नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई करेगी।
21 से 24 अक्तूबर के बीच प्रदूषण का खतरा :
पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सब-कमेटी ने एयर क्वालिटी को बारीकी से चेक किया। जांच में सामने आया कि सोमवार को गाजियाबाद का प्रदूषण संतोषजनक कैटेगरी में था। बताया कि उत्तर से पूर्वी दिशा की ओर 20 अक्टूबर तक 10 से 12 किमी/ घंटा की स्पीड से हवा चलेगी। जिस कारण प्रदूषण ग्रीन जोन में दर्ज किया जाएगा। मगर 21 से 24 अक्टूबर के बीच उत्तर से पश्चिम दिशा की ओर 8 से 10 किमी/घंटा की स्पीड से हवा चलेगी। ऐसे में हवा की गति कम होने पर प्रदूषण का स्तर पीले जोन से बढ़कर खराब स्थिति में पहुंच जाएगा। इसमें सांस के मरीजों को दिक्कत होगी। लिहाजा केंद्रीय बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेशों का भी पालन कराने का निर्देश दिया है।
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ग्रैप में यह होगी कार्रवाई:
- सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा फेंकने और जलाने पर जुर्माना लगेगा
- औद्योगिक क्षेत्रों में थर्मल पावर प्लांट को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियम के तहत न चलाने पर जुर्माना
- दिल्ली एनसीआर के सभी ईंट भट्टों को बंद कराना, संचालन करते पकड़े जाने पर जुर्माना
- सड़कों पर मेकेनाइजीड मशीन और वाटर स्प्रिंकल से साफ सफाई और पानी का छिड़काव कराना होगा
- वाहनों से प्रदूषण फैलाने पर भारी जुर्माने का प्रावधान
- निर्माण साइटों पर धूल मिट्टी उड़ने पर कार्रवाई
- ट्रैफिक पुलिस द्वारा स्मूद ट्रैफिक संचालन के लिए व्यवस्था बनाना
- वर्ष 2005 के बाद के पंजीकृत ट्रकों को ही प्रवेश दिया जाएगा
- सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेशों का पूर्णतया पालन कराना होगा।
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वसुंधरा। जिले में मंगलवार से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने जा रहा है। सड़क और सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा जलाना, गंदगी फैलाना या फिर निर्माण साइटों पर प्रदूषण की रोकथाम के नियम का पालन न करना महंगा पड़ेगा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने जीडीए, नगर निगम, जल निगम, यूपीसीडा और अन्य विभागों को ग्रैप के तहत कार्रवाई करने के लिए कहा है। केंद्रीय बोर्ड के सदस्य सचिव ने दिल्ली एनसीआर में सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के नियमों को भी सख्ती से पूरे कराने का निर्देश दिए हैं।
सोमवार रात केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. प्रशांत गार्गव ने क्षेत्रीय अधिकारी को पत्र भेजकर ग्रैप के तहत नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए। ग्रैप लागू होने के बाद खुले में कूड़ा जलाना दंडनीय होगा, प्लास्टिक और ई वेस्ट को पिघलाकर उनसे कॉपर व चांदी भी निकालना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का उल्लंघन होगा। वहीं, औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों को अपनी इकाइयों के बाहर रोजाना सुबह- शाम पानी का छिड़काव करना होगा। जबकि यूपीसीड़ा को भी नियमों का पालन कराने पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। निर्माण साइटों को बिना कवर किए उनमें काम शुरू नहीं करने दिया जाएगा। ग्रैप के नियम के तहत हर विभाग की तरफ से टीम नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई करेगी।
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21 से 24 अक्तूबर के बीच प्रदूषण का खतरा :
पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सब-कमेटी ने एयर क्वालिटी को बारीकी से चेक किया। जांच में सामने आया कि सोमवार को गाजियाबाद का प्रदूषण संतोषजनक कैटेगरी में था। बताया कि उत्तर से पूर्वी दिशा की ओर 20 अक्टूबर तक 10 से 12 किमी/ घंटा की स्पीड से हवा चलेगी। जिस कारण प्रदूषण ग्रीन जोन में दर्ज किया जाएगा। मगर 21 से 24 अक्टूबर के बीच उत्तर से पश्चिम दिशा की ओर 8 से 10 किमी/घंटा की स्पीड से हवा चलेगी। ऐसे में हवा की गति कम होने पर प्रदूषण का स्तर पीले जोन से बढ़कर खराब स्थिति में पहुंच जाएगा। इसमें सांस के मरीजों को दिक्कत होगी। लिहाजा केंद्रीय बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेशों का भी पालन कराने का निर्देश दिया है।
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ग्रैप में यह होगी कार्रवाई:
- सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा फेंकने और जलाने पर जुर्माना लगेगा
- औद्योगिक क्षेत्रों में थर्मल पावर प्लांट को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियम के तहत न चलाने पर जुर्माना
- दिल्ली एनसीआर के सभी ईंट भट्टों को बंद कराना, संचालन करते पकड़े जाने पर जुर्माना
- सड़कों पर मेकेनाइजीड मशीन और वाटर स्प्रिंकल से साफ सफाई और पानी का छिड़काव कराना होगा
- वाहनों से प्रदूषण फैलाने पर भारी जुर्माने का प्रावधान
- निर्माण साइटों पर धूल मिट्टी उड़ने पर कार्रवाई
- ट्रैफिक पुलिस द्वारा स्मूद ट्रैफिक संचालन के लिए व्यवस्था बनाना
- वर्ष 2005 के बाद के पंजीकृत ट्रकों को ही प्रवेश दिया जाएगा
- सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेशों का पूर्णतया पालन कराना होगा।