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बीमा के नाम पर 550 लोगों से 50 करोड़ ठगे
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बीमा के नाम पर 550
लोगों से 50 करोड़ ठगे
इंदिरापुरम। बीमा की रकम दिलाने के बहाने 550 से ज्यादा लोगों से 50 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को पकड़कर साइबर सेल ने फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। आरोपी धीरज तंवर निवासी पॉम वैली गौतमबुद्धनगर, उसकी पत्नी हूमा खान और अक्षय निवासी बाबरपुर शाहदरा दिल्ली को इंदिरापुरम से मंगलवार शाम को पकड़ा गया। गिरोह में छह लोग हैं, जो दिल्ली के लक्ष्मीनगर में फर्जी कॉल सेंटर चलाते थे। आरोपियों के पास से 23 लाख की कार, चार मोबाइल, 125 डाटा पेपरशीट, 17 चेक और 97 हजार रुपये बरामद हुए हैं। तीनों ने ठगी के रुपयों से दिल्ली में फ्लैट और 10 दिन पहले ही लग्जरी गाड़ी खरीदी थी।
सीओ अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि धीरज, हूमा और गिरोह के अन्य सदस्य नोएडा की एक निजी बीमा कंपनी में नौकरी करते हैं। वहां पॉलिसी कराने वालों का डेटा हूमा के पास होता था। नौकरी करते हुए धीरज और एक अन्य मास्टरमाइंड ने बीमा पूरी होने पर लोगों के साथ ठगी करने की योजना बनाई। दोनों ने हूमा, अक्षय के साथ मिलकर चार साल पहले फर्जी कॉल सेंटर खोला। इसका संचालक अक्षय को बनाया गया।
ऐसे फंसाते थे लोगों को
आरोपी बीमा होल्डर्स को फोन कर खुद को बैंक अधिकारी या कर्मचारी बताकर उन्हें बीमा के परिपक्क होने पर रकम भुगतान कराने का झांसा देते थे। जिन लोगों की पॉलिसी किस्त बीच में रुक जाती थी, उनकी परेशानी को दूर करने का झांसा देकर खाते में लाखों रुपये की ट्रांजेक्शन करा लेते थे। ठगी का रुपया सभी छह लोगों के बीच हिस्सा बंटता था, जिसमें हूमा को 30 फीसदी कमीशन मिलता था।
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12 खाते मिले, एक में तीन करोड़ की ट्रांजेक्शन
पुलिस ने बताया कि ठगों के पास से 12 खाते मिले हैं। एक खाते में तीन करोड़ की ट्रांजेक्शन मिली है। यह पॉलिसी और होल्डर पर निर्भर करता था कि उसको किस प्रकार जाल में फंसाकर कितना पैसा ठगा जाए। नोएडा की उस निजी बीमा कंपनी की भी जांच की जा रही है, जहां आरोपी काम करते थे।
इंदिरापुरम आए शराब पीने, पुलिस ने दबोचा
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ इंदिरापुरम थाने में रिपोर्ट दर्ज है। पुलिस काफी समय से उन्हें तलाश रही थी। जिस नंबर से ठग लोगों को कॉल कर फंसाते थे, वह नंबर मंगलवार शाम इंदिरापुरम में सक्रिय मिला। लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने तीनों आरोपियों को इंदिरापुरम के कनावनी से दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह यहां शराब पीने और मौजमस्ती करने आए थे।
हर आरोपी का अलग काम
धीरज तंवर
उम्र : 32 वर्ष, शिक्षा : बीए पास
काम : लोगों को कॉल कर उन्हें विभिन्न तरह से लालच देकर फंसाना।
अक्षय
उम्र : 30 वर्ष, शिक्षा : 12वीं पास
काम : कॉल सेंटर का संचालन करना।
हूमा खान
उम्र : 25 वर्ष, शिक्षा : 12वीं पास
फर्जी बैंक खातों के एटीएम, नेटबैकिंग का लॉगइन रखना, पैसा ट्रांसफर करना व निकालना।
फंसने पर देते थे जान से मारने की धमकी
पुलिस ने बताया कि ठगों ने परिवहन अपार्टमेंट में रहने वाले शिवाजी सरकार से 86 लाख 90 हजार 576 रुपये ठग लिए थे। पीड़ित ने 2016 में अपने बेटे अंकित सरकार के नाम पर बीमा कराया था। 2019 में बीमे की किस्त रह गई। इसका डेटा ठगों के पास पहुंच गया। उन्होंने शिवाजी सरकार को फोन किया और खुद को बीमा कंपनी का अधिकारी बताकर पूरा पैसा दिलाने का झांसा दिया। इस दौरान पीड़ित के खाते से 86 लाख 90 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए। खुद के ठगे जाने का पता चलने पर शिवाजी ने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित को ठगों के जाल में फंसकर बैंक से एफडी भी तोड़नी पड़ी थी। उन्होंने इंदिरापुरम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
टीएचए में पूर्व में पकड़े गए कॉल सेंटर
16 जनवरी : भविष्य बताने के नाम पर कॉल सेंटर चलाकर ठगने वाले इंदिरापुरम से चार गिरफ्तार।
10 फरवरी : देश-विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले इंदिरापुरम से दो आरोपी पकड़े।
07 मार्च : ज्योतिष के नाम पर ठगने वाले गिरोह के सात आरोपी साहिबाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किए।
09 अप्रैल : पॉलिसी में डबल प्रीमियम देने की बात कहकर ठगी करने वाले सात लोग पकड़े गए।
13 अप्रैल : सॉफ्टवेयर अपडेट के नाम पर ठगी करने वाले छह बदमाशों को साइबर सेल ने पकड़ा।
22 अप्रैल : जॉब सर्च कंपनी से डाटा लेकर हजारों लोगों को चूना लगाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार।
23 जुलाई : साहिबाबाद के राजेंद्र नगर में ठगी का कॉल सेंटर पकड़ा गया, पांच लोग दबोचे गए।
05 सितंबर : वसुंधरा में एलआईसी की पॉलिसी के नाम पर लोगों को ठगने वाले गैंग के तीन लोग धरे।
01 अक्तूबर : कौशांबी के मॉल में कॉल सेंटर खोलकर 30 हजार लोगों से 50 करोड़ ठगने वाले दो पकड़े।
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लोगों से 50 करोड़ ठगे
इंदिरापुरम। बीमा की रकम दिलाने के बहाने 550 से ज्यादा लोगों से 50 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को पकड़कर साइबर सेल ने फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। आरोपी धीरज तंवर निवासी पॉम वैली गौतमबुद्धनगर, उसकी पत्नी हूमा खान और अक्षय निवासी बाबरपुर शाहदरा दिल्ली को इंदिरापुरम से मंगलवार शाम को पकड़ा गया। गिरोह में छह लोग हैं, जो दिल्ली के लक्ष्मीनगर में फर्जी कॉल सेंटर चलाते थे। आरोपियों के पास से 23 लाख की कार, चार मोबाइल, 125 डाटा पेपरशीट, 17 चेक और 97 हजार रुपये बरामद हुए हैं। तीनों ने ठगी के रुपयों से दिल्ली में फ्लैट और 10 दिन पहले ही लग्जरी गाड़ी खरीदी थी।
सीओ अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि धीरज, हूमा और गिरोह के अन्य सदस्य नोएडा की एक निजी बीमा कंपनी में नौकरी करते हैं। वहां पॉलिसी कराने वालों का डेटा हूमा के पास होता था। नौकरी करते हुए धीरज और एक अन्य मास्टरमाइंड ने बीमा पूरी होने पर लोगों के साथ ठगी करने की योजना बनाई। दोनों ने हूमा, अक्षय के साथ मिलकर चार साल पहले फर्जी कॉल सेंटर खोला। इसका संचालक अक्षय को बनाया गया।
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ऐसे फंसाते थे लोगों को
आरोपी बीमा होल्डर्स को फोन कर खुद को बैंक अधिकारी या कर्मचारी बताकर उन्हें बीमा के परिपक्क होने पर रकम भुगतान कराने का झांसा देते थे। जिन लोगों की पॉलिसी किस्त बीच में रुक जाती थी, उनकी परेशानी को दूर करने का झांसा देकर खाते में लाखों रुपये की ट्रांजेक्शन करा लेते थे। ठगी का रुपया सभी छह लोगों के बीच हिस्सा बंटता था, जिसमें हूमा को 30 फीसदी कमीशन मिलता था।
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12 खाते मिले, एक में तीन करोड़ की ट्रांजेक्शन
पुलिस ने बताया कि ठगों के पास से 12 खाते मिले हैं। एक खाते में तीन करोड़ की ट्रांजेक्शन मिली है। यह पॉलिसी और होल्डर पर निर्भर करता था कि उसको किस प्रकार जाल में फंसाकर कितना पैसा ठगा जाए। नोएडा की उस निजी बीमा कंपनी की भी जांच की जा रही है, जहां आरोपी काम करते थे।
इंदिरापुरम आए शराब पीने, पुलिस ने दबोचा
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ इंदिरापुरम थाने में रिपोर्ट दर्ज है। पुलिस काफी समय से उन्हें तलाश रही थी। जिस नंबर से ठग लोगों को कॉल कर फंसाते थे, वह नंबर मंगलवार शाम इंदिरापुरम में सक्रिय मिला। लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने तीनों आरोपियों को इंदिरापुरम के कनावनी से दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह यहां शराब पीने और मौजमस्ती करने आए थे।
हर आरोपी का अलग काम
धीरज तंवर
उम्र : 32 वर्ष, शिक्षा : बीए पास
काम : लोगों को कॉल कर उन्हें विभिन्न तरह से लालच देकर फंसाना।
अक्षय
उम्र : 30 वर्ष, शिक्षा : 12वीं पास
काम : कॉल सेंटर का संचालन करना।
हूमा खान
उम्र : 25 वर्ष, शिक्षा : 12वीं पास
फर्जी बैंक खातों के एटीएम, नेटबैकिंग का लॉगइन रखना, पैसा ट्रांसफर करना व निकालना।
फंसने पर देते थे जान से मारने की धमकी
पुलिस ने बताया कि ठगों ने परिवहन अपार्टमेंट में रहने वाले शिवाजी सरकार से 86 लाख 90 हजार 576 रुपये ठग लिए थे। पीड़ित ने 2016 में अपने बेटे अंकित सरकार के नाम पर बीमा कराया था। 2019 में बीमे की किस्त रह गई। इसका डेटा ठगों के पास पहुंच गया। उन्होंने शिवाजी सरकार को फोन किया और खुद को बीमा कंपनी का अधिकारी बताकर पूरा पैसा दिलाने का झांसा दिया। इस दौरान पीड़ित के खाते से 86 लाख 90 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए। खुद के ठगे जाने का पता चलने पर शिवाजी ने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित को ठगों के जाल में फंसकर बैंक से एफडी भी तोड़नी पड़ी थी। उन्होंने इंदिरापुरम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
टीएचए में पूर्व में पकड़े गए कॉल सेंटर
16 जनवरी : भविष्य बताने के नाम पर कॉल सेंटर चलाकर ठगने वाले इंदिरापुरम से चार गिरफ्तार।
10 फरवरी : देश-विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले इंदिरापुरम से दो आरोपी पकड़े।
07 मार्च : ज्योतिष के नाम पर ठगने वाले गिरोह के सात आरोपी साहिबाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किए।
09 अप्रैल : पॉलिसी में डबल प्रीमियम देने की बात कहकर ठगी करने वाले सात लोग पकड़े गए।
13 अप्रैल : सॉफ्टवेयर अपडेट के नाम पर ठगी करने वाले छह बदमाशों को साइबर सेल ने पकड़ा।
22 अप्रैल : जॉब सर्च कंपनी से डाटा लेकर हजारों लोगों को चूना लगाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार।
23 जुलाई : साहिबाबाद के राजेंद्र नगर में ठगी का कॉल सेंटर पकड़ा गया, पांच लोग दबोचे गए।
05 सितंबर : वसुंधरा में एलआईसी की पॉलिसी के नाम पर लोगों को ठगने वाले गैंग के तीन लोग धरे।
01 अक्तूबर : कौशांबी के मॉल में कॉल सेंटर खोलकर 30 हजार लोगों से 50 करोड़ ठगने वाले दो पकड़े।