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टीएचए में अवैध निर्माण से जान को खतरा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2019 12:03 AM IST
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टीएचए के कई इलाकों में धड़ल्ले से हो रहा अवैध निर्माण
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साहिबाबाद। टीएचए के कई इलाकों में अवैध निर्माण से जान का खतरा बना हुआ है। छोटे से लेकर बड़े बिल्डर तक नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से अवैध निर्माण कर रहे हैं। एकल यूनिट के प्लॉट पर कई कई मंजिल तक का फ्लैट बना दिया गया है। क्षमता के मानक के विपरीत हो रहे इस काम से भवनों के ढहने की संभावना बनी रहती है। हाल में कुछ घटनाएं भी ऐसी हुई हैं। फिर भी संबंधित विभाग ऐसे निर्माण को रोकने की अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रहा है।
निर्माण एजेंसियों और विभागों पर घटिया सामग्री इस्तेमाल करने के आरोप लगते रहे हैं। तुलसी निकेतन और न्यायखंड में जीडीए द्वारा बनाए गए सैकड़ों भवनों की हालत जर्जर हो चुकी है। न्यायखंड में भवनों के गिरने के खतरे से लोग डरे सहमे रहते हैं। वहीं,वसुंधरा के सेक्टर 1, 2, 3, 5 में धड़ल्ले से अवैध निर्माण हो रहा है। एकल यूनिट पर ढाई से तीन मंजिल ही बनाने का प्रावधान है, जबकि पांच पांच मंजिल तक बना दिए गए हैं। स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि क्षमता से अधिक भवन बनने से गिरने का खतरा बना रहता है। उस पर से लोगों ने निर्माण के दौरान घटिया सामग्री इस्तेमाल होते हुए देखा है। कुछ मौकों पर लोगों ने इसकी शिकायत भी आवास विकास परिषद (आविप) से की थी। वहीं आविप इस अवैध निर्माण को रोकने में बौना साबित हो रहा है। पिछले दो साल में आविप ने सिर्फ एक बार 20 जून को तीन सेक्टरों में अवैध निर्माण को ढहाने व सीलिंग का अभियान चलाया था। इसके बाद से आविप का रोना है कि जिला प्रशासन से फोर्स नहीं मिलने के कारण कार्रवाई रुकी हुई है।
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हाल ही 12 अगस्त को खोड़ा के लोकप्रिय विहार में पांच मंजिला इमारत झुक गई थी। इसकी ऊपरी तीन मंजिलों को तोड़ा गया। यह इमारत गिरती तो आसपास बड़ा हादसा हो जाता। करीब साल भर पहले आदर्शनगर में दो मंजिला शॉपिंग कांप्लेक्स गिर पड़ी थी। इन हादसों को देखते हुए नगरपालिका प्रशासन ने चार मंजिल से ऊपर बने भवनों को तोड़ने का एलान किया था। लेकिन यह कार्रवाई अभी कागजों में ही सीमित है। डूब क्षेत्र का दृश्य भी ऐसा ही है। कई कई मंजिला भवनों के बीच में रास्ते के नाम पर गली भर तक की जगह छोड़ी गई है जहां दमकल जैसी अनिवार्य सेवा भी प्रवेश नहीं कर सकती।
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