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वीआइपी नंबर के पंजीकरण को अनिवार्य देना होगा एक लाख
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वीआईपी नंबर के पंजीकरण को एडवांस देने होंगे एक लाख
गाजियाबाद। अब कार के वीआईपी नंबर के पंजीकरण के लिए वाहन मालिक को न्यूनतम एक लाख रुपये एडवांस के रूप में जमा करने होंगे। अभी तक वीआईपी नंबर के ऑनलाइन पंजीकरण को पांच हजार रुपये जमा कराने होते थे। उसके बाद ऑनलाइन बोली में शामिल होतेे थे। बाइक के नंबर के लिए 20 हजार रुपये देने होंगे।
वीआईपी नंबर को लेकर जिला ही नहीं पूरे प्रदेश में मारामारी रहती है। अब वीआईपी नंबर की बढ़ती मांग को देख उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त ने पंजीकरण शुल्क में बढ़ोत्तरी कर दी है। बता दें कि वाहनों के विशेष और आकर्षित नंबर के लिए वाहन स्वामियों को ऑनलाइन बोली लगानी होती थी। उनको पहले पंजीकरण करना होता था। इसके बाद वह ऑनलाइन बोली में शामिल होते थे। इसमें ऑनलाइन पंजीकरण के लिए पहले वाहन मालिक को पांच हजार रुपये पंजीकरण शुल्क जमा करना होता था। बोली लगने के बाद नंबर के शुल्क में से वह रकम घटा दी जाती थी। अब पांच हजार के स्थान पर कार स्वामी को एक लाख और बाइक स्वामी को 20 हजार रुपये जमा करने होंगे।
पंजीकरण कराने के बाद नहीं होंगे गायब
वीआईपी नंबर का पंजीकरण कराने के लिए केवल पांच हजार रुपये जमा करते थे। उसके बाद बोली लगती थी। लाखों रुपये की बोली तो लोग लगा देते थे, लेकिन बाद में नंबर को नहीं खरीदते थे। ऐसी स्थिति को सुधारने के लिए शासन ने यह कदम उठाया है। अधिकतर लोग गड़बड़ी कर देते थे और होड़ में कई-कई लाख की बोली लगा देते थे।
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चार श्रेणी में बांटे नंबर
नंबरों को को इस बार चार श्रेणी में बांटा गया है। अति आकर्षक पंजीकरण नंबर, अति महत्वपूर्ण पंजीकरण, आकर्षक पंजीकरण, महत्वर्पूण पंजीकरण नंबरों में बांटा गया है। एआरटीओ प्रशासन विश्वजीत सिंह ने बताया कि सबसे ज्यादा अति आकर्षण नंबरों का पंजीकरण मूल्य है। 0001, 0002, 0003, 0004, 0005, 0006, 0007, 0008, 0009, 0786, 1111, 2222, 3333, 4444, 5555, 6666, 7777, 8888 और 9999 हैं। इसके लिए चार पहिया वाहन मालिक को एक लाख और दोपहिया वाहन मालिक को 20 हजार रुपये में पंजीकरण कराना होगा। अति महत्वपूर्ण नंबर के लिए चार पहिया पर 50 हजार रुपये और दोपहिया वाहन पर दस हजार रुपये आकर्ष नंबर के लिए चार पहिया पर 25 हजार रुपये और दोपहिया पर पांच हजार रुपये और महत्वपूर्ण नंबर के लिए कार चालक पर 15 हजार रुपये और बाइक पर तीन हजार रुपये देने होंगे।
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गाजियाबाद। अब कार के वीआईपी नंबर के पंजीकरण के लिए वाहन मालिक को न्यूनतम एक लाख रुपये एडवांस के रूप में जमा करने होंगे। अभी तक वीआईपी नंबर के ऑनलाइन पंजीकरण को पांच हजार रुपये जमा कराने होते थे। उसके बाद ऑनलाइन बोली में शामिल होतेे थे। बाइक के नंबर के लिए 20 हजार रुपये देने होंगे।
वीआईपी नंबर को लेकर जिला ही नहीं पूरे प्रदेश में मारामारी रहती है। अब वीआईपी नंबर की बढ़ती मांग को देख उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त ने पंजीकरण शुल्क में बढ़ोत्तरी कर दी है। बता दें कि वाहनों के विशेष और आकर्षित नंबर के लिए वाहन स्वामियों को ऑनलाइन बोली लगानी होती थी। उनको पहले पंजीकरण करना होता था। इसके बाद वह ऑनलाइन बोली में शामिल होते थे। इसमें ऑनलाइन पंजीकरण के लिए पहले वाहन मालिक को पांच हजार रुपये पंजीकरण शुल्क जमा करना होता था। बोली लगने के बाद नंबर के शुल्क में से वह रकम घटा दी जाती थी। अब पांच हजार के स्थान पर कार स्वामी को एक लाख और बाइक स्वामी को 20 हजार रुपये जमा करने होंगे।
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पंजीकरण कराने के बाद नहीं होंगे गायब
वीआईपी नंबर का पंजीकरण कराने के लिए केवल पांच हजार रुपये जमा करते थे। उसके बाद बोली लगती थी। लाखों रुपये की बोली तो लोग लगा देते थे, लेकिन बाद में नंबर को नहीं खरीदते थे। ऐसी स्थिति को सुधारने के लिए शासन ने यह कदम उठाया है। अधिकतर लोग गड़बड़ी कर देते थे और होड़ में कई-कई लाख की बोली लगा देते थे।
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चार श्रेणी में बांटे नंबर
नंबरों को को इस बार चार श्रेणी में बांटा गया है। अति आकर्षक पंजीकरण नंबर, अति महत्वपूर्ण पंजीकरण, आकर्षक पंजीकरण, महत्वर्पूण पंजीकरण नंबरों में बांटा गया है। एआरटीओ प्रशासन विश्वजीत सिंह ने बताया कि सबसे ज्यादा अति आकर्षण नंबरों का पंजीकरण मूल्य है। 0001, 0002, 0003, 0004, 0005, 0006, 0007, 0008, 0009, 0786, 1111, 2222, 3333, 4444, 5555, 6666, 7777, 8888 और 9999 हैं। इसके लिए चार पहिया वाहन मालिक को एक लाख और दोपहिया वाहन मालिक को 20 हजार रुपये में पंजीकरण कराना होगा। अति महत्वपूर्ण नंबर के लिए चार पहिया पर 50 हजार रुपये और दोपहिया वाहन पर दस हजार रुपये आकर्ष नंबर के लिए चार पहिया पर 25 हजार रुपये और दोपहिया पर पांच हजार रुपये और महत्वपूर्ण नंबर के लिए कार चालक पर 15 हजार रुपये और बाइक पर तीन हजार रुपये देने होंगे।