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एकल यूनिट पर रजिस्ट्री की सख्ती, लोगों के फंसेंगे करोड़ों
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एकल यूनिट पर रजिस्ट्री की सख्ती, फंसेंगे लोगों के करोड़ों
गाजियाबाद। मानकों की अवहेलना कर एकल यूनिट पर तय क्षमता से अधिक भवनों का निर्माण करने वाले बिल्डरों पर जीडीए की सख्ती से लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। जीडीए की इंदिरापुरम सहित अन्य योजनाओं में बनी सिंगल यूनिटों में 5000 से अधिक लोगों ने भवन बुक कराए हैं। सिंगल यूनिट पर नियमों का उल्लंघन कर तय क्षमता से अधिक बने भवनों को जीडीए सील व उनके बिल्डरों पर एफआईआर की तैयारी कर रहा है। ऐसे में निर्माणाधीन ऐसी बिल्डिंग सील होने से बुकिंग कराने वाले हजारों लोगों के करोड़ों रुपये फंस जाएंगे।
उधर, जीडीए उपाध्यक्ष ने एआईजी स्टांप के साथ बैठक में प्राधिकरण की नौ कालोनियों में सिंगल यूनिट के भवनाें की रजिस्ट्री से पहले उनसे एनओसी लेने की मांग की थी। ऐसे में सिंगल यूनिट पर तय क्षमता से अधिक बने भवनों की रजिस्ट्री भी अब संभव नहीं हो सकेगी। ऐसे सभी निर्माणाधीन प्रोजेक्टों में पैसा लगाने वाले हजारों लोगों का पैसा फंसने की मुसीबत अब खड़ी हो गई है। बिल्डरों की गड़बड़ी का खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ सकता है। एकल यूनिट पर क्षमता से अधिक भवनों के निर्माण के मामले में जीडीए जोन-छह का इंदिरापुरम नंबर एक पर है। बिल्डरों पर सख्ती करते हुए जीडीए ने क्षमता से अधिक फ्लैट बनाने के मामले में इंदिरापुरम में 16 बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर को तहरीर दी थी। दूसरीओर जोन-छह में बीते कई साल में तैनात रहे जूनियर इंजीनियरों व सुपरवाइजरों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है। नियम विरुद्ध निर्माण कराने में प्राधिकरण अधिकारियों की संलिप्तता पाए जाने पर शासन को कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। जीडीए इंदिरापुरम के विभिन्न खंड़ों में एकल यूनिटों का गहनता से सर्वे किया जा रहा है। प्रत्येक एकल यूनिट पर कितने-कितने भवनों का निर्माण हुआ है, इसकी जांच की जा रही है।
निर्माणाधीन एकल यूनिटोें की सीलिंग होगी तेज
एकल यूनिटों में तय क्षमता से अधिक बने भवनों के निर्माणाधीन प्रोजेक्टों की रजिस्ट्री पर लगाम लगाने के बाद जीडीए का सीलिंग अभियान तेज होगा। दूसरी ओर निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के साथ पुराने प्रोजेक्टों में नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों पर एफआईआर करने की भी तैयारी है। जीडीए के रडार पर इंदिरापुरम के साथ शालीमार गार्ड में फर्स्ट, सेकेंड व थर्ड, कौशांबी, प्रताप विहार, राजेंद्र नगर, इंप्रदप्रस्थ और स्वर्णजयंतीपुरम कालोनी की निर्माणाधीन एकल यूनिटें हैं।
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खरीददार रहे सावधान, योजनाओं में चस्पा होंगे बोर्ड
बिल्डरों के चंगुल से खरीदारों को फंसने से बचाने के लिए जीडीए इंदिरापुरम सहित अन्य योजनाओं में बोर्ड चस्पा करेगा। लोगों को सावधान करने के लिए घर खरीदने से पहले किन-किन बिंदुओं का ध्यान रखें, इसकी पूरी सूचना बोर्ड में चस्पा की जाएगी। प्राधिकरण के बायलॉज के अनुसार 150 से 300 वर्ग मीटर भूखंड पर तीन, 301 से 400 वर्ग मीटर भूखंड पर चार और 401 से 500 वर्ग मीटर भूखंड पर पांच यूनिटों का निर्माण किया जा सकता है। दूसरी ओर नोटिस बोर्ड में भूखंड का मानचित्र जीडीए से स्वीकृत होने, मानचित्र में स्वीकृत व स्थल पर निर्मित आवासीय इकाई का क्षेत्रफल समान होने, रेरा के तहत आठ या इससे अधिक यूनिट होने पर पंजीकरण होने, मानचित्र के दर्शित पार्किंग स्थल की उपलब्धता और स्वीकृत मानचित्र के अनुसार तलों की संख्या समान होने के बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।
कोट
एकल यूनिट पर तय मानक से अधिक यूनिटों के निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी। दोषी बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी। लोगों को सचेत करने के लिए योजनाओं में बोर्ड चस्पा किए जाएंगे। - कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए
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गाजियाबाद। मानकों की अवहेलना कर एकल यूनिट पर तय क्षमता से अधिक भवनों का निर्माण करने वाले बिल्डरों पर जीडीए की सख्ती से लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। जीडीए की इंदिरापुरम सहित अन्य योजनाओं में बनी सिंगल यूनिटों में 5000 से अधिक लोगों ने भवन बुक कराए हैं। सिंगल यूनिट पर नियमों का उल्लंघन कर तय क्षमता से अधिक बने भवनों को जीडीए सील व उनके बिल्डरों पर एफआईआर की तैयारी कर रहा है। ऐसे में निर्माणाधीन ऐसी बिल्डिंग सील होने से बुकिंग कराने वाले हजारों लोगों के करोड़ों रुपये फंस जाएंगे।
उधर, जीडीए उपाध्यक्ष ने एआईजी स्टांप के साथ बैठक में प्राधिकरण की नौ कालोनियों में सिंगल यूनिट के भवनाें की रजिस्ट्री से पहले उनसे एनओसी लेने की मांग की थी। ऐसे में सिंगल यूनिट पर तय क्षमता से अधिक बने भवनों की रजिस्ट्री भी अब संभव नहीं हो सकेगी। ऐसे सभी निर्माणाधीन प्रोजेक्टों में पैसा लगाने वाले हजारों लोगों का पैसा फंसने की मुसीबत अब खड़ी हो गई है। बिल्डरों की गड़बड़ी का खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ सकता है। एकल यूनिट पर क्षमता से अधिक भवनों के निर्माण के मामले में जीडीए जोन-छह का इंदिरापुरम नंबर एक पर है। बिल्डरों पर सख्ती करते हुए जीडीए ने क्षमता से अधिक फ्लैट बनाने के मामले में इंदिरापुरम में 16 बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर को तहरीर दी थी। दूसरीओर जोन-छह में बीते कई साल में तैनात रहे जूनियर इंजीनियरों व सुपरवाइजरों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है। नियम विरुद्ध निर्माण कराने में प्राधिकरण अधिकारियों की संलिप्तता पाए जाने पर शासन को कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। जीडीए इंदिरापुरम के विभिन्न खंड़ों में एकल यूनिटों का गहनता से सर्वे किया जा रहा है। प्रत्येक एकल यूनिट पर कितने-कितने भवनों का निर्माण हुआ है, इसकी जांच की जा रही है।
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निर्माणाधीन एकल यूनिटोें की सीलिंग होगी तेज
एकल यूनिटों में तय क्षमता से अधिक बने भवनों के निर्माणाधीन प्रोजेक्टों की रजिस्ट्री पर लगाम लगाने के बाद जीडीए का सीलिंग अभियान तेज होगा। दूसरी ओर निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के साथ पुराने प्रोजेक्टों में नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों पर एफआईआर करने की भी तैयारी है। जीडीए के रडार पर इंदिरापुरम के साथ शालीमार गार्ड में फर्स्ट, सेकेंड व थर्ड, कौशांबी, प्रताप विहार, राजेंद्र नगर, इंप्रदप्रस्थ और स्वर्णजयंतीपुरम कालोनी की निर्माणाधीन एकल यूनिटें हैं।
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खरीददार रहे सावधान, योजनाओं में चस्पा होंगे बोर्ड
बिल्डरों के चंगुल से खरीदारों को फंसने से बचाने के लिए जीडीए इंदिरापुरम सहित अन्य योजनाओं में बोर्ड चस्पा करेगा। लोगों को सावधान करने के लिए घर खरीदने से पहले किन-किन बिंदुओं का ध्यान रखें, इसकी पूरी सूचना बोर्ड में चस्पा की जाएगी। प्राधिकरण के बायलॉज के अनुसार 150 से 300 वर्ग मीटर भूखंड पर तीन, 301 से 400 वर्ग मीटर भूखंड पर चार और 401 से 500 वर्ग मीटर भूखंड पर पांच यूनिटों का निर्माण किया जा सकता है। दूसरी ओर नोटिस बोर्ड में भूखंड का मानचित्र जीडीए से स्वीकृत होने, मानचित्र में स्वीकृत व स्थल पर निर्मित आवासीय इकाई का क्षेत्रफल समान होने, रेरा के तहत आठ या इससे अधिक यूनिट होने पर पंजीकरण होने, मानचित्र के दर्शित पार्किंग स्थल की उपलब्धता और स्वीकृत मानचित्र के अनुसार तलों की संख्या समान होने के बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।
कोट
एकल यूनिट पर तय मानक से अधिक यूनिटों के निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी। दोषी बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी। लोगों को सचेत करने के लिए योजनाओं में बोर्ड चस्पा किए जाएंगे। - कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए