फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziyabad news

हाउस टैक्स वसूलने पहुंची नगर निगम की टीम को घेरा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2019 12:21 AM IST
विज्ञापन
ghaziyabad news
हाउस टैक्स वसूलने पहुंची नगर निगम की टीम को घेरा
विज्ञापन

गाजियाबाद। विकास कार्यों से पल्ला झाड़ने वाली नगर निगम की टीम रविवार को हाउस टैक्स वसूलने राजनगर एक्सटेंशन में पहुंची तो लोगों ने घेर लिया। कई सोसायटियों के लोगों ने हाउस टैक्स जमा किए जाने का जमकर विरोध किया। उन्होंने राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में बिना विकास कार्य कराए टैक्स जमा करने से साफ इंकार दिया। लोगों का विरोध देख निगम की टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
दरअसल, राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र हैंडओवर न होने की बात कहकर नगर निगम यहां विकास कार्य कराने से साफ इंकार करा देता है। जीडीए भी इस कालोनी को अपनी नहीं मानता। ऐसे में क्षेत्र के करीब 25 हजार से ज्यादा परिवार जनसुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। नगर निगम ने करीब एक सप्ताह पूर्व भी यहां कैंप लगाकर फ्लैटों पर कर निर्धारण किया था। निगम को यहां से करीब 20 लाख से ज्यादा का राजस्व मिला था। रविवार को फिर नगर निगम की टीम केडब्ल्यू सृष्टि सोसायटी में पहुंची और कैंप लगाकर फ्लैट मालिकों से टैक्स वसूलना शुरू किया। इसकी पूर्व सूचना रेजिडेंट्स को थी। विकास कार्यों के लिए तरस रहे रेजिडेंट्स विरोध के लिए वहां पहुंच गए। उन्होंने बिना विकास कार्य टैक्स देने से साफ इंकार कर दिया और निगम की टीम का विरोध किया। इस दौरान करीब एक घंटे से ज्यादा तक वहां विरोध चलता रहा। कई सोसायटियों के रेजिडेंट्स ने तब तक टैक्स जमा करने से इंकार कर दिया, जब तक नगर निगम की ओर से यहां सुविधाएं नहीं दी जाएंगी।
विज्ञापन

---
निर्माण पूरा हुआ नहीं, 2014 से वसूलने लगे हाउस टैक्स
राजनगर एक्सटेंशन के रेजिडेंट्स का कहना है कि अधिकांश सोसायटियों को अभी तक जीडीए की ओर से कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिला है। आधे-अधूरे टावरों में लोगों ने रहना तो शुरू कर दिया है, लेकिन न तो उनकी कॉमन फेसिलिटी मिली, न क्लब मिला। जीडीए से जिन सोसायटियों को पूर्णता प्रमाण पत्र भी नहीं मिला है, उनमें भी नगर निगम 5 साल पहले 2014 से हाउस टैक्स वसूल रहा है। मनमानी कर जबरन रेजिडेंट्स की जेबों से पैसा निकाला जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
एक संगठन ने टैक्स वसूली को ठहराया जायज
राजनगर एक्सटेंशन फेडरेशन के एक संगठन ने टैक्स वसूली को जायज ठहराया। इस संगठन के पदाधिकारियों की ओर से ही केडब्ल्यू सृष्टि में यह टैक्स कैंप लगाया था। संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक शाम चार बजे तक चले कैंप में 65 लोगों ने हाउस टैक्स जमा कराया है। नगर निगम को 2.20 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है। संस्था के पदाधिकारियों ने जल्द ही फिर टैक्स के लिए कैंप लगवाने की बात कही है।
नगर निगम जब तक सुविधा नहीं देता तब तक कैसे हाउस टैक्स दें। निगम ने बैक डेट से बिल बनाकर उस पर बकाया दिखाया है और ब्याज भी लगा दिया है। शोषण किया जा रहा है। - पराग अग्रवाल, गौर कैस्केड निवासी
नगर निगम राजनगर एक्सटेंशन में विकास कार्य और सफाई शुरू करा दे, लोगों को टैक्स देने में कोई दिक्कत नहीं होगी। जब तक काम नहीं कराएंगे, तब तक टैक्स नहीं देंगे। - मधुसूदन भारद्वाज, स्थानीय निवासी
शहर में बहुत सी ऐसी कालोनियां हैं जो सरकारी जमीन पर बसी हैं और नगर निगम उनमें विकास कार्य भी करा रहा है। बावजूद इसके वहां से टैक्स नहीं मिलता। निगम को अगर टैक्स लेना है तो पहले विकास कार्य कराने पड़ेंगे। - वीरेंद्र इंदौलिया, राजनगर एक्सटेंशन
नगर निगम राजनगर एक्सटेंशन में कोई सर्विस नहीं देता, फिर भी लोगों पर जबरन टैक्स थोपा जा रहा है। यह मनमानी नहीं चलने देंगे। बिना सुविधाएं मिले टैक्स नहीं देंगे। - ओमवीर सिंह, राजनगर एक्स
निगम अधिकारियों को टैक्स लेना है तो राजनगर एक्सटेंशन में साफ-सफाई कराए। उसे अपनी कालोनी मानें, कोई भी रेजिडेंट टैक्स देने से मना नहीं करेगा। - निर्मल कुमार, राजनगर एक्सटेंशन

जबरन टैक्स थोपने का प्रयास किया गया तो विरोध करेंगे। फिर चाहे सड़कों पर उतरना पड़े या कोर्ट जाना पड़े। यह दोहरा शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - विजय सिरोही, राजनगर एक्सटेंशन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed