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परिवहन विभाग ने 15 डग्गामार बसों के खिलाफ की कार्रवाई
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परिवहन विभाग ने 15 डग्गामार बसों के खिलाफ की कार्रवाई
गाजियाबाद। जिले में परिवहन निगम को साल में 22 करोड़ का चूना लगा रही डग्गामार बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अमर उजाला ने कई दिन तक डग्गामार बसों के खिलाफ अभियान चलाया तो अधिकारियों की नींद खुली। दूसरे दिन एआरटीओ प्रवर्तन ने 15 डग्गामार बसों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन पर दो लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। बताया कि छह बसें सीज की गई हैं। दो दिन में अब तक 25 डग्गामार बसों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।
जिले में करीब 400 से अधिक डग्गामार बसें और वैन दौड़ रही हैं। यह सभी गाड़ियां प्रतिदिन परिवहन निगम की रोडवेज बसों को करीब छह लाख रुपये का नुकसान पहुंचा रही थीं। दो दिन से लगातार अधिकारी बसों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। शुक्रवार को 10 बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई। शनिवार को एआरटीओ प्रवर्तन राजेश सिंह, आरके सिंह और सीओ ट्रैफिक महिपाल सिंह ने 15 बसों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें से छह बसों को सीज किया है। इन डग्गामार वाहनों पर दो लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। एआरटीओ आरके सिंह ने बताया कि जिले के अंदर चल रहीं डग्गामार बसों के खिलाफ अभियान चलाया गया है। दो दिन में अब तक कुल 25 बसों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। बताया कि कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- इस तरह लोगों को कर रहे हैं गुमराह
डग्गामार वाहनों ने लोगों को गुमराह करने के लिए बसों पर रोडवेज बस की तरह ही पेंट कराया हुआ है। जहां रोडवेज बसों पर उत्तर प्रदेश परिवहन लिखा होता है, उस स्थान पर डग्गामार वाहनों ने उत्तर प्रदेश परिहान निगम लिखवाया हुआ है। अधिकतर लोग उस पर गौर नहीं कर पाते हैं। रोडवेज बस समझ कर बैठ जाते हैं। इससे निगम को साल में 22 करोड़ को चूना लगाया जा रहा है।
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गाजियाबाद। जिले में परिवहन निगम को साल में 22 करोड़ का चूना लगा रही डग्गामार बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अमर उजाला ने कई दिन तक डग्गामार बसों के खिलाफ अभियान चलाया तो अधिकारियों की नींद खुली। दूसरे दिन एआरटीओ प्रवर्तन ने 15 डग्गामार बसों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन पर दो लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। बताया कि छह बसें सीज की गई हैं। दो दिन में अब तक 25 डग्गामार बसों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।
जिले में करीब 400 से अधिक डग्गामार बसें और वैन दौड़ रही हैं। यह सभी गाड़ियां प्रतिदिन परिवहन निगम की रोडवेज बसों को करीब छह लाख रुपये का नुकसान पहुंचा रही थीं। दो दिन से लगातार अधिकारी बसों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। शुक्रवार को 10 बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई। शनिवार को एआरटीओ प्रवर्तन राजेश सिंह, आरके सिंह और सीओ ट्रैफिक महिपाल सिंह ने 15 बसों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें से छह बसों को सीज किया है। इन डग्गामार वाहनों पर दो लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। एआरटीओ आरके सिंह ने बताया कि जिले के अंदर चल रहीं डग्गामार बसों के खिलाफ अभियान चलाया गया है। दो दिन में अब तक कुल 25 बसों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। बताया कि कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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- इस तरह लोगों को कर रहे हैं गुमराह
डग्गामार वाहनों ने लोगों को गुमराह करने के लिए बसों पर रोडवेज बस की तरह ही पेंट कराया हुआ है। जहां रोडवेज बसों पर उत्तर प्रदेश परिवहन लिखा होता है, उस स्थान पर डग्गामार वाहनों ने उत्तर प्रदेश परिहान निगम लिखवाया हुआ है। अधिकतर लोग उस पर गौर नहीं कर पाते हैं। रोडवेज बस समझ कर बैठ जाते हैं। इससे निगम को साल में 22 करोड़ को चूना लगाया जा रहा है।
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