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वीएमएलजी की यशस्वी बनी जिला स्तरीय संस्करण की विजेता
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वीएमएलजी की यशस्वी बनी जिला स्तरीय संस्करण की विजेता
गाजियाबाद। अमर उजाला की ओर से श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति राज्य स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता ‘विचार प्रवाह’ का जिला स्तरीय संस्करण शुक्रवार को एमएमएच डिग्री कॉलेज में आयोजित हुआ। प्रतियोगिता में भाग लेते हुए महानगर के डिग्री कॉलेजों के विद्यार्थियों ने विषय ‘देश हित में एक देश एक चुनाव’ विषय के पक्ष और विपक्ष में अपनी बेबाकी से राय रखी। प्रतियोगिता के विपक्ष में बोलते हुए अपनी वाकपटुता और हाजिर जबावी से निर्णायक मंडल पर अमिट छाप छोड़ने वाली वीएमएलजी पीजी कॉलेज की एमकॉम की छात्रा यशस्वी जनपदीय संस्करण की विजेता बनी।
विषय के विपक्ष में अपने विचारों से प्रभावित करने वाले एमएमएच डिग्री कॉलेज के एलएलबी के छात्र टेकचंद ने द्वितीय स्थान हासिल किया। विषय के पक्ष में बोलने वाले एमएमएच कॉलेज के बीए के छात्र सनोवर खान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में सांत्वना पुरस्कार एलआर पीजी कॉलेज के बीएससी के छात्र रिशु कपूर ने पक्ष और एमएम कॉलेज मोदीनगर के बीए के छात्र विशाल ठाकुर ने विपक्ष में बोलकर प्राप्त किया। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका वरिष्ठ समाजशास्त्री डॉ. जेएल रैना, डॉ. एके जैन और डॉ. गीता अग्रवाल ने निभाई।
प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि एमएमएच डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एमके जैन, विशिष्ट अतिथि डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. यूसी शर्मा व चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय सिंह ने विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार विजेता को 5000 रुपये व प्रमाण-पत्र, द्वितीय पुरस्कार विजेता को 3000 रुपये, तृतीय पुरस्कार विजेता को 2000 रुपये और दो सांत्वना पुरस्कार जीतने वाले विद्यार्थियों को 1000-1000 रुपये पुरस्कार राशि व प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। जिला स्तरीय संस्करण के विजेता प्रतिभागियों को अब मेरठ में होने वाले मंडल स्तरीय संस्करण व मंडल में विजेता प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय संस्करण में भाग लेने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता में मंच संचालन कॉलेज साहित्यिक व सांस्कृतिक परिषद की संयोजिका डॉ. ईशा शर्मा ने किया। इस मौके पर एमएमएच शिक्षक संघ अध्यक्ष व एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रकाश चौधरी, डा. आरएस यादव, डा. राशि द्विवेदी, डॉ. कामना यादव, डॉ. वंदना सेमल्टी, डॉ. आभा दुबे के साथ अधिकांश शिक्षक मौजूद रहे।
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प्रमुख डिग्री कॉलेजों के मेधावियों ने लिया भाग
श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति राज्य स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता ‘विचार प्रवाह’ में सीसीएसयू से संबद्ध जनपद के सभी प्रमुख डिग्री कॉलेजों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में एमएमएच कॉलेज के साथ वीएमएलजी से सुरभि पांडेय, कांशीराम राजकीय डिग्री कॉलेज से अंकुर व ईशा सैफी, एलआर कॉलेज से आनंद यादव, एमएम कॉलेज मोदीनगर से आशुतोष, जनता डिग्री कॉलेज पतला से काजल पूनिया व प्राची शर्मा, आईटीएस मोहननगर से रिधिमा व आकाश व एसडी डिग्री कॉलेज आशीष शर्मा व गौरव चंद ने भाग लिया।
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कोट्स: अतिथि व प्राचार्य
1. वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रतियोगिता का विषय प्रासंगिक था। हर नेता और पार्टी को देश हित में सोचने की जरूरत है। विकास के लिए समय और पैसा मूल कारक है। एक देश व एक चुनाव से करोड़ों पैसे और समय की बचत होगी। भाषण में एक ही भाषा का चयन, प्रस्तुतिकरण, आवाज में मॉड्यूलेशन, सही शब्दों व आंकड़ों का चयन जरूरी है। - डा. जेएल रैना, वरिष्ठ समाजशास्त्री
2. मंच पर आकर बोलना आसान काम नहीं है। निरंतर अभ्यास से बोलने की कला में पारंगत हुआ जा सकता है। जैसे चींटी अपना प्रयास कभी नहीं छोड़ती है, वैसे ही जीवन में जरूरत कड़ी मेहनत और प्रयास करते रहने की। इससे जीवन में सफलता जरूर मिलेगी। - डा. एमके जैन, प्राचार्य, एमएमएच डिग्री कॉलेज
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विजेताओं ने ये रखे विचार
1. सवा सौ करोड़ की जनता, 29 राज्य और केंद्र शासित राज्यों में एक देश और एक चुनाव बिल्कुल भी व्यवहारिक नहीं है। भारतीय संसदीय प्रणाली की विशेषता है, उसकी जबावदेही, लेकिन एक-देश एक चुनाव से इसका मूल स्वरूप ही खत्म हो जाएगा। जवाबदेही का अभाव देश हित में नहीं है। - यशस्वी, प्रथम स्थान, विपक्ष
2. मॉनिटर, छात्रसंघ व शिक्षक संघ का चुनाव एक साथ संभव नहीं है, वैसे ही एक देश व एक चुनाव संभव नहीं है। तीन वक्त का खाना एक वक्त में नहीं खाया जा सकता, वैसे ही एक साथ चुनाव कराना भारतीय परिप्रेक्ष्य में संभव व ठीक नहीं है। इससे संविधान का मूल ढांचा प्रभावित होगा। - टेकचंद, द्वितीय स्थान, विपक्ष
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गाजियाबाद। अमर उजाला की ओर से श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति राज्य स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता ‘विचार प्रवाह’ का जिला स्तरीय संस्करण शुक्रवार को एमएमएच डिग्री कॉलेज में आयोजित हुआ। प्रतियोगिता में भाग लेते हुए महानगर के डिग्री कॉलेजों के विद्यार्थियों ने विषय ‘देश हित में एक देश एक चुनाव’ विषय के पक्ष और विपक्ष में अपनी बेबाकी से राय रखी। प्रतियोगिता के विपक्ष में बोलते हुए अपनी वाकपटुता और हाजिर जबावी से निर्णायक मंडल पर अमिट छाप छोड़ने वाली वीएमएलजी पीजी कॉलेज की एमकॉम की छात्रा यशस्वी जनपदीय संस्करण की विजेता बनी।
विषय के विपक्ष में अपने विचारों से प्रभावित करने वाले एमएमएच डिग्री कॉलेज के एलएलबी के छात्र टेकचंद ने द्वितीय स्थान हासिल किया। विषय के पक्ष में बोलने वाले एमएमएच कॉलेज के बीए के छात्र सनोवर खान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में सांत्वना पुरस्कार एलआर पीजी कॉलेज के बीएससी के छात्र रिशु कपूर ने पक्ष और एमएम कॉलेज मोदीनगर के बीए के छात्र विशाल ठाकुर ने विपक्ष में बोलकर प्राप्त किया। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका वरिष्ठ समाजशास्त्री डॉ. जेएल रैना, डॉ. एके जैन और डॉ. गीता अग्रवाल ने निभाई।
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प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि एमएमएच डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एमके जैन, विशिष्ट अतिथि डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. यूसी शर्मा व चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय सिंह ने विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार विजेता को 5000 रुपये व प्रमाण-पत्र, द्वितीय पुरस्कार विजेता को 3000 रुपये, तृतीय पुरस्कार विजेता को 2000 रुपये और दो सांत्वना पुरस्कार जीतने वाले विद्यार्थियों को 1000-1000 रुपये पुरस्कार राशि व प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। जिला स्तरीय संस्करण के विजेता प्रतिभागियों को अब मेरठ में होने वाले मंडल स्तरीय संस्करण व मंडल में विजेता प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय संस्करण में भाग लेने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता में मंच संचालन कॉलेज साहित्यिक व सांस्कृतिक परिषद की संयोजिका डॉ. ईशा शर्मा ने किया। इस मौके पर एमएमएच शिक्षक संघ अध्यक्ष व एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रकाश चौधरी, डा. आरएस यादव, डा. राशि द्विवेदी, डॉ. कामना यादव, डॉ. वंदना सेमल्टी, डॉ. आभा दुबे के साथ अधिकांश शिक्षक मौजूद रहे।
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प्रमुख डिग्री कॉलेजों के मेधावियों ने लिया भाग
श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति राज्य स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता ‘विचार प्रवाह’ में सीसीएसयू से संबद्ध जनपद के सभी प्रमुख डिग्री कॉलेजों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में एमएमएच कॉलेज के साथ वीएमएलजी से सुरभि पांडेय, कांशीराम राजकीय डिग्री कॉलेज से अंकुर व ईशा सैफी, एलआर कॉलेज से आनंद यादव, एमएम कॉलेज मोदीनगर से आशुतोष, जनता डिग्री कॉलेज पतला से काजल पूनिया व प्राची शर्मा, आईटीएस मोहननगर से रिधिमा व आकाश व एसडी डिग्री कॉलेज आशीष शर्मा व गौरव चंद ने भाग लिया।
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कोट्स: अतिथि व प्राचार्य
1. वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रतियोगिता का विषय प्रासंगिक था। हर नेता और पार्टी को देश हित में सोचने की जरूरत है। विकास के लिए समय और पैसा मूल कारक है। एक देश व एक चुनाव से करोड़ों पैसे और समय की बचत होगी। भाषण में एक ही भाषा का चयन, प्रस्तुतिकरण, आवाज में मॉड्यूलेशन, सही शब्दों व आंकड़ों का चयन जरूरी है। - डा. जेएल रैना, वरिष्ठ समाजशास्त्री
2. मंच पर आकर बोलना आसान काम नहीं है। निरंतर अभ्यास से बोलने की कला में पारंगत हुआ जा सकता है। जैसे चींटी अपना प्रयास कभी नहीं छोड़ती है, वैसे ही जीवन में जरूरत कड़ी मेहनत और प्रयास करते रहने की। इससे जीवन में सफलता जरूर मिलेगी। - डा. एमके जैन, प्राचार्य, एमएमएच डिग्री कॉलेज
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विजेताओं ने ये रखे विचार
1. सवा सौ करोड़ की जनता, 29 राज्य और केंद्र शासित राज्यों में एक देश और एक चुनाव बिल्कुल भी व्यवहारिक नहीं है। भारतीय संसदीय प्रणाली की विशेषता है, उसकी जबावदेही, लेकिन एक-देश एक चुनाव से इसका मूल स्वरूप ही खत्म हो जाएगा। जवाबदेही का अभाव देश हित में नहीं है। - यशस्वी, प्रथम स्थान, विपक्ष
2. मॉनिटर, छात्रसंघ व शिक्षक संघ का चुनाव एक साथ संभव नहीं है, वैसे ही एक देश व एक चुनाव संभव नहीं है। तीन वक्त का खाना एक वक्त में नहीं खाया जा सकता, वैसे ही एक साथ चुनाव कराना भारतीय परिप्रेक्ष्य में संभव व ठीक नहीं है। इससे संविधान का मूल ढांचा प्रभावित होगा। - टेकचंद, द्वितीय स्थान, विपक्ष
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