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मशीनों से साफ होंगी सड़कें, निजी कंपनी को मिली जिम्मेदारी
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मशीनों से साफ होंगी सड़कें, निजी कंपनी को मिली जिम्मेदारी
गाजियाबाद। नगर निगम शहर के मुख्य मार्गों की सफाई रोड स्वीपिंग मशीनों से रात के समय में कराएगा। इससे न केवल सफाई व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि मशीनों के जरिए सफाई से प्रदूषण भी नियंत्रित होगा। नगर निगम ने इसके लिए पांच रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदी हैं, जबकि पांच मशीनें पहले से निगम के पास हैं। सफाई की यह नई व्यवस्था मार्च के पहले सप्ताह में शुरू करने की योजना है। यह मशीनें रात 11 बजे से सफाई करने सड़कों पर उतरेंगी और सुबह 6 बजे तक करेंगी।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए नगर निगम को मैकेनाइज्ड सफाई व्यवस्था को अपना जरूरी हो गया है। इसके लिए केंद्र सरकार से निगम को फंड भी मिला है। निगम के स्वास्थ्य विभाग ने पहले से मौजूद पांच रोड स्वीपिंग मशीनों को सफाई के लिए पांचों जोन में भेज दिया है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। निगम अधिकारियों ने शहर की मुख्य सड़कों के लिए पांच मशीनें और खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। मार्च के पहले सप्ताह में यह मशीनें निगम को मिल जाएंगी। इसके बाद हर जोन में दो-दो मशीनें आवंटित की जाएंगी। ताकि रोजाना सड़कों की सफाई हो सके।
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वाहन होंगे निगम के, सफाई करेगी प्राइवेट फर्म
नगर निगम रात को सड़कों की सफाई के लिए अपने कर्मचारियों को नहीं लगाएगा। इसके लिए प्राइवेट कंपनी को जिम्मेदारी दी है। इस फर्म को नगर निगम अपनी रोड स्वीपिंग मशीन देगा, कर्मचारी, डीजल का खर्च कंपनी करेगी। सफाई के लिए नगर निगम इस कंपनी को प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान करेगा।
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सड़कों को धोएगी भी कंपनी
नगर निगम ने इस बार न सिर्फ सड़कों की सफाई बल्कि धुलाई भी कराने का निर्णय लिया है। रोड स्वीपिंग मशीन के पीछे प्राइवेट कंपनी का एक टैंकर और जेटिंग मशीन रहेगी। इसके पीछे ऑटोमेटिक स्प्रे लगा होगा। यह मशीन साफ हो चुकी सड़क और डिवाइडर की धुलाई करेगा, जिससे प्रदूषण नियंत्रित होगा।
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अधिकारी बोले
मार्च के पहले सप्ताह में नगर निगम को पांच रोड स्वीपिंग मशीनों की आपूर्ति मिल जाएगी। इसके बाद हर जोन में दो-दो मशीनें हो जाएंगी। इनके जरिए रात को शहर की प्रमुख सड़कों की सफाई कराई जाएगी। इससे पीएम-10 (धूल के कण) वायुमंडल में नहीं उड़ेंगे और प्रदूषण कम होगा। - डॉ. मिथिलेश कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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गाजियाबाद। नगर निगम शहर के मुख्य मार्गों की सफाई रोड स्वीपिंग मशीनों से रात के समय में कराएगा। इससे न केवल सफाई व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि मशीनों के जरिए सफाई से प्रदूषण भी नियंत्रित होगा। नगर निगम ने इसके लिए पांच रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदी हैं, जबकि पांच मशीनें पहले से निगम के पास हैं। सफाई की यह नई व्यवस्था मार्च के पहले सप्ताह में शुरू करने की योजना है। यह मशीनें रात 11 बजे से सफाई करने सड़कों पर उतरेंगी और सुबह 6 बजे तक करेंगी।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए नगर निगम को मैकेनाइज्ड सफाई व्यवस्था को अपना जरूरी हो गया है। इसके लिए केंद्र सरकार से निगम को फंड भी मिला है। निगम के स्वास्थ्य विभाग ने पहले से मौजूद पांच रोड स्वीपिंग मशीनों को सफाई के लिए पांचों जोन में भेज दिया है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। निगम अधिकारियों ने शहर की मुख्य सड़कों के लिए पांच मशीनें और खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। मार्च के पहले सप्ताह में यह मशीनें निगम को मिल जाएंगी। इसके बाद हर जोन में दो-दो मशीनें आवंटित की जाएंगी। ताकि रोजाना सड़कों की सफाई हो सके।
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वाहन होंगे निगम के, सफाई करेगी प्राइवेट फर्म
नगर निगम रात को सड़कों की सफाई के लिए अपने कर्मचारियों को नहीं लगाएगा। इसके लिए प्राइवेट कंपनी को जिम्मेदारी दी है। इस फर्म को नगर निगम अपनी रोड स्वीपिंग मशीन देगा, कर्मचारी, डीजल का खर्च कंपनी करेगी। सफाई के लिए नगर निगम इस कंपनी को प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान करेगा।
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सड़कों को धोएगी भी कंपनी
नगर निगम ने इस बार न सिर्फ सड़कों की सफाई बल्कि धुलाई भी कराने का निर्णय लिया है। रोड स्वीपिंग मशीन के पीछे प्राइवेट कंपनी का एक टैंकर और जेटिंग मशीन रहेगी। इसके पीछे ऑटोमेटिक स्प्रे लगा होगा। यह मशीन साफ हो चुकी सड़क और डिवाइडर की धुलाई करेगा, जिससे प्रदूषण नियंत्रित होगा।
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अधिकारी बोले
मार्च के पहले सप्ताह में नगर निगम को पांच रोड स्वीपिंग मशीनों की आपूर्ति मिल जाएगी। इसके बाद हर जोन में दो-दो मशीनें हो जाएंगी। इनके जरिए रात को शहर की प्रमुख सड़कों की सफाई कराई जाएगी। इससे पीएम-10 (धूल के कण) वायुमंडल में नहीं उड़ेंगे और प्रदूषण कम होगा। - डॉ. मिथिलेश कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी