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प्लेटिनम साफ्टेक के निदेशक समेत छह पर मुकदमा दर्ज
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प्लेटिनम साफ्टेक के निदेशक समेत छह पर मुकदमा दर्ज
गाजियाबाद। आम्रपाली ग्रुप में फ्लैट दिलाने और उसी फ्लैट को दो लोगों को बेचने के मामले में प्लेटिनम सॉफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक समेत छह लोगों ने एक कारोबारी से तीन करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के प्लेटिनम सॉफ्टेक के निदेशक समेत छह लोगों को खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
शास्त्री नगर निवासी अमित गुप्ता का कहना है कि 2014 में आम्रपाली ग्रुप ने नोएडा एक्सटेंशन में प्रोजेक्ट लांच किया था। ग्रुप के एक एजेंट ने फ्लैट खरीदने की स्कीम को समझाया और आर्थिक सहायता में फ्लैट बेचने की बात कही। साथ ही फ्लैट का कब्जा नहीं होने तक लोन की किस्त और प्रति माह 18 हजार रुपये किराए के रूप में देने का झांसा दिया। स्कीम समझकर पीड़ित ने मेसर्स प्लेटिनम साफ्टेक प्रा. लि प्रोजेक्ट में 1,56,35,125 रुपये में बुक कर दिया। फ्लैट की बुकिंग रकम 40,95,000 रुपये बैंक से दे दी। एजेंट ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से लोन कराने की बात कहकर बैंक के कर्मचारी को भेज दिया जो पीड़ित से मूल दस्तावेज ले गया और 94 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराया। पीड़ित का कहना है कि बिल्डर को तीन साल में फ्लैट का कब्जा देना था लेकिन बिल्डर ने कब्जा नहीं दिया। कुछ समय बाद पीड़ित ने मौके पर जाकर देखा तो पता चला कि उस फ्लैट को बिल्डर ने 1,39,02,813 रुपये में किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया था। आरोप है कि कंपनी ने इसी तरह से सैकड़ों लोगों में से 200 करोड़ रुपये की ठगी की है। वहीं आरोपियों द्वारा न तो लोन की किस्त दी जा रही है और न ही किराया दिया गया। रुपये वापस मांगने पर आरोपी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित ने तीन करोड़ की धोखाधड़ी करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोर्ट का सहारा लिया। कविनगर थाना प्रभारी आनंद प्रकाश मिश्रा का कहना है कि इस मामले में प्लेटिनम साफ्टेक के निदेशक, वैभव जैन, पंकज जैन, अमित वाधवा, संकल्प शुक्ला और दीपक कुमार गर्ग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मामले की जांच की जा रही है।
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गाजियाबाद। आम्रपाली ग्रुप में फ्लैट दिलाने और उसी फ्लैट को दो लोगों को बेचने के मामले में प्लेटिनम सॉफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक समेत छह लोगों ने एक कारोबारी से तीन करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के प्लेटिनम सॉफ्टेक के निदेशक समेत छह लोगों को खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
शास्त्री नगर निवासी अमित गुप्ता का कहना है कि 2014 में आम्रपाली ग्रुप ने नोएडा एक्सटेंशन में प्रोजेक्ट लांच किया था। ग्रुप के एक एजेंट ने फ्लैट खरीदने की स्कीम को समझाया और आर्थिक सहायता में फ्लैट बेचने की बात कही। साथ ही फ्लैट का कब्जा नहीं होने तक लोन की किस्त और प्रति माह 18 हजार रुपये किराए के रूप में देने का झांसा दिया। स्कीम समझकर पीड़ित ने मेसर्स प्लेटिनम साफ्टेक प्रा. लि प्रोजेक्ट में 1,56,35,125 रुपये में बुक कर दिया। फ्लैट की बुकिंग रकम 40,95,000 रुपये बैंक से दे दी। एजेंट ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से लोन कराने की बात कहकर बैंक के कर्मचारी को भेज दिया जो पीड़ित से मूल दस्तावेज ले गया और 94 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराया। पीड़ित का कहना है कि बिल्डर को तीन साल में फ्लैट का कब्जा देना था लेकिन बिल्डर ने कब्जा नहीं दिया। कुछ समय बाद पीड़ित ने मौके पर जाकर देखा तो पता चला कि उस फ्लैट को बिल्डर ने 1,39,02,813 रुपये में किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया था। आरोप है कि कंपनी ने इसी तरह से सैकड़ों लोगों में से 200 करोड़ रुपये की ठगी की है। वहीं आरोपियों द्वारा न तो लोन की किस्त दी जा रही है और न ही किराया दिया गया। रुपये वापस मांगने पर आरोपी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित ने तीन करोड़ की धोखाधड़ी करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोर्ट का सहारा लिया। कविनगर थाना प्रभारी आनंद प्रकाश मिश्रा का कहना है कि इस मामले में प्लेटिनम साफ्टेक के निदेशक, वैभव जैन, पंकज जैन, अमित वाधवा, संकल्प शुक्ला और दीपक कुमार गर्ग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मामले की जांच की जा रही है।
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