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संक्रमण कम होने के बाद जांच भी हुई कम
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संक्रमण कम होने के बाद जांच भी हुई कम
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर फरवरी महीने में तेजी से कम होने लगी है। 12 दिन में 1235 मरीज मिले हैं, जबकि जनवरी में एक दिन में 2360 मरीजों की पुष्टि हुई थी। संक्रमण होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच भी कम कर दी है। शुक्रवार को सिर्फ 5486 लोगों ने जांच कराई थी। इनमें सिर्फ 40 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इलाज के बाद 24 घंटे में 99 लोगों को पोर्टल से डिस्चार्ज किया गया है। पांच मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती थे। इस समय जिले में सिर्फ 473 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें 16 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।
एक सप्ताह से नहीं हुई कोई मौत
कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी होने के साथ ही जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत का सिलसिला भी थम गया है। एक सप्ताह से जिले में किसी संक्रमित की मौत नहीं हुई है। 16 जनवरी को तीसरी लहर में पहली मौत हुई थी। चार फरवरी तक 12 लोग काल का ग्रास बन चुके थे। मृतकों में बुजुर्गों के अलावा किशोर, युवक और युवती भी शामिल थे।
जांच कराने से बचने लगे हैं लोग
डीएसओ डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि कोरोना संक्रमण कम होने के बाद अब लोग जांच कराने से भी बचने लगे हैं। इस कारण से चालीस फीसदी जांच में कमी आ गई है। अब अगर कहीं टीम जांच शिविर लगाने की बात करती है तो लोग इनकार कर देते हैं। अब तो वही लोग जांच करा रहे हैं, जिनको इलेक्शन ड्यूटी, कॉलेज में स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, नौकरी में छुट्टी के बाद ज्वाइनिंग करने पर अनिवार्य किए जाने पर, अस्पताल में भर्ती होने, किसी भी तरह का ऑपरेशन कराने, किसी भी अपराध में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद अदालत में पेश करने से पहले जांच कराई जा रही है। जबकि पहले सामान्य सर्दी, जुकाम और बुखार होने पर भी लोग जांच कराने के लिए पहुंच जाते थे और लाइन लगकर इंतजार करते थे।
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संक्रमण हुआ कम, खतरा बरकरार
तीसरी लहर पूरी तरह से नियंत्रण में आ गई है, लेकिन अभी सतर्क रहने की जरूरत है। यह जरूरी नहीं है कि सिर्फ बुजुर्ग या बच्चे के प्रति सावधानी बरतने की जरूरत है। सबसे अधिक खतरा युवा वर्ग को है, क्योंकि यह लोग सबसे ज्यादा घर से बाहर रहते हैं। लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना चाहिए।
डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ
फरवरी में जांच, संक्रमित, स्वस्थ और सक्रिय मरीजों की स्थिति
तारीख - जांच - संक्रमित - स्वस्थ हुए - सक्रिय
12 फरवरी - 5486 - 40 -90 - 465
11 फरवरी - 781 - 63 - 98 - 524
10 फरवरी -5835 - 104 -180 - 560
9 फरवरी - 5744- 46 - 165 - 644
8 फरवरी -6622 - 109 - 182 - 767
7 फरवरी -6509 - 97 - 164 - 842
6 फरवरी - 6413 - 110 - 251- 915
5 फरवरी -6711 - 149 - 317 - 1060
4 फरवरी - 6732 - 151- 437 - 1228
3 फरवरी -7400 - 184 - 139 - 1526
2 फरवरी - 7110 - 174 - 502 - 1489
1 फरवरी - 7165 - 226 - 476 - 1830
दूसरी लहर के बाद से अब तक का विवरण
माह - कुल जांच - केस - संक्रमण दर (प्रतिशत में)
फरवरी - 81145 -1235 -1.52
जनवरी -271781 - 27052 - 9.96
दिसंबर - 171316 - 237 -1.62
नवंबर - 83540 - 06 - 0.01
अक्तूबर -138952 -14 - 0.01
सितंबर -149513 -18 - 0.01
अगस्त -120039 - 26 - 0.02
जुलाई -133121 - 65- 0.05
जून -171737 - 324 - 0.23
तीसरी लहर में हुई 12 लोगों की मौत
मृत्यु - उम्र - क्षेत्र - बीमारी
चार फरवरी - 88 वर्षीय बुजुर्ग, नेहरूनगर निवासी, हृदय रोगी और हाइपरटेंशन और डायबिटिक
01 फरवरी - 28 वर्ष युवती - सरल कुंज इंदिरापुरी लोनी - फेफड़े और लिवर में पहले से संक्रमण
31जनवरी - 71 वर्ष बुजुर्ग - आशियाना रेजीडेंसी एनएच-24- कैंसर और हाइपरटेंशन
29 जनवरी- 78 वर्ष बुजुर्ग - कृष्णा नगर - हृदय, मधुमेह और पक्षाघात के बाद सांस लेने में परेशानी
26 जनवरी - 79 वर्ष बुजुर्ग - मसूरी - हृदय व मधुमेह, संक्रमित होने पर सांस लेने में परेशानी
24 जनवरी - 69 वर्ष बुजुर्ग - नंदग्राम - हृदय व मधुमेह की बीमारी, संक्रमित होने पर सांस लेने में परेशानी
24 जनवरी - 81 वर्ष बुजुर्ग - वैभव खंड इंदिरापुरम - हृदय व मधुमेह की बीमारी, संक्रमित होने पर सांस लेने में परेशानी
23 जनवरी - 17 वर्ष किशोर - मोदीनगर - पूर्व में टीबी, संक्रमित होने पर सांस लेने में परेशानी
22 जनवरी - 40 वर्ष महिला - लोनी - हेपेटाइटिस और संक्रमण, कोरोना संक्रमित होने पर सांस लेने में परेशानी
20 जनवरी - 31 वर्ष युवक - डासना - गंभीर टीबी का मरी, संक्रमित होने पर सांस लेने में परेशानी
20 जनवरी - 79 वर्ष बुजुर्ग - कविनगर - फेफड़े का कैंसर, संक्रमित होने पर सांस लेने में परेशानी
16 जनवरी - 55 वर्ष पुरुष मोदीनगर - लिवर में संक्रमण, संक्रमित होने पर सांस लेने में परेशानी
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गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर फरवरी महीने में तेजी से कम होने लगी है। 12 दिन में 1235 मरीज मिले हैं, जबकि जनवरी में एक दिन में 2360 मरीजों की पुष्टि हुई थी। संक्रमण होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच भी कम कर दी है। शुक्रवार को सिर्फ 5486 लोगों ने जांच कराई थी। इनमें सिर्फ 40 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इलाज के बाद 24 घंटे में 99 लोगों को पोर्टल से डिस्चार्ज किया गया है। पांच मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती थे। इस समय जिले में सिर्फ 473 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें 16 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।
एक सप्ताह से नहीं हुई कोई मौत
कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी होने के साथ ही जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत का सिलसिला भी थम गया है। एक सप्ताह से जिले में किसी संक्रमित की मौत नहीं हुई है। 16 जनवरी को तीसरी लहर में पहली मौत हुई थी। चार फरवरी तक 12 लोग काल का ग्रास बन चुके थे। मृतकों में बुजुर्गों के अलावा किशोर, युवक और युवती भी शामिल थे।
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जांच कराने से बचने लगे हैं लोग
डीएसओ डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि कोरोना संक्रमण कम होने के बाद अब लोग जांच कराने से भी बचने लगे हैं। इस कारण से चालीस फीसदी जांच में कमी आ गई है। अब अगर कहीं टीम जांच शिविर लगाने की बात करती है तो लोग इनकार कर देते हैं। अब तो वही लोग जांच करा रहे हैं, जिनको इलेक्शन ड्यूटी, कॉलेज में स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, नौकरी में छुट्टी के बाद ज्वाइनिंग करने पर अनिवार्य किए जाने पर, अस्पताल में भर्ती होने, किसी भी तरह का ऑपरेशन कराने, किसी भी अपराध में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद अदालत में पेश करने से पहले जांच कराई जा रही है। जबकि पहले सामान्य सर्दी, जुकाम और बुखार होने पर भी लोग जांच कराने के लिए पहुंच जाते थे और लाइन लगकर इंतजार करते थे।
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संक्रमण हुआ कम, खतरा बरकरार
तीसरी लहर पूरी तरह से नियंत्रण में आ गई है, लेकिन अभी सतर्क रहने की जरूरत है। यह जरूरी नहीं है कि सिर्फ बुजुर्ग या बच्चे के प्रति सावधानी बरतने की जरूरत है। सबसे अधिक खतरा युवा वर्ग को है, क्योंकि यह लोग सबसे ज्यादा घर से बाहर रहते हैं। लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना चाहिए।
डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ
फरवरी में जांच, संक्रमित, स्वस्थ और सक्रिय मरीजों की स्थिति
तारीख - जांच - संक्रमित - स्वस्थ हुए - सक्रिय
12 फरवरी - 5486 - 40 -90 - 465
11 फरवरी - 781 - 63 - 98 - 524
10 फरवरी -5835 - 104 -180 - 560
9 फरवरी - 5744- 46 - 165 - 644
8 फरवरी -6622 - 109 - 182 - 767
7 फरवरी -6509 - 97 - 164 - 842
6 फरवरी - 6413 - 110 - 251- 915
5 फरवरी -6711 - 149 - 317 - 1060
4 फरवरी - 6732 - 151- 437 - 1228
3 फरवरी -7400 - 184 - 139 - 1526
2 फरवरी - 7110 - 174 - 502 - 1489
1 फरवरी - 7165 - 226 - 476 - 1830
दूसरी लहर के बाद से अब तक का विवरण
माह - कुल जांच - केस - संक्रमण दर (प्रतिशत में)
फरवरी - 81145 -1235 -1.52
जनवरी -271781 - 27052 - 9.96
दिसंबर - 171316 - 237 -1.62
नवंबर - 83540 - 06 - 0.01
अक्तूबर -138952 -14 - 0.01
सितंबर -149513 -18 - 0.01
अगस्त -120039 - 26 - 0.02
जुलाई -133121 - 65- 0.05
जून -171737 - 324 - 0.23
तीसरी लहर में हुई 12 लोगों की मौत
मृत्यु - उम्र - क्षेत्र - बीमारी
चार फरवरी - 88 वर्षीय बुजुर्ग, नेहरूनगर निवासी, हृदय रोगी और हाइपरटेंशन और डायबिटिक
01 फरवरी - 28 वर्ष युवती - सरल कुंज इंदिरापुरी लोनी - फेफड़े और लिवर में पहले से संक्रमण
31जनवरी - 71 वर्ष बुजुर्ग - आशियाना रेजीडेंसी एनएच-24- कैंसर और हाइपरटेंशन
29 जनवरी- 78 वर्ष बुजुर्ग - कृष्णा नगर - हृदय, मधुमेह और पक्षाघात के बाद सांस लेने में परेशानी
26 जनवरी - 79 वर्ष बुजुर्ग - मसूरी - हृदय व मधुमेह, संक्रमित होने पर सांस लेने में परेशानी
24 जनवरी - 69 वर्ष बुजुर्ग - नंदग्राम - हृदय व मधुमेह की बीमारी, संक्रमित होने पर सांस लेने में परेशानी
24 जनवरी - 81 वर्ष बुजुर्ग - वैभव खंड इंदिरापुरम - हृदय व मधुमेह की बीमारी, संक्रमित होने पर सांस लेने में परेशानी
23 जनवरी - 17 वर्ष किशोर - मोदीनगर - पूर्व में टीबी, संक्रमित होने पर सांस लेने में परेशानी
22 जनवरी - 40 वर्ष महिला - लोनी - हेपेटाइटिस और संक्रमण, कोरोना संक्रमित होने पर सांस लेने में परेशानी
20 जनवरी - 31 वर्ष युवक - डासना - गंभीर टीबी का मरी, संक्रमित होने पर सांस लेने में परेशानी
20 जनवरी - 79 वर्ष बुजुर्ग - कविनगर - फेफड़े का कैंसर, संक्रमित होने पर सांस लेने में परेशानी
16 जनवरी - 55 वर्ष पुरुष मोदीनगर - लिवर में संक्रमण, संक्रमित होने पर सांस लेने में परेशानी
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