{"_id":"61df25ff01bba56f801fbc9d","slug":"ghaziyabad-ghaziabad-news-gbd232614615","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई के बाद अब ऑनलाइन एग्जाम कराने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई के बाद अब ऑनलाइन एग्जाम कराने की तैयारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई के बाद अब ऑनलाइन एग्जाम कराने की तैयारी
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध डिग्री कॉलेजों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हो गई हैं। पढ़ाई के बाद विवि ने ऑनलाइन एग्जाम कराने की दिशा में तैयारी शुरू कर दी है। विवि ने ऑनलाइन सेमेस्टर परीक्षाएं कराने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। सीसीएसयू सहित अन्य विवि के प्रस्ताव पर मंथन के बाद उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा जल्द निर्णय ले सकते हैं। शासन से अगर हरी झंडी मिलती है तो पहले सेमेस्टर और फिर ऑनलाइन वार्षिक परीक्षाएं होंगी।
---
पेपर की डेढ़ घंटा हो सकती है समयावधि:
सीसीएसयू ने कोरोना की गंभीर स्थिति के मद्देनजर ऑनलाइन एग्जाम कराने की दिशा में कदम उठाया है। पूर्व में विवि ने ऑफलाइन सेमेस्टर एग्जाम को जनवरी माह के आखिर तक शुरू कराने की योजना तैयार की थी। विवि के प्रस्ताव को अगर एक हफ्ते के अंदर स्वीकृति मिल जाती है तो ऑनलाइन एग्जाम कराने की दिशा में कार्रवाई शुरू हो जाएगी। पूर्व की तरह पेपर की समयावधि डेढ़ घंटा हो सकती है। पेपर पैटर्न के बारे में आगे निर्णय लिया जा सकता है।
---
गांव देहात के छात्रों के सामने इंटरनेट बड़ी बाधा:
कोरोना काल में ऑनलाइन एग्जाम कराने का निर्णय सटीक बैठता है। लेकिन ऑनलाइन एग्जाम कराने की व्यवस्था में कई व्यवहारिक दिक्कतें भी हैं। सीसीएसयू से संबद्ध महानगर के डिग्री कॉलेजों में 50 फीसदी से अधिक विद्यार्थी गांव देहात क्षेत्र से आते हैं। सबसे पहले छात्रों के सामने इंटरनेट डाटा संबंधी समस्या है। दूसरी ओर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के पास लैपटॉप व कंप्यूटर सिस्टम का अभाव है। दूसरी ओर विवि से जुड़े कॉलेजों में इतनी बड़ी लैब नहीं है, जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी एग्जाम दे सकें। पूर्व में भी इन बाधाओं से विद्यार्थी जूझ चुके हैं।
विज्ञापन
---
नहीं टालनी पड़ेंगी परीक्षा, समय से घोषित होगा परिणाम:
ऑनलाइन एग्जाम की व्यवस्था अगर लागू होती है तो सीसीएसयू को सेमेस्टर और वार्षिक परीक्षाएं नहीं टालनी होंगी। समय से परीक्षा होने से वक्त पर परिणाम घोषित हो सकेगा। ऐसे में आगामी सेमेस्टर की कक्षाएं समय से विधिवत रूप से शुरू हो सकेंगी।
---
आंतरिक परीक्षा के मूल्यांकन का एक और विकल्प:
ऑनलाइन परीक्षा कराने का विवि का निर्णय छात्रहित में होगा है। अधिकांश छात्र घर से ही ऑनलाइन एग्जाम दे सकते हैं। गांव के ऐसे छात्र जिन्हें इंटरनेट डाटा और सिस्टम संबंधी दिक्कतें हैं, उन्हें कॉलेज की लैब में एग्जाम देने की छूट दी जानी चाहिए। दूसरा ऑनलाइन की जगह आंतरिक परीक्षा के मूल्यांकन के आधार पर परिणाम जारी करने का विकल्प अपनाया जा सकता है। -- पीयूष चौहान, प्राचार्य, एमएमएच डिग्री कॉलेज
---
विज्ञापन
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध डिग्री कॉलेजों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हो गई हैं। पढ़ाई के बाद विवि ने ऑनलाइन एग्जाम कराने की दिशा में तैयारी शुरू कर दी है। विवि ने ऑनलाइन सेमेस्टर परीक्षाएं कराने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। सीसीएसयू सहित अन्य विवि के प्रस्ताव पर मंथन के बाद उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा जल्द निर्णय ले सकते हैं। शासन से अगर हरी झंडी मिलती है तो पहले सेमेस्टर और फिर ऑनलाइन वार्षिक परीक्षाएं होंगी।
---
पेपर की डेढ़ घंटा हो सकती है समयावधि:
सीसीएसयू ने कोरोना की गंभीर स्थिति के मद्देनजर ऑनलाइन एग्जाम कराने की दिशा में कदम उठाया है। पूर्व में विवि ने ऑफलाइन सेमेस्टर एग्जाम को जनवरी माह के आखिर तक शुरू कराने की योजना तैयार की थी। विवि के प्रस्ताव को अगर एक हफ्ते के अंदर स्वीकृति मिल जाती है तो ऑनलाइन एग्जाम कराने की दिशा में कार्रवाई शुरू हो जाएगी। पूर्व की तरह पेपर की समयावधि डेढ़ घंटा हो सकती है। पेपर पैटर्न के बारे में आगे निर्णय लिया जा सकता है।
विज्ञापन
---
गांव देहात के छात्रों के सामने इंटरनेट बड़ी बाधा:
कोरोना काल में ऑनलाइन एग्जाम कराने का निर्णय सटीक बैठता है। लेकिन ऑनलाइन एग्जाम कराने की व्यवस्था में कई व्यवहारिक दिक्कतें भी हैं। सीसीएसयू से संबद्ध महानगर के डिग्री कॉलेजों में 50 फीसदी से अधिक विद्यार्थी गांव देहात क्षेत्र से आते हैं। सबसे पहले छात्रों के सामने इंटरनेट डाटा संबंधी समस्या है। दूसरी ओर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के पास लैपटॉप व कंप्यूटर सिस्टम का अभाव है। दूसरी ओर विवि से जुड़े कॉलेजों में इतनी बड़ी लैब नहीं है, जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी एग्जाम दे सकें। पूर्व में भी इन बाधाओं से विद्यार्थी जूझ चुके हैं।
विज्ञापन
---
नहीं टालनी पड़ेंगी परीक्षा, समय से घोषित होगा परिणाम:
ऑनलाइन एग्जाम की व्यवस्था अगर लागू होती है तो सीसीएसयू को सेमेस्टर और वार्षिक परीक्षाएं नहीं टालनी होंगी। समय से परीक्षा होने से वक्त पर परिणाम घोषित हो सकेगा। ऐसे में आगामी सेमेस्टर की कक्षाएं समय से विधिवत रूप से शुरू हो सकेंगी।
---
आंतरिक परीक्षा के मूल्यांकन का एक और विकल्प:
ऑनलाइन परीक्षा कराने का विवि का निर्णय छात्रहित में होगा है। अधिकांश छात्र घर से ही ऑनलाइन एग्जाम दे सकते हैं। गांव के ऐसे छात्र जिन्हें इंटरनेट डाटा और सिस्टम संबंधी दिक्कतें हैं, उन्हें कॉलेज की लैब में एग्जाम देने की छूट दी जानी चाहिए। दूसरा ऑनलाइन की जगह आंतरिक परीक्षा के मूल्यांकन के आधार पर परिणाम जारी करने का विकल्प अपनाया जा सकता है। -- पीयूष चौहान, प्राचार्य, एमएमएच डिग्री कॉलेज
---